विक्रम संवत 2083
विक्रम संवत उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत का सबसे प्रचलित संवत है, और नेपाल का राजकीय कैलेंडर भी। यह ईस्वी सन् से 57 साल आगे चलता है। इसके महीने चंद्रमा से चलते हैं और साल को सूर्य के साथ रखा जाता है।
- गिनती की शुरुआत
- 57 ईसा पूर्व
- ईस्वी सन् से
- 57 साल आगे (नए साल से पहले 56)
- नया साल
- चैत्र शुक्ल प्रतिपदा; गुजरात में कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा
- महीने
- 12 चंद्र मास; लगभग हर तीसरे साल एक अधिक मास
- कहाँ चलता है
- उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत; नेपाल
विक्रम संवत के साल कब शुरू होते हैं
| विक्रम संवत | चैत्र शुक्ल प्रतिपदा | गुजरात में (कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा) |
|---|---|---|
| 2081 | 9 अप्रैल 2024 | 2 नवंबर 2024 |
| 2082 | 30 मार्च 2025 | 22 अक्टूबर 2025 |
| 2083 | 19 मार्च 2026 | 10 नवंबर 2026 |
| 2084 | 7 अप्रैल 2027 | 30 अक्टूबर 2027 |
| 2085 | 27 मार्च 2028 | 18 अक्टूबर 2028 |
ज़्यादातर भारत में संवत चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को बदलता है। इसी दिन महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा और कर्नाटक, आंध्र प्रदेश व तेलंगाना में उगादी मनाई जाती है। गुजरात में साल दिवाली के अगले दिन बदलता है, इसलिए वहाँ वही संवत करीब सात महीने बाद शुरू होता है।
विक्रम संवत 2083 के महीने
| महीना | कब से | कब तक | दिन |
|---|---|---|---|
| चैत्र (शुक्ल पक्ष) | 19 मार्च 2026 | 2 अप्रैल 2026 | 15 |
| वैशाख | 3 अप्रैल 2026 | 1 मई 2026 | 29 |
| ज्येष्ठ (कृष्ण पक्ष) | 2 मई 2026 | 16 मई 2026 | 15 |
| अधिक ज्येष्ठ | 17 मई 2026 | 15 जून 2026 | 30 |
| ज्येष्ठ (शुक्ल पक्ष) | 16 जून 2026 | 30 जून 2026 | 15 |
| आषाढ़ | 1 जुलाई 2026 | 29 जुलाई 2026 | 29 |
| श्रावण | 30 जुलाई 2026 | 28 अगस्त 2026 | 30 |
| भाद्रपद | 29 अगस्त 2026 | 26 सितंबर 2026 | 29 |
| आश्विन | 27 सितंबर 2026 | 26 अक्टूबर 2026 | 30 |
| कार्तिक | 27 अक्टूबर 2026 | 24 नवंबर 2026 | 29 |
| मार्गशीर्ष | 25 नवंबर 2026 | 23 दिसंबर 2026 | 29 |
| पौष | 24 दिसंबर 2026 | 22 जनवरी 2027 | 30 |
| माघ | 23 जनवरी 2027 | 20 फ़रवरी 2027 | 29 |
| फाल्गुन | 21 फ़रवरी 2027 | 22 मार्च 2027 | 30 |
| चैत्र (कृष्ण पक्ष) | 23 मार्च 2027 | 6 अप्रैल 2027 | 15 |
उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा के अगले दिन बदलता है, पर साल चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से, इसलिए साल चैत्र के शुक्ल पक्ष से शुरू होकर अगले चैत्र के कृष्ण पक्ष पर पूरा होता है। तारीख़ें दिल्ली के सूर्योदय के अनुसार हैं। अमावस्या पर पूरे होने वाले महीने अमांत पंचांग में देखें।
यह कैसे चलता है
विक्रम संवत चंद्र-सौर कैलेंडर है। महीना चंद्रमा के एक चक्र का होता है, लगभग साढ़े 29 दिन का, इसलिए 12 महीनों का साल करीब 354 दिन का बनता है। सूर्य के साल से तालमेल रखने के लिए लगभग हर ढाई-तीन साल में एक अधिक मास जोड़ा जाता है।
परंपरा इस संवत को उज्जैन के राजा विक्रमादित्य से जोड़ती है। नेपाल में यही संवत राजकीय कैलेंडर है, पर वहाँ इसके महीने सूर्य से चलते हैं और साल बैसाख से, अप्रैल के मध्य में, शुरू होता है।
विक्रम संवत से 135 साल पीछे शक संवत चलता है। इस संवत के हर दिन की तिथि और त्योहार हिन्दू कैलेंडर में देखें।
इससे जुड़े कैलेंडर
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अभी कौन सा विक्रम संवत चल रहा है?
10 अक्टूबर 2026 को विक्रम संवत 2083 चल रहा है। यह 19 मार्च 2026 को शुरू हुआ था। विक्रम संवत 2084 7 अप्रैल 2027 से शुरू होगा।
ईस्वी सन् से विक्रम संवत कैसे निकालें?
ईस्वी सन् में 57 जोड़ दें: 2026 + 57 = 2083। तारीख़ 1 जनवरी और चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (मार्च-अप्रैल) के बीच की हो तो 56 जोड़ें, क्योंकि तब तक नया संवत शुरू नहीं हुआ होता।
विक्रम संवत का नया साल कब होता है?
ज़्यादातर भारत में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को, जो मार्च या अप्रैल में पड़ती है। गुजरात में नया साल दिवाली के अगले दिन, कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को होता है।
विक्रम संवत और शक संवत में क्या अंतर है?
दोनों में 135 साल का अंतर है। विक्रम संवत 57 ईसा पूर्व से गिना जाता है और शक संवत 78 ईस्वी से, इसलिए विक्रम संवत 2083 और शक संवत 1948 एक ही साल हैं।
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