सप्ताह के सात व्रत

आज शनिवार है, यानी शनि देव और हनुमान जी का दिन। हिन्दू परंपरा में सप्ताह का हर वार किसी देवता और ग्रह से जुड़ा है, और उस दिन उनका व्रत रखा जाता है।

किस दिन किसका व्रत

सप्ताह के सात व्रत
तारीख़व्रतआराध्यग्रह
10अक्टूबरशनिवारशनि देव और हनुमान जीशनि
11अक्टूबररविवारसूर्य देवसूर्य
12अक्टूबरसोमवारभगवान शिवचंद्र
13अक्टूबरमंगलवारहनुमान जी और मंगल देवमंगल
14अक्टूबरबुधवारगणेश जी और बुध देवबुध
15अक्टूबरगुरुवारभगवान विष्णु और बृहस्पति देवगुरु (बृहस्पति)
16अक्टूबरशुक्रवारमाता लक्ष्मी; संतोषी माताशुक्र

आराध्य और पूजा की विधि परंपरा, क्षेत्र और परिवार के अनुसार अलग हो सकती है।

वार के व्रत कैसे रखे जाते हैं

वार का व्रत उस दिन सूर्योदय से शुरू होता है। ज़्यादातर लोग दिन में एक बार भोजन करते हैं, और उस दिन के देवता की पूजा, कथा और आरती करते हैं। कई व्रत एक तय गिनती के लिए रखे जाते हैं, जैसे सोलह सोमवार या सोलह शुक्रवार, और आख़िर में उद्यापन किया जाता है।

वार के व्रत तिथि पर निर्भर नहीं करते, इसलिए इनकी तारीख़ निकालने की ज़रूरत नहीं पड़ती। पर कुछ महीनों में किसी वार का महत्व बढ़ जाता है: सावन के सोमवार, सावन के मंगलवार (मंगला गौरी) और मार्गशीर्ष के गुरुवार।

और व्रत

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

किस दिन किस भगवान का व्रत रखा जाता है?

सोमवार: भगवान शिव; मंगलवार: हनुमान जी और मंगल देव; बुधवार: गणेश जी और बुध देव; गुरुवार: भगवान विष्णु और बृहस्पति देव; शुक्रवार: माता लक्ष्मी; संतोषी माता; शनिवार: शनि देव और हनुमान जी; रविवार: सूर्य देव।

आज किसका व्रत है?

आज शनिवार है, जो शनि देव और हनुमान जी का दिन है।

सोलह सोमवार का व्रत कब से शुरू करें?

सोलह सोमवार का व्रत अक्सर सावन के पहले सोमवार से शुरू किया जाता है। कई लोग इसे किसी भी महीने के शुक्ल पक्ष के पहले सोमवार से शुरू करते हैं।

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आज का पंचांग, त्योहार से एक दिन पहले याद, व्रत ट्रैकर, जप माला और दो मिनट की नित्य पूजा, एक ही जगह।

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तारीख़ें खगोलीय गणना से निकाली गई हैं और जगह के अनुसार एक दिन आगे-पीछे हो सकती हैं; व्रत और त्योहार के लिए अपने स्थानीय पंचांग से भी मिलान कर लें।