कल का पंचांग

11 अक्टूबर 2026, रविवार को आश्विन मास की शुक्ल प्रतिपदा तिथि है, जो 9:30 PM तक रहेगी। नक्षत्र चित्रा और योग वैधृति है। दिल्ली में राहु काल 4:29 PM – 5:56 PM है और अभिजित मुहूर्त 11:44 AM – 12:31 PM।

शुभ और अशुभ समय

राहु काल
4:29 PM – 5:56 PM
यमगंड
12:08 PM – 1:35 PM
गुलिक काल
3:02 PM – 4:29 PM

सभी समय दिल्ली के लिए भारतीय समय (IST) में हैं। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल में नया काम शुरू करना टाला जाता है; अभिजित मुहूर्त दिन का सबसे अच्छा समय माना जाता है।

चौघड़िया

दिन का चौघड़िया
दिन का चौघड़ियास्वभावसमय
उद्वेगअशुभ6:19 AM – 7:46 AM
चरसामान्य7:46 AM – 9:13 AM
लाभशुभ9:13 AM – 10:40 AM
अमृतशुभ10:40 AM – 12:08 PM
कालअशुभ12:08 PM – 1:35 PM
शुभशुभ1:35 PM – 3:02 PM
रोगअशुभ3:02 PM – 4:29 PM
उद्वेगअशुभ4:29 PM – 5:56 PM
रात का चौघड़िया
रात का चौघड़ियास्वभावसमय
शुभशुभ5:56 PM – 7:29 PM
अमृतशुभ7:29 PM – 9:02 PM
चरसामान्य9:02 PM – 10:35 PM
रोगअशुभ10:35 PM – 12:08 AM (अगले दिन)
कालअशुभ12:08 AM (अगले दिन) – 1:41 AM (अगले दिन)
लाभशुभ1:41 AM (अगले दिन) – 3:14 AM (अगले दिन)
उद्वेगअशुभ3:14 AM (अगले दिन) – 4:47 AM (अगले दिन)
शुभशुभ4:47 AM (अगले दिन) – 6:20 AM (अगले दिन)

अमृत, शुभ और लाभ अच्छे माने जाते हैं, चर सामान्य, और उद्वेग, रोग व काल से बचा जाता है। पूरा ब्योरा चौघड़िया के पन्ने पर है।

मास, पक्ष और संवत

पूर्णिमांत मास
आश्विन
अमांत मास
आश्विन
पक्ष
शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948
राष्ट्रीय कैलेंडर
19 आश्विन 1948 शक
पूरे महीने की तिथियाँ
हिन्दू कैलेंडर में देखें

पंचांग के अंग, एक-एक करके

शहर के अनुसार पंचांग

सूर्योदय हर शहर में अलग समय पर होता है, इसलिए राहु काल, चौघड़िया और कभी-कभी तिथि का दिन भी शहर के साथ बदलता है। अपना शहर चुनें।

पंचांग के और पन्ने

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कल कौन सी तिथि है?

11 अक्टूबर 2026 को आश्विन मास की शुक्ल प्रतिपदा तिथि है, जो 9:30 PM तक रहेगी। उसके बाद शुक्ल द्वितीया लगेगी।

कल राहु काल कब है?

दिल्ली में 11 अक्टूबर 2026 को राहु काल 4:29 PM – 5:56 PM है। इस समय नया काम शुरू करना टाला जाता है।

कल का नक्षत्र और योग क्या है?

11 अक्टूबर 2026 को चित्रा 10:32 PM तक, फिर स्वाति नक्षत्र है, और वैधृति 9:05 PM तक, फिर विष्कम्भ योग।

पंचांग क्या होता है?

पंचांग हिन्दू कैलेंडर का वह रूप है जो हर दिन को पाँच अंगों से बताता है: तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। इसके साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल और शुभ मुहूर्त के समय भी दिए जाते हैं।

रोज़ का पंचांग, साधक ऐप में

आज का पंचांग, त्योहार से एक दिन पहले याद, व्रत ट्रैकर, जप माला और दो मिनट की नित्य पूजा, एक ही जगह।

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तारीख़ें खगोलीय गणना से निकाली गई हैं और जगह के अनुसार एक दिन आगे-पीछे हो सकती हैं; व्रत और त्योहार के लिए अपने स्थानीय पंचांग से भी मिलान कर लें।