अगला सोमवार2 दिन बाद
सोमवार व्रत
भगवान शिव
- उस दिन की तिथि
- शुक्ल द्वितीया, 10:13 PM तक
- ग्रह
- चंद्र
सोमवार भगवान शिव का दिन है, और सोमवार व्रत उन्हीं के लिए रखा जाता है। अगला सोमवार 12 अक्टूबर 2026 को है; उस दिन सूर्योदय पर शुक्ल द्वितीया तिथि है।
अगला सोमवार2 दिन बाद
भगवान शिव
| तारीख़ | व्रत | सूर्योदय की तिथि | उसी दिन और व्रत |
|---|---|---|---|
| 12अक्टूबरसोमवार | सोमवार व्रत | शुक्ल द्वितीया | – |
| 19अक्टूबरसोमवार | सोमवार व्रत | शुक्ल अष्टमी | महा नवमी, दुर्गा अष्टमी (महाअष्टमी) |
| 26अक्टूबरसोमवार | सोमवार व्रत | पूर्णिमा | आश्विन पूर्णिमा |
| 2नवंबरसोमवार | सोमवार व्रत | कृष्ण अष्टमी | – |
| 9नवंबरसोमवार | सोमवार व्रत | अमावस्या | कार्तिक अमावस्या · सोमवती अमावस्या |
| 16नवंबरसोमवार | सोमवार व्रत | शुक्ल सप्तमी | वृश्चिक संक्रांति |
| 23नवंबरसोमवार | सोमवार व्रत | शुक्ल चतुर्दशी | – |
| 30नवंबरसोमवार | सोमवार व्रत | कृष्ण सप्तमी | – |
सभी तारीख़ें और समय दिल्ली के लिए भारतीय समय (IST) में हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय और चंद्रोदय का समय अलग होता है, इसलिए कभी-कभी व्रत का दिन भी एक दिन आगे-पीछे हो जाता है; समय में कुछ मिनट का अंतर भी हो सकता है।
सावन (श्रावण) भगवान शिव का महीना है, और इसके सोमवार साल के सबसे ख़ास सोमवार माने जाते हैं। सावन की तारीख़ें दो हैं: उत्तर भारत में महीना पूर्णिमा के बाद शुरू होता है, और महाराष्ट्र, गुजरात व दक्षिण भारत में पंद्रह दिन बाद, अमावस्या के बाद।
इस दिन इनमें से किसी मंत्र का जाप यहीं, गिनती के साथ कर सकते हैं: 21, 51, 108 या 1008 बार, स्वयं गिनकर या ऑडियो के साथ।
सोमवार भगवान शिव का दिन है; सोम का अर्थ चंद्रमा भी है, जिसे शिव अपने मस्तक पर धारण करते हैं। सोमवार का व्रत तीन रूपों में प्रचलित है: हर सोमवार का सामान्य व्रत, सावन के सोमवार, और सोलह सोमवार का संकल्प।
सोलह सोमवार का व्रत लगातार सोलह सोमवार तक रखा जाता है। इसे अक्सर सावन के पहले सोमवार से शुरू किया जाता है, हालाँकि कई लोग किसी भी महीने के शुक्ल पक्ष के पहले सोमवार से शुरू करते हैं।
व्रत की विधि, भोजन के नियम और कथा परंपरा और परिवार के अनुसार अलग होती है; यहाँ सबसे प्रचलित रूप बताया गया है।
सोमवार व्रत भगवान शिव के लिए रखा जाता है। सोमवार का ग्रह चंद्र है।
अगला सोमवार 12 अक्टूबर 2026 को है। उस दिन सूर्योदय पर शुक्ल द्वितीया तिथि है।
उत्तर भारत में सावन 19 जुलाई 2027 से 17 अगस्त 2027 तक है, और सावन के सोमवार 19 जुलाई, 26 जुलाई, 2 अगस्त, 9 अगस्त, 16 अगस्त को हैं। महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत में सोमवार 9 अगस्त, 16 अगस्त, 23 अगस्त, 30 अगस्त को हैं।
सोमवार को पड़ने वाला प्रदोष व्रत सोम प्रदोष कहलाता है। अगला सोम प्रदोष 21 दिसंबर 2026 को है।
सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या सोमवती अमावस्या कहलाती है। अगली सोमवती अमावस्या 9 नवंबर 2026 को है।
आज का पंचांग, त्योहार से एक दिन पहले याद, व्रत ट्रैकर, जप माला और दो मिनट की नित्य पूजा, एक ही जगह।
तारीख़ें खगोलीय गणना से निकाली गई हैं और जगह के अनुसार एक दिन आगे-पीछे हो सकती हैं; व्रत और त्योहार के लिए अपने स्थानीय पंचांग से भी मिलान कर लें।