व्रत 2026: सभी व्रत और उपवास की तारीख़ें
आज, 10 अक्टूबर 2026 को सर्वपितृ अमावस्या है। अगला व्रत कल, 11 अक्टूबर 2026 को है: शारदीय नवरात्रि। यहाँ अगले तीस दिन के सभी व्रत, और हर व्रत का अपना पन्ना है, जिसमें पूरे साल की तारीख़ें और तिथि का समय दिया गया है।
अगले 30 दिन के व्रत
- 10अक्टूबरशनिवारआज
- 11अक्टूबररविवारकल
- 14अक्टूबरबुधवार4 दिन बाद
- 16अक्टूबरशुक्रवार6 दिन बाद
- 17अक्टूबरशनिवार7 दिन बाद
- 19अक्टूबरसोमवार9 दिन बाद
- 22अक्टूबरगुरुवार12 दिन बाद
- 23अक्टूबरशुक्रवार13 दिन बाद
- 25अक्टूबररविवार15 दिन बाद
- 26अक्टूबरसोमवार16 दिन बाद
- 29अक्टूबरगुरुवार19 दिन बाद
- 1नवंबररविवार22 दिन बाद
- 5नवंबरगुरुवार26 दिन बाद
- 6नवंबरशुक्रवार27 दिन बाद
- 7नवंबरशनिवार28 दिन बाद
- 8नवंबररविवार29 दिन बाद
- 9नवंबरसोमवार30 दिन बाद
सभी तारीख़ें और समय दिल्ली के लिए भारतीय समय (IST) में हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय और चंद्रोदय का समय अलग होता है, इसलिए कभी-कभी व्रत का दिन भी एक दिन आगे-पीछे हो जाता है; समय में कुछ मिनट का अंतर भी हो सकता है।
हर महीने आने वाले व्रत
ये व्रत तिथि से चलते हैं, इसलिए हर महीने या हर पक्ष में आते हैं। हर व्रत के पन्ने पर इस साल और अगले साल की पूरी सूची है।
सप्ताह के सात व्रत
हर वार किसी देवता का दिन माना जाता है, और उस दिन उनका व्रत रखा जाता है। आराध्य और विधि परंपरा के अनुसार अलग हो सकती है।
साल में एक बार आने वाले व्रत
तीज, करवा चौथ, नवरात्रि, जन्माष्टमी और छठ जैसे व्रत साल में एक बार आते हैं। सर्वपितृ अमावस्या 10 अक्टूबर को, शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर को, दुर्गा अष्टमी (महाअष्टमी) 19 अक्टूबर को है।
शिव आराधना
- महाशिवरात्रि6 मार्च 2027
- सावन सोमवारसावन के हर सोमवार
- सोलह सोमवारलगातार सोलह सोमवार
तीज और गौरी व्रत
- हरियाली तीज4 अगस्त 2027
- कजरी तीज20 अगस्त 2027
- हरतालिका तीज3 सितंबर 2027
- गणगौर9 अप्रैल 2027
- मंगला गौरी व्रतसावन के हर मंगलवार
- जया पार्वती व्रतआषाढ़ शुक्ल त्रयोदशी से पाँच दिन
- गौरी व्रत (मोळाकत)आषाढ़ शुक्ल एकादशी से पूर्णिमा तक
- कोकिला व्रतआषाढ़ पूर्णिमा
दांपत्य और संतान के व्रत
- करवा चौथ29 अक्टूबर 2026
- सकट चौथ25 जनवरी 2027
- वट सावित्री व्रत4 जून 2027
- वट पूर्णिमा व्रत18 जून 2027
- अहोई अष्टमी1 नवंबर 2026
- जीवित्पुत्रिका व्रत (जितिया)23 सितंबर 2027
- हल षष्ठी (हरछठ)भाद्रपद कृष्ण षष्ठी
गणेश और लक्ष्मी
- गणेश चतुर्थी4 सितंबर 2027
- वरलक्ष्मी व्रत13 अगस्त 2027
- महालक्ष्मी व्रतभाद्रपद शुक्ल अष्टमी से आश्विन कृष्ण अष्टमी तक, सोलह दिन
- कोजागर पूजा25 अक्टूबर 2026
नवरात्रि और देवी
- चैत्र नवरात्रि7 अप्रैल 2027
- शारदीय नवरात्रि11 अक्टूबर 2026
- माघ गुप्त नवरात्रि7 फ़रवरी 2027
- आषाढ़ गुप्त नवरात्रि4 जुलाई 2027
- दुर्गा अष्टमी (महाअष्टमी)19 अक्टूबर 2026
- महा नवमी19 अक्टूबर 2026
- शीतला सप्तमी28 मार्च 2027
- शीतला अष्टमी (बसौड़ा)30 मार्च 2027
- अशोकाष्टमी14 अप्रैल 2027
- ललिता पंचमीआश्विन शुक्ल पंचमी
राम, कृष्ण और विष्णु के अवतार
- राम नवमी15 अप्रैल 2027
- सीता नवमी14 मई 2027
- विवाह पंचमी14 दिसंबर 2026
- श्री कृष्ण जन्माष्टमी25 अगस्त 2027
- राधा अष्टमी8 सितंबर 2027
- अनंत चतुर्दशी14 सितंबर 2027
- नरसिंह जयंती18 मई 2027
- वामन द्वादशी12 सितंबर 2027
