राम, कृष्ण और विष्णु के अवतार65 दिन बाद
विवाह पंचमी 2026
मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी
- तिथि शुरू
- 13 दिसंबर, 4:47 PM
- तिथि समाप्त
- 14 दिसंबर, 7:15 PM
- आराध्य
- श्री राम और माता सीता
विवाह पंचमी 14 दिसंबर 2026, सोमवार को है। यह मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी को आता है। तिथि 13 दिसंबर, 4:47 PM से 14 दिसंबर, 7:15 PM तक रहेगी।
राम, कृष्ण और विष्णु के अवतार65 दिन बाद
मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी
विवाह पंचमी मार्गशीर्ष के शुक्ल पक्ष की पंचमी को आती है। मान्यता है कि इसी दिन श्री राम और माता सीता का विवाह हुआ था।
नेपाल के जनकपुर और अयोध्या में इस दिन राम-सीता विवाह का उत्सव होता है।
व्रत की विधि और नियम परंपरा और परिवार के अनुसार अलग होते हैं; यहाँ सबसे प्रचलित रूप बताया गया है।
| तारीख़ | साल | तिथि शुरू | तिथि समाप्त |
|---|---|---|---|
| 25नवंबरमंगलवार | विवाह पंचमी 2025 | 24 नवंबर, 9:22 PM | 25 नवंबर, 10:56 PM |
| 14दिसंबरसोमवार | विवाह पंचमी 2026 | 13 दिसंबर, 4:47 PM | 14 दिसंबर, 7:15 PM |
| 3दिसंबरशुक्रवार | विवाह पंचमी 2027 | 2 दिसंबर, 1:44 PM | 3 दिसंबर, 4:14 PM |
| 21नवंबरमंगलवार | विवाह पंचमी 2028 | 20 नवंबर, 1:07 PM | 21 नवंबर, 1:35 PM |
| 10दिसंबरसोमवार | विवाह पंचमी 2029 | 9 दिसंबर, 10:38 AM | 10 दिसंबर, 9:51 AM |
| 29नवंबरशुक्रवार | विवाह पंचमी 2030 | 28 नवंबर, 10:33 PM | 29 नवंबर, 8:00 PM |
| 18दिसंबरगुरुवार | विवाह पंचमी 2031 | 18 दिसंबर, 1:20 AM | 18 दिसंबर, 10:28 PM |
| 7दिसंबरमंगलवार | विवाह पंचमी 2032 | 6 दिसंबर, 8:02 PM | 7 दिसंबर, 5:55 PM |
सभी तारीख़ें और समय दिल्ली के लिए भारतीय समय (IST) में हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय और चंद्रोदय का समय अलग होता है, इसलिए कभी-कभी व्रत का दिन भी एक दिन आगे-पीछे हो जाता है; समय में कुछ मिनट का अंतर भी हो सकता है।
विवाह पंचमी 14 दिसंबर 2026, सोमवार को है। मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी तिथि 13 दिसंबर, 4:47 PM से 14 दिसंबर, 7:15 PM तक रहेगी।
विवाह पंचमी मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी को आता है।
विवाह पंचमी श्री राम और माता सीता से जुड़ा है। यह मिथिला (बिहार और नेपाल का जनकपुर), अयोध्या में प्रचलित है।
विवाह पंचमी 2027 में 3 दिसंबर 2027, शुक्रवार को है।
आज का पंचांग, त्योहार से एक दिन पहले याद, व्रत ट्रैकर, जप माला और दो मिनट की नित्य पूजा, एक ही जगह।
तारीख़ें खगोलीय गणना से निकाली गई हैं और जगह के अनुसार एक दिन आगे-पीछे हो सकती हैं; व्रत और त्योहार के लिए अपने स्थानीय पंचांग से भी मिलान कर लें।