आज का करण
10 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय के समय चतुष्पाद करण है। आज के करण: चतुष्पाद 9:23 AM तक, फिर नाग 9:19 PM तक, फिर किंस्तुघ्न।
10 अक्टूबर 2026 · शनिवार · दिल्ली
चतुष्पाद
चतुष्पाद 9:23 AM तक, फिर नाग 9:19 PM तक, फिर किंस्तुघ्न
आज भद्रा नहीं है
आज के करण
| करण | कब तक |
|---|---|
| चतुष्पाद | 9:23 AM |
| नाग | 9:19 PM |
| किंस्तुघ्न | 9:21 AM (अगले दिन) |
करण क्या है
करण तिथि का आधा भाग है। चंद्रमा के सूर्य से हर 6 अंश आगे बढ़ने पर एक करण पूरा होता है, इसलिए एक तिथि में दो और एक चंद्र मास में 60 करण होते हैं।
करण 11 हैं। सात चर करण (बव, बालव, कौलव, तैतिल, गर, वणिज, विष्टि) महीने में आठ बार दोहराए जाते हैं, और चार स्थिर करण (शकुनि, चतुष्पाद, नाग, किंस्तुघ्न) महीने में एक-एक बार आते हैं। विष्टि करण को भद्रा कहते हैं और इसमें शुभ काम शुरू करना टाला जाता है।
| करण | प्रकार |
|---|---|
| किंस्तुघ्न | स्थिर |
| बव | चर |
| बालव | चर |
| कौलव | चर |
| तैतिल | चर |
| गर | चर |
| वणिज | चर |
| विष्टि (भद्रा) | चर |
| शकुनि | स्थिर |
| चतुष्पाद | स्थिर |
| नाग | स्थिर |
पंचांग के और पन्ने
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आज कौन सा करण है?
10 अक्टूबर 2026 के करण: चतुष्पाद 9:23 AM तक, फिर नाग 9:19 PM तक, फिर किंस्तुघ्न।
आज भद्रा है या नहीं?
नहीं। 10 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक विष्टि करण (भद्रा) नहीं पड़ता।
करण कितने होते हैं?
11 करण होते हैं: सात चर (बव, बालव, कौलव, तैतिल, गर, वणिज, विष्टि) और चार स्थिर (शकुनि, चतुष्पाद, नाग, किंस्तुघ्न)।
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