राम, कृष्ण और विष्णु के अवतार187 दिन बाद
राम नवमी 2027
चैत्र शुक्ल नवमी
- तिथि शुरू
- 14 अप्रैल, 3:23 PM
- तिथि समाप्त
- 15 अप्रैल, 1:21 PM
- आराध्य
- भगवान श्री राम
राम नवमी 15 अप्रैल 2027, गुरुवार को है। यह चैत्र शुक्ल नवमी को आता है। तिथि 14 अप्रैल, 3:23 PM से 15 अप्रैल, 1:21 PM तक रहेगी।
राम, कृष्ण और विष्णु के अवतार187 दिन बाद
चैत्र शुक्ल नवमी
राम नवमी चैत्र के शुक्ल पक्ष की नवमी को आती है और भगवान श्री राम के जन्म का पर्व है। यह चैत्र नवरात्रि का नौवाँ और आख़िरी दिन भी है।
श्री राम का जन्म दोपहर में माना जाता है, इसलिए जन्म की पूजा मध्याह्न में की जाती है। इस दिन व्रत रखा जाता है और रामचरितमानस का पाठ होता है।
व्रत की विधि और नियम परंपरा और परिवार के अनुसार अलग होते हैं; यहाँ सबसे प्रचलित रूप बताया गया है।
| तारीख़ | साल | तिथि शुरू | तिथि समाप्त |
|---|---|---|---|
| 6अप्रैलरविवार | राम नवमी 2025 | 5 अप्रैल, 7:26 PM | 6 अप्रैल, 7:23 PM |
| 26मार्चगुरुवार | राम नवमी 2026 | 26 मार्च, 11:49 AM | 27 मार्च, 10:06 AM |
| 15अप्रैलगुरुवार | राम नवमी 2027 | 14 अप्रैल, 3:23 PM | 15 अप्रैल, 1:21 PM |
| 3अप्रैलसोमवार | राम नवमी 2028 | 3 अप्रैल, 12:01 PM | 4 अप्रैल, 10:08 AM |
| 22अप्रैलरविवार | राम नवमी 2029 | 22 अप्रैल, 12:55 PM | 23 अप्रैल, 11:31 AM |
| 12अप्रैलशुक्रवार | राम नवमी 2030 | 11 अप्रैल, 9:02 PM | 12 अप्रैल, 9:34 PM |
| 1अप्रैलमंगलवार | राम नवमी 2031 | 31 मार्च, 7:17 PM | 1 अप्रैल, 9:34 PM |
| 18अप्रैलरविवार | राम नवमी 2032 | 18 अप्रैल, 10:02 AM | 19 अप्रैल, 12:27 PM |
सभी तारीख़ें और समय दिल्ली के लिए भारतीय समय (IST) में हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय और चंद्रोदय का समय अलग होता है, इसलिए कभी-कभी व्रत का दिन भी एक दिन आगे-पीछे हो जाता है; समय में कुछ मिनट का अंतर भी हो सकता है।
राम नवमी 15 अप्रैल 2027, गुरुवार को है। चैत्र शुक्ल नवमी तिथि 14 अप्रैल, 3:23 PM से 15 अप्रैल, 1:21 PM तक रहेगी।
राम नवमी चैत्र शुक्ल नवमी को आता है।
राम नवमी भगवान श्री राम से जुड़ा है।
राम नवमी 2028 में 3 अप्रैल 2028, सोमवार को है।
आज का पंचांग, त्योहार से एक दिन पहले याद, व्रत ट्रैकर, जप माला और दो मिनट की नित्य पूजा, एक ही जगह।
तारीख़ें खगोलीय गणना से निकाली गई हैं और जगह के अनुसार एक दिन आगे-पीछे हो सकती हैं; व्रत और त्योहार के लिए अपने स्थानीय पंचांग से भी मिलान कर लें।