प्रदोष व्रत 2026 की तारीख़ें

अगला प्रदोष व्रत शुक्र प्रदोष व्रत है, जो 23 अक्टूबर 2026, शुक्रवार को है। त्रयोदशी तिथि 23 अक्टूबर, 2:36 PM से 24 अक्टूबर, 1:37 PM तक रहेगी। प्रदोष काल 5:44 PM – 8:17 PM है। नीचे 2026 और 2027 की सभी तारीख़ें दी गई हैं।

शुक्रवार23अक्टूबर 2026

अगला प्रदोष व्रत13 दिन बाद

शुक्र प्रदोष व्रत

आश्विन शुक्ल त्रयोदशी

तिथि शुरू
23 अक्टूबर, 2:36 PM
तिथि समाप्त
24 अक्टूबर, 1:37 PM
प्रदोष काल
5:44 PM – 8:17 PM

प्रदोष व्रत 2026 की सूची

प्रदोष व्रत 2026 की तारीख़ें
तारीख़व्रतमास और पक्षतिथिप्रदोष काल
1जनवरीगुरुवार
गुरु प्रदोष व्रत
पौष शुक्ल1 जनवरी, 1:47 AM से
1 जनवरी, 10:22 PM तक
5:35 PM – 8:19 PM
16जनवरीशुक्रवार
शुक्र प्रदोष व्रत
माघ कृष्ण अमांत: पौष15 जनवरी, 8:17 PM से
16 जनवरी, 10:22 PM तक
5:47 PM – 8:28 PM
30जनवरीशुक्रवार
शुक्र प्रदोष व्रत
माघ शुक्ल30 जनवरी, 11:08 AM से
31 जनवरी, 8:25 AM तक
5:58 PM – 8:37 PM
14फ़रवरीशनिवार
शनि प्रदोष व्रत
फाल्गुन कृष्ण अमांत: माघ14 फ़रवरी, 4:01 PM से
15 फ़रवरी, 5:05 PM तक
6:10 PM – 8:44 PM
1मार्चरविवार
रवि प्रदोष व्रत
फाल्गुन शुक्ल28 फ़रवरी, 8:43 PM से
1 मार्च, 7:09 PM तक
6:21 PM – 7:09 PM
16मार्चसोमवार
सोम प्रदोष व्रत
चैत्र कृष्ण अमांत: फाल्गुन16 मार्च, 9:41 AM से
17 मार्च, 9:23 AM तक
6:30 PM – 8:54 PM
30मार्चसोमवार
सोम प्रदोष व्रत
चैत्र शुक्ल30 मार्च, 7:10 AM से
31 मार्च, 6:56 AM तक
6:38 PM – 8:57 PM
15अप्रैलबुधवार
बुध प्रदोष व्रत
वैशाख कृष्ण अमांत: चैत्र15 अप्रैल, 12:13 AM से
15 अप्रैल, 10:32 PM तक
6:47 PM – 9:00 PM
28अप्रैलमंगलवार
भौम प्रदोष व्रत
वैशाख शुक्ल28 अप्रैल, 6:52 PM से
29 अप्रैल, 7:52 PM तक
6:54 PM – 9:04 PM
14मईगुरुवार
गुरु प्रदोष व्रत
ज्येष्ठ कृष्ण अमांत: वैशाख14 मई, 11:21 AM से
15 मई, 8:32 AM तक
7:04 PM – 9:09 PM
28मईगुरुवार
गुरु प्रदोष व्रत
