अगला प्रदोष व्रत13 दिन बाद
शुक्र प्रदोष व्रत
आश्विन शुक्ल त्रयोदशी
- तिथि शुरू
- 23 अक्टूबर, 2:36 PM
- तिथि समाप्त
- 24 अक्टूबर, 1:37 PM
- प्रदोष काल
- 5:44 PM – 8:17 PM
अगला प्रदोष व्रत शुक्र प्रदोष व्रत है, जो 23 अक्टूबर 2026, शुक्रवार को है। त्रयोदशी तिथि 23 अक्टूबर, 2:36 PM से 24 अक्टूबर, 1:37 PM तक रहेगी। प्रदोष काल 5:44 PM – 8:17 PM है। नीचे 2026 और 2027 की सभी तारीख़ें दी गई हैं।
अगला प्रदोष व्रत13 दिन बाद
आश्विन शुक्ल त्रयोदशी
| तारीख़ | व्रत | मास और पक्ष | तिथि | प्रदोष काल |
|---|---|---|---|---|
| 1जनवरीगुरुवार | गुरु प्रदोष व्रत | पौष शुक्ल | 1 जनवरी, 1:47 AM से 1 जनवरी, 10:22 PM तक | 5:35 PM – 8:19 PM |
| 16जनवरीशुक्रवार | शुक्र प्रदोष व्रत | माघ कृष्ण अमांत: पौष | 15 जनवरी, 8:17 PM से 16 जनवरी, 10:22 PM तक | 5:47 PM – 8:28 PM |
| 30जनवरीशुक्रवार | शुक्र प्रदोष व्रत | माघ शुक्ल | 30 जनवरी, 11:08 AM से 31 जनवरी, 8:25 AM तक | 5:58 PM – 8:37 PM |
| 14फ़रवरीशनिवार | शनि प्रदोष व्रत | फाल्गुन कृष्ण अमांत: माघ | 14 फ़रवरी, 4:01 PM से 15 फ़रवरी, 5:05 PM तक | 6:10 PM – 8:44 PM |
| 1मार्चरविवार | रवि प्रदोष व्रत | फाल्गुन शुक्ल | 28 फ़रवरी, 8:43 PM से 1 मार्च, 7:09 PM तक | 6:21 PM – 7:09 PM |
| 16मार्चसोमवार | सोम प्रदोष व्रत | चैत्र कृष्ण अमांत: फाल्गुन | 16 मार्च, 9:41 AM से 17 मार्च, 9:23 AM तक | 6:30 PM – 8:54 PM |
| 30मार्चसोमवार | सोम प्रदोष व्रत | चैत्र शुक्ल | 30 मार्च, 7:10 AM से 31 मार्च, 6:56 AM तक | 6:38 PM – 8:57 PM |
| 15अप्रैलबुधवार | बुध प्रदोष व्रत | वैशाख कृष्ण अमांत: चैत्र | 15 अप्रैल, 12:13 AM से 15 अप्रैल, 10:32 PM तक | 6:47 PM – 9:00 PM |
| 28अप्रैलमंगलवार | भौम प्रदोष व्रत | वैशाख शुक्ल | 28 अप्रैल, 6:52 PM से 29 अप्रैल, 7:52 PM तक | 6:54 PM – 9:04 PM |
| 14मईगुरुवार | गुरु प्रदोष व्रत | ज्येष्ठ कृष्ण अमांत: वैशाख | 14 मई, 11:21 AM से 15 मई, 8:32 AM तक | 7:04 PM – 9:09 PM |
| 28मईगुरुवार | गुरु प्रदोष व्रत | अधिक ज्येष्ठ शुक्ल | 28 मई, 7:57 AM से 29 मई, 9:51 AM तक | 7:12 PM – 9:15 PM |
| 12जूनशुक्रवार | शुक्र प्रदोष व्रत | अधिक ज्येष्ठ कृष्ण | 12 जून, 7:37 PM से 13 जून, 4:08 PM तक | 7:37 PM – 9:20 PM |
| 27जूनशनिवार | शनि प्रदोष व्रत | ज्येष्ठ शुक्ल | 26 जून, 10:22 PM से 28 जून, 12:44 AM तक | 7:23 PM – 9:23 PM |
| 12जुलाईरविवार | रवि प्रदोष व्रत | आषाढ़ कृष्ण अमांत: ज्येष्ठ | 12 जुलाई, 2:04 AM से 12 जुलाई, 10:30 PM तक | 7:22 PM – 9:24 PM |
