दांपत्य और संतान के व्रत348 दिन बाद
जीवित्पुत्रिका व्रत (जितिया) 2027
आश्विन कृष्ण अष्टमी
- तिथि शुरू
- 23 सितंबर, 4:37 AM
- तिथि समाप्त
- 24 सितंबर, 2:57 AM
- आराध्य
- जीमूतवाहन
जीवित्पुत्रिका व्रत (जितिया) 23 सितंबर 2027, गुरुवार को है। यह आश्विन कृष्ण अष्टमी को आता है (अमांत गणना में भाद्रपद कृष्ण अष्टमी)। तिथि 23 सितंबर, 4:37 AM से 24 सितंबर, 2:57 AM तक रहेगी।
दांपत्य और संतान के व्रत348 दिन बाद
आश्विन कृष्ण अष्टमी
जीवित्पुत्रिका व्रत, जिसे जितिया कहते हैं, आश्विन के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को रखा जाता है। माताएँ संतान की लंबी उम्र के लिए यह व्रत रखती हैं।
यह तीन दिन का पर्व है: सप्तमी को नहाय-खाय, अष्टमी को निर्जल व्रत और नवमी को पारण। व्रत में राजा जीमूतवाहन की कथा सुनी जाती है।
व्रत की विधि और नियम परंपरा और परिवार के अनुसार अलग होते हैं; यहाँ सबसे प्रचलित रूप बताया गया है।
| तारीख़ | साल | तिथि शुरू | तिथि समाप्त |
|---|---|---|---|
| 14सितंबररविवार | जीवित्पुत्रिका व्रत (जितिया) 2025 | 14 सितंबर, 5:05 AM | 15 सितंबर, 3:06 AM |
| 3अक्टूबरशनिवार | जीवित्पुत्रिका व्रत (जितिया) 2026 | 3 अक्टूबर, 8:00 AM | 4 अक्टूबर, 5:52 AM |
| 23सितंबरगुरुवार | जीवित्पुत्रिका व्रत (जितिया) 2027 | 23 सितंबर, 4:37 AM | 24 सितंबर, 2:57 AM |
| 12सितंबरमंगलवार | जीवित्पुत्रिका व्रत (जितिया) 2028 | 11 सितंबर, 6:09 PM | 12 सितंबर, 6:09 PM |
| 1अक्टूबरसोमवार | जीवित्पुत्रिका व्रत (जितिया) 2029 | 30 सितंबर, 1:48 PM | 1 अक्टूबर, 2:52 PM |
| 20सितंबरशुक्रवार | जीवित्पुत्रिका व्रत (जितिया) 2030 | 19 सितंबर, 12:09 PM | 20 सितंबर, 2:40 PM |
| 8अक्टूबरबुधवार | जीवित्पुत्रिका व्रत (जितिया) 2031 | 8 अक्टूबर, 3:08 AM | 9 अक्टूबर, 5:35 AM |
| 26सितंबररविवार | जीवित्पुत्रिका व्रत (जितिया) 2032 | 26 सितंबर, 2:15 AM | 27 सितंबर, 3:18 AM |
सभी तारीख़ें और समय दिल्ली के लिए भारतीय समय (IST) में हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय और चंद्रोदय का समय अलग होता है, इसलिए कभी-कभी व्रत का दिन भी एक दिन आगे-पीछे हो जाता है; समय में कुछ मिनट का अंतर भी हो सकता है।
जीवित्पुत्रिका व्रत (जितिया) 23 सितंबर 2027, गुरुवार को है। आश्विन कृष्ण अष्टमी तिथि 23 सितंबर, 4:37 AM से 24 सितंबर, 2:57 AM तक रहेगी।
जीवित्पुत्रिका व्रत (जितिया) आश्विन कृष्ण अष्टमी को आता है। जहाँ महीना अमावस्या पर पूरा होता है (अमांत गणना), वहाँ यही तिथि भाद्रपद कृष्ण अष्टमी कहलाती है।
जीवित्पुत्रिका व्रत (जितिया) जीमूतवाहन से जुड़ा है। यह बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, नेपाल में प्रचलित है।
जीवित्पुत्रिका व्रत (जितिया) 2028 में 12 सितंबर 2028, मंगलवार को है।
आज का पंचांग, त्योहार से एक दिन पहले याद, व्रत ट्रैकर, जप माला और दो मिनट की नित्य पूजा, एक ही जगह।
तारीख़ें खगोलीय गणना से निकाली गई हैं और जगह के अनुसार एक दिन आगे-पीछे हो सकती हैं; व्रत और त्योहार के लिए अपने स्थानीय पंचांग से भी मिलान कर लें।