अधिक ज्येष्ठ शुक्ल28 मई, 7:57 AM से
29 मई, 9:51 AM तक
7:12 PM – 9:15 PM
12जूनशुक्रवार
शुक्र प्रदोष व्रत
अधिक ज्येष्ठ कृष्ण12 जून, 7:37 PM से
13 जून, 4:08 PM तक
7:37 PM – 9:20 PM
27जूनशनिवार
शनि प्रदोष व्रत
ज्येष्ठ शुक्ल26 जून, 10:22 PM से
28 जून, 12:44 AM तक
7:23 PM – 9:23 PM
12जुलाईरविवार
रवि प्रदोष व्रत
आषाढ़ कृष्ण अमांत: ज्येष्ठ12 जुलाई, 2:04 AM से
12 जुलाई, 10:30 PM तक
7:22 PM – 9:24 PM
26जुलाईरविवार
रवि प्रदोष व्रत
आषाढ़ शुक्ल26 जुलाई, 1:58 PM से
27 जुलाई, 4:16 PM तक
7:16 PM – 9:21 PM
10अगस्तसोमवार
सोम प्रदोष व्रत
श्रावण कृष्ण अमांत: आषाढ़10 अगस्त, 8:01 AM से
11 अगस्त, 4:54 AM तक
7:06 PM – 9:14 PM
25अगस्तमंगलवार
भौम प्रदोष व्रत
श्रावण शुक्ल25 अगस्त, 6:21 AM से
26 अगस्त, 7:59 AM तक
6:51 PM – 9:04 PM
8सितंबरमंगलवार
भौम प्रदोष व्रत
भाद्रपद कृष्ण अमांत: श्रावण8 सितंबर, 2:43 PM से
9 सितंबर, 12:31 PM तक
6:35 PM – 8:53 PM
24सितंबरगुरुवार
गुरु प्रदोष व्रत
भाद्रपद शुक्ल23 सितंबर, 10:50 PM से
24 सितंबर, 11:18 PM तक
6:16 PM – 8:39 PM
8अक्टूबरगुरुवार
गुरु प्रदोष व्रत
आश्विन कृष्ण अमांत: भाद्रपद7 अक्टूबर, 11:16 PM से
8 अक्टूबर, 10:16 PM तक
6:00 PM – 8:28 PM
23अक्टूबरशुक्रवार
शुक्र प्रदोष व्रत
आश्विन शुक्ल23 अक्टूबर, 2:36 PM से
24 अक्टूबर, 1:37 PM तक
5:44 PM – 8:17 PM
6नवंबरशुक्रवार
शुक्र प्रदोष व्रत
कार्तिक कृष्ण अमांत: आश्विन6 नवंबर, 10:30 AM से
7 नवंबर, 10:47 AM तक
5:33 PM – 8:10 PM
22नवंबररविवार
रवि प्रदोष व्रत
कार्तिक शुक्ल22 नवंबर, 4:57 AM से
23 नवंबर, 2:38 AM तक
5:25 PM – 8:06 PM
6दिसंबररविवार
रवि प्रदोष व्रत
मार्गशीर्ष कृष्ण अमांत: कार्तिक6 दिसंबर, 12:52 AM से
7 दिसंबर, 2:22 AM तक
5:24 PM – 8:07 PM
21दिसंबरसोमवार
सोम प्रदोष व्रत
मार्गशीर्ष शुक्ल21 दिसंबर, 5:36 PM से
22 दिसंबर, 2:24 PM तक
5:36 PM – 8:13 PM