- परशुराम जयंती8 मई 2027
सूर्य, हनुमान और भैरव
- छठ पूजा15 नवंबर 2026
- चैती छठ12 अप्रैल 2027
- रथ सप्तमी13 फ़रवरी 2027
- हनुमान जयंती20 अप्रैल 2027
- कालभैरव जयंती1 दिसंबर 2026
- शनि जयंती4 जून 2027
नाम वाली पूर्णिमा और अमावस्या
- बुद्ध पूर्णिमा20 मई 2027
- गुरु पूर्णिमा18 जुलाई 2027
- शरद पूर्णिमा25 अक्टूबर 2026
- कार्तिक पूर्णिमा24 नवंबर 2026
- मौनी अमावस्या6 फ़रवरी 2027
- हरियाली अमावस्या2 अगस्त 2027
- पिठोरी अमावस्या31 अगस्त 2027
- सर्वपितृ अमावस्या10 अक्टूबर 2026
अन्य प्रमुख व्रत
- अक्षय तृतीया9 मई 2027
- नाग पंचमी6 अगस्त 2027
- ऋषि पंचमी4 सितंबर 2027
- दूर्वाष्टमी7 सितंबर 2027
- महेश नवमी12 जून 2027
- आँवला नवमी (अक्षय नवमी)18 नवंबर 2026
क्षेत्रीय व्रत
- करडैयान नोम्बु15 मार्च 2027
- कार्तिगई दीपम24 नवंबर 2026
- केदार गौरी व्रतदीपावली की अमावस्या को पूरा होने वाला 21 दिन का व्रत
- अटला तद्देआश्विन पूर्णिमा के बाद की तृतीया
- मानबसा गुरुबारमार्गशीर्ष महीने के हर गुरुवार
- सुदशा ब्रतजब शुक्ल पक्ष की दशमी गुरुवार को पड़े
लंबे संकल्प वाले व्रत
कुछ व्रत एक दिन के नहीं, महीनों के होते हैं: चार महीने का चातुर्मास, अधिक मास (पुरुषोत्तम मास), कार्तिक मास का व्रत, कार्तिक के आख़िरी पाँच दिन का भीष्म पंचक, और 32 पूर्णिमाओं का द्वात्रिंशी पूर्णिमा व्रत।
व्रत क्या है
व्रत का अर्थ है संकल्प। इसमें सिर्फ़ उपवास नहीं, पूजा और कुछ नियमों का पालन भी शामिल हो सकता है। कोई व्रत निर्जल रखा जाता है, कोई फलाहार पर और कोई एक समय भोजन करके; यह व्रत, परंपरा और व्यक्ति की क्षमता पर निर्भर करता है।
हिन्दू व्रतों की कोई एक अंतिम सूची नहीं है। इनके नाम, तारीख़ तय करने के नियम और विधियाँ क्षेत्र, संप्रदाय और परिवार के अनुसार बदलती हैं। यहाँ तारीख़ें खगोलीय गणना से निकाली गई हैं और उत्तर भारत में प्रचलित नियमों पर आधारित हैं।
बीमार, गर्भवती या दवा ले रहे लोगों को कड़ा उपवास रखने से पहले अपने डॉक्टर से पूछ लेना चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आज कौन सा व्रत है?
आज, 10 अक्टूबर 2026 को सर्वपितृ अमावस्या है।
अगली एकादशी कब है?
अगली एकादशी 22 अक्टूबर 2026, गुरुवार को है: पापांकुशा एकादशी।
अगला प्रदोष व्रत कब है?
अगला प्रदोष व्रत 23 अक्टूबर 2026, शुक्रवार को है: शुक्र प्रदोष व्रत।
अगली पूर्णिमा कब है?
अगली पूर्णिमा 26 अक्टूबर 2026, सोमवार को है: आश्विन पूर्णिमा।
व्रत की तारीख़ कैसे तय होती है?
ज़्यादातर व्रत तिथि से तय होते हैं, पर हर व्रत में तिथि दिन के अलग समय पर देखी जाती है: एकादशी में सूर्योदय पर, प्रदोष में सूर्यास्त के बाद, संकष्टी में चंद्रोदय पर और शिवरात्रि में आधी रात को। इसलिए एक ही तिथि के दो व्रत अलग-अलग दिन पड़ सकते हैं।
एक महीने में कौन-कौन से व्रत आते हैं?
हर महीने दो एकादशी, दो प्रदोष, एक संकष्टी चतुर्थी, एक विनायक चतुर्थी, एक मासिक शिवरात्रि, एक दुर्गाष्टमी, एक कालाष्टमी, एक स्कंद षष्ठी, एक पूर्णिमा, एक अमावस्या और एक संक्रांति आती है। इनके अलावा सप्ताह के सात वारों के व्रत हैं।
रोज़ का पंचांग, साधक ऐप में
आज का पंचांग, त्योहार से एक दिन पहले याद, व्रत ट्रैकर, जप माला और दो मिनट की नित्य पूजा, एक ही जगह।
तारीख़ें खगोलीय गणना से निकाली गई हैं और जगह के अनुसार एक दिन आगे-पीछे हो सकती हैं; व्रत और त्योहार के लिए अपने स्थानीय पंचांग से भी मिलान कर लें।