| 26जुलाईरविवार | रवि प्रदोष व्रत | आषाढ़ शुक्ल | 26 जुलाई, 1:58 PM से 27 जुलाई, 4:16 PM तक | 7:16 PM – 9:21 PM |
| 10अगस्तसोमवार | सोम प्रदोष व्रत | श्रावण कृष्ण अमांत: आषाढ़ | 10 अगस्त, 8:01 AM से 11 अगस्त, 4:54 AM तक | 7:06 PM – 9:14 PM |
| 25अगस्तमंगलवार | भौम प्रदोष व्रत | श्रावण शुक्ल | 25 अगस्त, 6:21 AM से 26 अगस्त, 7:59 AM तक | 6:51 PM – 9:04 PM |
| 8सितंबरमंगलवार | भौम प्रदोष व्रत | भाद्रपद कृष्ण अमांत: श्रावण | 8 सितंबर, 2:43 PM से 9 सितंबर, 12:31 PM तक | 6:35 PM – 8:53 PM |
| 24सितंबरगुरुवार | गुरु प्रदोष व्रत | भाद्रपद शुक्ल | 23 सितंबर, 10:50 PM से 24 सितंबर, 11:18 PM तक | 6:16 PM – 8:39 PM |
| 8अक्टूबरगुरुवार | गुरु प्रदोष व्रत | आश्विन कृष्ण अमांत: भाद्रपद | 7 अक्टूबर, 11:16 PM से 8 अक्टूबर, 10:16 PM तक | 6:00 PM – 8:28 PM |
| 23अक्टूबरशुक्रवार | शुक्र प्रदोष व्रत | आश्विन शुक्ल | 23 अक्टूबर, 2:36 PM से 24 अक्टूबर, 1:37 PM तक | 5:44 PM – 8:17 PM |
| 6नवंबरशुक्रवार | शुक्र प्रदोष व्रत | कार्तिक कृष्ण अमांत: आश्विन | 6 नवंबर, 10:30 AM से 7 नवंबर, 10:47 AM तक | 5:33 PM – 8:10 PM |
| 22नवंबररविवार | रवि प्रदोष व्रत | कार्तिक शुक्ल | 22 नवंबर, 4:57 AM से 23 नवंबर, 2:38 AM तक | 5:25 PM – 8:06 PM |
| 6दिसंबररविवार | रवि प्रदोष व्रत | मार्गशीर्ष कृष्ण अमांत: कार्तिक | 6 दिसंबर, 12:52 AM से 7 दिसंबर, 2:22 AM तक | 5:24 PM – 8:07 PM |
| 21दिसंबरसोमवार | सोम प्रदोष व्रत | मार्गशीर्ष शुक्ल | 21 दिसंबर, 5:36 PM से 22 दिसंबर, 2:24 PM तक | 5:36 PM – 8:13 PM |
सभी तारीख़ें और समय दिल्ली के लिए भारतीय समय (IST) में हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय और चंद्रोदय का समय अलग होता है, इसलिए कभी-कभी व्रत का दिन भी एक दिन आगे-पीछे हो जाता है; समय में कुछ मिनट का अंतर भी हो सकता है।
| तारीख़ | व्रत | मास और पक्ष | तिथि | प्रदोष काल |
|---|---|---|---|---|
| 5जनवरीमंगलवार | भौम प्रदोष व्रत | पौष कृष्ण अमांत: मार्गशीर्ष | 4 जनवरी, 6:16 PM से 5 जनवरी, 8:40 PM तक | 5:38 PM – 8:21 PM |
| 20जनवरीबुधवार | बुध प्रदोष व्रत | पौष शुक्ल | 20 जनवरी, 4:41 AM से 21 जनवरी, 1:11 AM तक | 5:50 PM – 8:31 PM |
| 3फ़रवरीबुधवार | बुध प्रदोष व्रत | माघ कृष्ण अमांत: पौष | 3 फ़रवरी, 1:50 PM से 4 फ़रवरी, 4:31 PM तक | 6:01 PM – 8:39 PM |
| 18फ़रवरीगुरुवार | गुरु प्रदोष व्रत | माघ शुक्ल | 18 फ़रवरी, 2:27 PM से 19 फ़रवरी, 11:13 AM तक | 6:13 PM – 8:46 PM |