सभी तारीख़ें और समय दिल्ली के लिए भारतीय समय (IST) में हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय और चंद्रोदय का समय अलग होता है, इसलिए कभी-कभी व्रत का दिन भी एक दिन आगे-पीछे हो जाता है; समय में कुछ मिनट का अंतर भी हो सकता है।

प्रदोष व्रत 2027 की सूची

प्रदोष व्रत 2027 की तारीख़ें
तारीख़व्रतमास और पक्षतिथिप्रदोष काल
5जनवरीमंगलवार
भौम प्रदोष व्रत
पौष कृष्ण अमांत: मार्गशीर्ष4 जनवरी, 6:16 PM से
5 जनवरी, 8:40 PM तक
5:38 PM – 8:21 PM
20जनवरीबुधवार
बुध प्रदोष व्रत
पौष शुक्ल20 जनवरी, 4:41 AM से
21 जनवरी, 1:11 AM तक
5:50 PM – 8:31 PM
3फ़रवरीबुधवार
बुध प्रदोष व्रत
माघ कृष्ण अमांत: पौष3 फ़रवरी, 1:50 PM से
4 फ़रवरी, 4:31 PM तक
6:01 PM – 8:39 PM
18फ़रवरीगुरुवार
गुरु प्रदोष व्रत
माघ शुक्ल18 फ़रवरी, 2:27 PM से
19 फ़रवरी, 11:13 AM तक
6:13 PM – 8:46 PM
5मार्चशुक्रवार
शुक्र प्रदोष व्रत
फाल्गुन कृष्ण अमांत: माघ5 मार्च, 9:53 AM से
6 मार्च, 12:03 PM तक
6:23 PM – 8:51 PM
20मार्चशनिवार
शनि प्रदोष व्रत
फाल्गुन शुक्ल19 मार्च, 11:17 PM से
20 मार्च, 8:45 PM तक
6:32 PM – 8:45 PM
4अप्रैलरविवार
रवि प्रदोष व्रत
चैत्र कृष्ण अमांत: फाल्गुन4 अप्रैल, 4:26 AM से
5 अप्रैल, 5:23 AM तक
6:40 PM – 8:58 PM
18अप्रैलरविवार
रवि प्रदोष व्रत
चैत्र शुक्ल18 अप्रैल, 7:42 AM से
19 अप्रैल, 6:09 AM तक
6:48 PM – 9:01 PM
3मईसोमवार
सोम प्रदोष व्रत
वैशाख कृष्ण अमांत: चैत्र3 मई, 8:04 PM से
4 मई, 7:31 PM तक
8:04 PM – 9:05 PM
17मईसोमवार
सोम प्रदोष व्रत
वैशाख शुक्ल17 मई, 4:28 PM से
18 मई, 4:04 PM तक
7:06 PM – 9:10 PM
2जूनबुधवार
बुध प्रदोष व्रत
ज्येष्ठ कृष्ण अमांत: वैशाख2 जून, 8:29 AM से
3 जून, 6:34 AM तक
7:15 PM – 9:16 PM
16जूनबुधवार
बुध प्रदोष व्रत
ज्येष्ठ शुक्ल16 जून, 2:31 AM से
17 जून, 3:20 AM तक
7:20 PM – 9:21 PM
1जुलाईगुरुवार
गुरु प्रदोष व्रत
आषाढ़ कृष्ण अमांत: ज्येष्ठ1 जुलाई, 6:14 PM से
2 जुलाई, 3:23 PM तक
7:23 PM – 9:24 PM
15जुलाईगुरुवार
गुरु प्रदोष व्रत
आषाढ़ शुक्ल15 जुलाई, 2:40 PM से
16 जुलाई, 4:35 PM तक
7:21 PM – 9:24 PM
31जुलाईशनिवार
शनि प्रदोष व्रत
श्रावण कृष्ण अमांत: आषाढ़31 जुलाई, 2:18 AM से
31 जुलाई, 10:58 PM तक
7:13 PM – 9:19 PM
14अगस्तशनिवार
शनि प्रदोष व्रत
श्रावण शुक्ल14 अगस्त, 5:21 AM से
15 अगस्त, 7:54 AM तक
7:02 PM – 9:12 PM
29अगस्तरविवार
रवि प्रदोष व्रत
भाद्रपद कृष्ण अमांत: श्रावण29 अगस्त, 9:36 AM से
30 अगस्त, 6:13 AM तक
6:47 PM – 9:01 PM
13सितंबरसोमवार
सोम प्रदोष व्रत
भाद्रपद शुक्ल12 सितंबर, 10:13 PM से
14 सितंबर, 12:39 AM तक
6:30 PM – 8:49 PM
27सितंबरसोमवार
सोम प्रदोष व्रत
आश्विन कृष्ण अमांत: भाद्रपद27 सितंबर, 4:55 PM से
28 सितंबर, 1:55 PM तक
6:13 PM – 8:37 PM
12अक्टूबरमंगलवार
भौम प्रदोष व्रत
आश्विन शुक्ल12 अक्टूबर, 4:13 PM से
13 अक्टूबर, 5:48 PM तक
5:56 PM – 8:25 PM
27अक्टूबरबुधवार
बुध प्रदोष व्रत
कार्तिक कृष्ण अमांत: आश्विन27 अक्टूबर, 1:04 AM से
27 अक्टूबर, 10:50 PM तक
5:41 PM – 8:15 PM
11नवंबरगुरुवार
गुरु प्रदोष व्रत
कार्तिक शुक्ल11 नवंबर, 10:07 AM से
12 नवंबर, 10:21 AM तक
5:30 PM – 8:08 PM
25नवंबरगुरुवार
गुरु प्रदोष व्रत
मार्गशीर्ष कृष्ण अमांत: कार्तिक25 नवंबर, 10:51 AM से
26 नवंबर, 9:47 AM तक
5:25 PM – 8:06 PM
11दिसंबरशनिवार
शनि प्रदोष व्रत
मार्गशीर्ष शुक्ल11 दिसंबर, 2:54 AM से
12 दिसंबर, 1:44 AM तक
5:25 PM – 8:09 PM
25दिसंबरशनिवार
शनि प्रदोष व्रत
पौष कृष्ण अमांत: मार्गशीर्ष24 दिसंबर, 11:08 PM से
25 दिसंबर, 11:32 PM तक
5:30 PM – 8:15 PM

