शनिवार व्रत

शनिवार शनि देव और हनुमान जी का दिन है, और शनिवार व्रत उन्हीं के लिए रखा जाता है। आज शनिवार है; उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या तिथि है।

शनिवार10अक्टूबर 2026

आज शनिवारआज

शनिवार व्रत

शनि देव और हनुमान जी

उस दिन की तिथि
अमावस्या, 9:19 PM तक
ग्रह
शनि

आने वाले शनिवार

आने वाले शनिवार
तारीख़व्रतसूर्योदय की तिथिउसी दिन और व्रत
10अक्टूबरशनिवार
शनिवार व्रत
अमावस्यासर्वपितृ अमावस्या
17अक्टूबरशनिवार
शनिवार व्रत
शुक्ल सप्तमीतुला संक्रांति
24अक्टूबरशनिवार
शनिवार व्रत
शुक्ल त्रयोदशी–
31अक्टूबरशनिवार
शनिवार व्रत
कृष्ण षष्ठी–
7नवंबरशनिवार
शनिवार व्रत
कृष्ण त्रयोदशीमासिक शिवरात्रि
14नवंबरशनिवार
शनिवार व्रत
शुक्ल पंचमी–
21नवंबरशनिवार
शनिवार व्रत
शुक्ल द्वादशी–
28नवंबरशनिवार
शनिवार व्रत
कृष्ण पंचमी–

सभी तारीख़ें और समय दिल्ली के लिए भारतीय समय (IST) में हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय और चंद्रोदय का समय अलग होता है, इसलिए कभी-कभी व्रत का दिन भी एक दिन आगे-पीछे हो जाता है; समय में कुछ मिनट का अंतर भी हो सकता है।

शनिवार से जुड़े व्रत

शनि प्रदोष व्रत
20 मार्च 2027, 31 जुलाई 2027, 14 अगस्त 2027
शनि अमावस्या
10 अक्टूबर 2026, 6 फ़रवरी 2027, 22 जुलाई 2028
शनि जयंती
4 जून 2027

शनिवार का जाप

इस दिन इनमें से किसी मंत्र का जाप यहीं, गिनती के साथ कर सकते हैं: 21, 51, 108 या 1008 बार, स्वयं गिनकर या ऑडियो के साथ।

शनिवार व्रत के बारे में

शनिवार शनि देव का दिन है। इस दिन का व्रत शनि देव के लिए रखा जाता है; परंपरा में सरसों के तेल, काले तिल और पीपल के पेड़ की पूजा का महत्व है। शनिवार को हनुमान जी की पूजा भी की जाती है।

शनिवार को पड़ने वाली अमावस्या शनि अमावस्या (शनैश्चरी अमावस्या) और शनिवार को पड़ने वाला प्रदोष शनि प्रदोष कहलाता है। ज्येष्ठ अमावस्या को शनि जयंती मनाई जाती है।

दिन
शनिवार
आराध्य
शनि देव और हनुमान जी
ग्रह
शनि

व्रत की विधि, भोजन के नियम और कथा परंपरा और परिवार के अनुसार अलग होती है; यहाँ सबसे प्रचलित रूप बताया गया है।

सप्ताह के बाक़ी व्रत

और व्रत

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

शनिवार व्रत किसके लिए रखा जाता है?

शनिवार व्रत शनि देव और हनुमान जी के लिए रखा जाता है। शनिवार का ग्रह शनि है।

अगला शनिवार कब है?

आज शनिवार है। उस दिन सूर्योदय पर अमावस्या तिथि है।

अगला शनि प्रदोष कब है?

शनिवार को पड़ने वाला प्रदोष व्रत शनि प्रदोष कहलाता है। अगला शनि प्रदोष 20 मार्च 2027 को है।

अगली शनि अमावस्या कब है?

शनिवार को पड़ने वाली अमावस्या शनि अमावस्या कहलाती है। अगली शनि अमावस्या 10 अक्टूबर 2026 को है।

रोज़ का पंचांग, साधक ऐप में

आज का पंचांग, त्योहार से एक दिन पहले याद, व्रत ट्रैकर, जप माला और दो मिनट की नित्य पूजा, एक ही जगह।

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तारीख़ें खगोलीय गणना से निकाली गई हैं और जगह के अनुसार एक दिन आगे-पीछे हो सकती हैं; व्रत और त्योहार के लिए अपने स्थानीय पंचांग से भी मिलान कर लें।