शक संवत और भारत का राष्ट्रीय कैलेंडर

शक संवत 78 ईस्वी से गिना जाता है। इसी पर बना राष्ट्रीय कैलेंडर 22 मार्च 1957 से भारत सरकार के कामकाज में ग्रेगोरियन कैलेंडर के साथ चलता है। पंचांग में शक संवत महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और गोवा में ज़्यादा चलता है।

आश्विन

1948 शक

23 सितंबर 2026 – 22 अक्टूबर 2026

123 सित224 सित325 सित426 सित527 सित628 सित729 सित830 सित91 अक्टू102 अक्टू113 अक्टू124 अक्टू135 अक्टू146 अक्टू157 अक्टू168 अक्टू179 अक्टू1810 अक्टू1911 अक्टू2012 अक्टू2113 अक्टू2214 अक्टू2315 अक्टू2416 अक्टू2517 अक्टू2618 अक्टू2719 अक्टू2820 अक्टू2921 अक्टू3022 अक्टू

एक नज़र में

गिनती की शुरुआत
78 ईस्वी
ईस्वी सन् से
78 साल पीछे (नए साल से पहले 79)
राष्ट्रीय कैलेंडर लागू
22 मार्च 1957, यानी 1 चैत्र 1879 शक
नया साल (राष्ट्रीय कैलेंडर)
22 मार्च; लीप वर्ष में 21 मार्च
नया साल (पंचांग)
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा: गुड़ी पड़वा, उगादी

राष्ट्रीय कैलेंडर: शक 1948 के महीने

शक 1948 के महीने
महीनादिनकब सेकब तक
चैत्र3022 मार्च 202620 अप्रैल 2026
वैशाख3121 अप्रैल 202621 मई 2026
ज्येष्ठ3122 मई 202621 जून 2026
आषाढ़3122 जून 202622 जुलाई 2026
श्रावण3123 जुलाई 202622 अगस्त 2026
भाद्र3123 अगस्त 202622 सितंबर 2026
आश्विन3023 सितंबर 202622 अक्टूबर 2026
कार्तिक3023 अक्टूबर 202621 नवंबर 2026
अग्रहायण3022 नवंबर 202621 दिसंबर 2026
पौष3022 दिसंबर 202620 जनवरी 2027
माघ3021 जनवरी 202719 फ़रवरी 2027
फाल्गुन3020 फ़रवरी 202721 मार्च 2027

जिस साल शक वर्ष में 78 जोड़ने पर लीप वर्ष बनता है, उस साल चैत्र 31 दिन का होता है और 21 मार्च से शुरू होता है।

दो तरह का शक संवत

राष्ट्रीय कैलेंडर सौर है और इसके महीनों के दिन तय हैं: चैत्र 30 दिन का (लीप वर्ष में 31), वैशाख से भाद्र तक के पाँच महीने 31-31 दिन के और आश्विन से फाल्गुन तक के छह महीने 30-30 दिन के। इसे 1952 में बनी कैलेंडर सुधार समिति की सिफ़ारिश पर अपनाया गया, जिसके अध्यक्ष वैज्ञानिक मेघनाद साहा थे। भारत का राजपत्र, आकाशवाणी के समाचार और सरकारी कैलेंडर इसकी तारीख़ें देते हैं।

पंचांग वाला शक संवत, जिसे शालिवाहन शक भी कहते हैं, चंद्र-सौर है। इसके महीने अमावस्या पर पूरे होते हैं और साल चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से शुरू होता है। इसके महीने अमांत पंचांग में देखें।

परंपरा शक संवत को राजा शालिवाहन से जोड़ती है, जबकि कई इतिहासकार इसकी शुरुआत कुषाण राजा कनिष्क के राज्यारोहण से मानते हैं। इससे 135 साल आगे विक्रम संवत चलता है।

पंचांग में शक संवत का नया साल
शक संवतचैत्र शुक्ल प्रतिपदा (गुड़ी पड़वा, उगादी)
19469 अप्रैल 2024
194730 मार्च 2025
194819 मार्च 2026
19497 अप्रैल 2027
195027 मार्च 2028

इससे जुड़े कैलेंडर

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

आज शक संवत के अनुसार क्या तारीख़ है?

10 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय कैलेंडर में 18 आश्विन 1948 शक है।

ईस्वी सन् से शक संवत कैसे निकालें?

ईस्वी सन् में से 78 घटा दें: 2026 − 78 = 1948। तारीख़ 1 जनवरी और 21 मार्च के बीच की हो तो 79 घटाएँ, क्योंकि तब तक नया शक वर्ष शुरू नहीं हुआ होता।

राष्ट्रीय कैलेंडर का नया साल कब होता है?

22 मार्च को, और लीप वर्ष में 21 मार्च को। शक 1949 22 मार्च 2027 से शुरू होगा।

शक संवत और विक्रम संवत में क्या अंतर है?

दोनों में 135 साल का अंतर है। शक संवत 1948 और विक्रम संवत 2083 एक ही साल हैं।

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