तारीख़ कैसे तय होती है

प्रदोष काल सूर्यास्त से शुरू होकर रात के पहले पाँचवें हिस्से तक रहता है, यानी लगभग ढाई घंटे। व्रत उस दिन रखा जाता है जिस दिन त्रयोदशी तिथि प्रदोष काल में सबसे ज़्यादा समय तक रहे।

इसी वजह से प्रदोष व्रत कई बार उस दिन पड़ता है जिस दिन सूर्योदय पर द्वादशी होती है और त्रयोदशी दोपहर या शाम को लगती है।

प्रदोष व्रत में जाप

इस दिन इनमें से किसी मंत्र का जाप यहीं, गिनती के साथ कर सकते हैं: 21, 51, 108 या 1008 बार, स्वयं गिनकर या ऑडियो के साथ।

प्रदोष व्रत के बारे में

प्रदोष व्रत हर पक्ष की त्रयोदशी को रखा जाता है और भगवान शिव को समर्पित है। प्रदोष का अर्थ है सूर्यास्त के ठीक बाद का समय; इसी समय शिव पूजा की जाती है, इसलिए व्रत का दिन भी शाम की त्रयोदशी से तय होता है।

जिस वार को प्रदोष पड़ता है, उसी से उसका नाम बनता है: सोमवार को सोम प्रदोष, मंगलवार को भौम प्रदोष और शनिवार को शनि प्रदोष। इन तीनों को विशेष माना जाता है।

आराध्य
भगवान शिव और माता पार्वती
कब
दोनों पक्षों की त्रयोदशी (तेरहवीं तिथि)
कितनी बार
महीने में दो बार; साल में 24 या 25
व्रत का समय
दिन भर, और पूजा सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में

और व्रत

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अगला प्रदोष व्रत कब है?

अगला प्रदोष व्रत 23 अक्टूबर 2026, शुक्रवार को है: शुक्र प्रदोष व्रत। त्रयोदशी तिथि 23 अक्टूबर, 2:36 PM से 24 अक्टूबर, 1:37 PM तक रहेगी। प्रदोष काल 5:44 PM – 8:17 PM है।

प्रदोष काल कब होता है?

प्रदोष काल सूर्यास्त से शुरू होकर लगभग ढाई घंटे रहता है। 23 अक्टूबर 2026 के प्रदोष व्रत में प्रदोष काल 5:44 PM – 8:17 PM है (दिल्ली)।

अगला शनि प्रदोष और सोम प्रदोष कब है?

अगला शनि प्रदोष 20 मार्च 2027 को और अगला सोम प्रदोष 21 दिसंबर 2026 को है।

2026 में प्रदोष व्रत कितनी बार है?

2026 में प्रदोष व्रत 25 बार है; इनमें अधिक मास का एक दिन भी है। आम तौर पर: महीने में दो बार; साल में 24 या 25।

प्रदोष व्रत की तारीख़ कैसे तय होती है?

प्रदोष काल सूर्यास्त से शुरू होकर रात के पहले पाँचवें हिस्से तक रहता है, यानी लगभग ढाई घंटे। व्रत उस दिन रखा जाता है जिस दिन त्रयोदशी तिथि प्रदोष काल में सबसे ज़्यादा समय तक रहे।

रोज़ का पंचांग, साधक ऐप में

आज का पंचांग, त्योहार से एक दिन पहले याद, व्रत ट्रैकर, जप माला और दो मिनट की नित्य पूजा, एक ही जगह।

साधक ऐप देखें

तारीख़ें खगोलीय गणना से निकाली गई हैं और जगह के अनुसार एक दिन आगे-पीछे हो सकती हैं; व्रत और त्योहार के लिए अपने स्थानीय पंचांग से भी मिलान कर लें।