| 5मार्चशुक्रवार | शुक्र प्रदोष व्रत | फाल्गुन कृष्ण अमांत: माघ | 5 मार्च, 9:53 AM से 6 मार्च, 12:03 PM तक | 6:23 PM – 8:51 PM |
| 20मार्चशनिवार | शनि प्रदोष व्रत | फाल्गुन शुक्ल | 19 मार्च, 11:17 PM से 20 मार्च, 8:45 PM तक | 6:32 PM – 8:45 PM |
| 4अप्रैलरविवार | रवि प्रदोष व्रत | चैत्र कृष्ण अमांत: फाल्गुन | 4 अप्रैल, 4:26 AM से 5 अप्रैल, 5:23 AM तक | 6:40 PM – 8:58 PM |
| 18अप्रैलरविवार | रवि प्रदोष व्रत | चैत्र शुक्ल | 18 अप्रैल, 7:42 AM से 19 अप्रैल, 6:09 AM तक | 6:48 PM – 9:01 PM |
| 3मईसोमवार | सोम प्रदोष व्रत | वैशाख कृष्ण अमांत: चैत्र | 3 मई, 8:04 PM से 4 मई, 7:31 PM तक | 8:04 PM – 9:05 PM |
| 17मईसोमवार | सोम प्रदोष व्रत | वैशाख शुक्ल | 17 मई, 4:28 PM से 18 मई, 4:04 PM तक | 7:06 PM – 9:10 PM |
| 2जूनबुधवार | बुध प्रदोष व्रत | ज्येष्ठ कृष्ण अमांत: वैशाख | 2 जून, 8:29 AM से 3 जून, 6:34 AM तक | 7:15 PM – 9:16 PM |
| 16जूनबुधवार | बुध प्रदोष व्रत | ज्येष्ठ शुक्ल | 16 जून, 2:31 AM से 17 जून, 3:20 AM तक | 7:20 PM – 9:21 PM |
| 1जुलाईगुरुवार | गुरु प्रदोष व्रत | आषाढ़ कृष्ण अमांत: ज्येष्ठ | 1 जुलाई, 6:14 PM से 2 जुलाई, 3:23 PM तक | 7:23 PM – 9:24 PM |
| 15जुलाईगुरुवार | गुरु प्रदोष व्रत | आषाढ़ शुक्ल | 15 जुलाई, 2:40 PM से 16 जुलाई, 4:35 PM तक | 7:21 PM – 9:24 PM |
| 31जुलाईशनिवार | शनि प्रदोष व्रत | श्रावण कृष्ण अमांत: आषाढ़ | 31 जुलाई, 2:18 AM से 31 जुलाई, 10:58 PM तक | 7:13 PM – 9:19 PM |
| 14अगस्तशनिवार | शनि प्रदोष व्रत | श्रावण शुक्ल | 14 अगस्त, 5:21 AM से 15 अगस्त, 7:54 AM तक | 7:02 PM – 9:12 PM |
| 29अगस्तरविवार | रवि प्रदोष व्रत | भाद्रपद कृष्ण अमांत: श्रावण | 29 अगस्त, 9:36 AM से 30 अगस्त, 6:13 AM तक | 6:47 PM – 9:01 PM |
| 13सितंबरसोमवार | सोम प्रदोष व्रत | भाद्रपद शुक्ल | 12 सितंबर, 10:13 PM से 14 सितंबर, 12:39 AM तक | 6:30 PM – 8:49 PM |
| 27सितंबरसोमवार | सोम प्रदोष व्रत | आश्विन कृष्ण अमांत: भाद्रपद | 27 सितंबर, 4:55 PM से 28 सितंबर, 1:55 PM तक | 6:13 PM – 8:37 PM |
| 12अक्टूबरमंगलवार | भौम प्रदोष व्रत | आश्विन शुक्ल | 12 अक्टूबर, 4:13 PM से 13 अक्टूबर, 5:48 PM तक | 5:56 PM – 8:25 PM |
| 27अक्टूबरबुधवार | बुध प्रदोष व्रत | कार्तिक कृष्ण अमांत: आश्विन | 27 अक्टूबर, 1:04 AM से 27 अक्टूबर, 10:50 PM तक | 5:41 PM – 8:15 PM |
| 11नवंबरगुरुवार | गुरु प्रदोष व्रत | कार्तिक शुक्ल | 11 नवंबर, 10:07 AM से 12 नवंबर, 10:21 AM तक | 5:30 PM – 8:08 PM |
| 25नवंबरगुरुवार | गुरु प्रदोष व्रत | मार्गशीर्ष कृष्ण अमांत: कार्तिक | 25 नवंबर, 10:51 AM से 26 नवंबर, 9:47 AM तक | 5:25 PM – 8:06 PM |
| 11दिसंबरशनिवार | शनि प्रदोष व्रत | मार्गशीर्ष शुक्ल | 11 दिसंबर, 2:54 AM से 12 दिसंबर, 1:44 AM तक | 5:25 PM – 8:09 PM |
| 25दिसंबरशनिवार | शनि प्रदोष व्रत | पौष कृष्ण अमांत: मार्गशीर्ष | 24 दिसंबर, 11:08 PM से 25 दिसंबर, 11:32 PM तक | 5:30 PM – 8:15 PM |
प्रदोष काल सूर्यास्त से शुरू होकर रात के पहले पाँचवें हिस्से तक रहता है, यानी लगभग ढाई घंटे। व्रत उस दिन रखा जाता है जिस दिन त्रयोदशी तिथि प्रदोष काल में सबसे ज़्यादा समय तक रहे।
इसी वजह से प्रदोष व्रत कई बार उस दिन पड़ता है जिस दिन सूर्योदय पर द्वादशी होती है और त्रयोदशी दोपहर या शाम को लगती है।
इस दिन इनमें से किसी मंत्र का जाप यहीं, गिनती के साथ कर सकते हैं: 21, 51, 108 या 1008 बार, स्वयं गिनकर या ऑडियो के साथ।
प्रदोष व्रत हर पक्ष की त्रयोदशी को रखा जाता है और भगवान शिव को समर्पित है। प्रदोष का अर्थ है सूर्यास्त के ठीक बाद का समय; इसी समय शिव पूजा की जाती है, इसलिए व्रत का दिन भी शाम की त्रयोदशी से तय होता है।
जिस वार को प्रदोष पड़ता है, उसी से उसका नाम बनता है: सोमवार को सोम प्रदोष, मंगलवार को भौम प्रदोष और शनिवार को शनि प्रदोष। इन तीनों को विशेष माना जाता है।
अगला प्रदोष व्रत 23 अक्टूबर 2026, शुक्रवार को है: शुक्र प्रदोष व्रत। त्रयोदशी तिथि 23 अक्टूबर, 2:36 PM से 24 अक्टूबर, 1:37 PM तक रहेगी। प्रदोष काल 5:44 PM – 8:17 PM है।
प्रदोष काल सूर्यास्त से शुरू होकर लगभग ढाई घंटे रहता है। 23 अक्टूबर 2026 के प्रदोष व्रत में प्रदोष काल 5:44 PM – 8:17 PM है (दिल्ली)।
अगला शनि प्रदोष 20 मार्च 2027 को और अगला सोम प्रदोष 21 दिसंबर 2026 को है।
2026 में प्रदोष व्रत 25 बार है; इनमें अधिक मास का एक दिन भी है। आम तौर पर: महीने में दो बार; साल में 24 या 25।
प्रदोष काल सूर्यास्त से शुरू होकर रात के पहले पाँचवें हिस्से तक रहता है, यानी लगभग ढाई घंटे। व्रत उस दिन रखा जाता है जिस दिन त्रयोदशी तिथि प्रदोष काल में सबसे ज़्यादा समय तक रहे।
आज का पंचांग, त्योहार से एक दिन पहले याद, व्रत ट्रैकर, जप माला और दो मिनट की नित्य पूजा, एक ही जगह।
तारीख़ें खगोलीय गणना से निकाली गई हैं और जगह के अनुसार एक दिन आगे-पीछे हो सकती हैं; व्रत और त्योहार के लिए अपने स्थानीय पंचांग से भी मिलान कर लें।