अगली मासिक दुर्गाष्टमी9 दिन बाद
मासिक दुर्गाष्टमी
आश्विन शुक्ल अष्टमी
- तिथि शुरू
- 18 अक्टूबर, 8:28 AM
- तिथि समाप्त
- 19 अक्टूबर, 10:51 AM
अगली मासिक दुर्गाष्टमी मासिक दुर्गाष्टमी है, जो 19 अक्टूबर 2026, सोमवार को है। अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर, 8:28 AM से 19 अक्टूबर, 10:51 AM तक रहेगी। नीचे 2026 और 2027 की सभी तारीख़ें दी गई हैं।
अगली मासिक दुर्गाष्टमी9 दिन बाद
आश्विन शुक्ल अष्टमी
| तारीख़ | व्रत | मास और पक्ष | तिथि |
|---|---|---|---|
| 26जनवरीसोमवार | मासिक दुर्गाष्टमी | माघ शुक्ल | 25 जनवरी, 11:10 PM से 26 जनवरी, 9:18 PM तक |
| 24फ़रवरीमंगलवार | मासिक दुर्गाष्टमी | फाल्गुन शुक्ल | 24 फ़रवरी, 7:02 AM से 25 फ़रवरी, 4:51 AM तक |
| 26मार्चगुरुवार | मासिक दुर्गाष्टमीचैत्र नवरात्रि की अष्टमी | चैत्र शुक्ल | 25 मार्च, 1:50 PM से 26 मार्च, 11:49 AM तक |
| 24अप्रैलशुक्रवार | मासिक दुर्गाष्टमी | वैशाख शुक्ल | 23 अप्रैल, 8:49 PM से 24 अप्रैल, 7:22 PM तक |
| 23मईशनिवार | अधिक मास की मासिक दुर्गाष्टमी | अधिक ज्येष्ठ शुक्ल | 23 मई, 5:05 AM से 24 मई, 4:28 AM तक |
| 22जूनसोमवार | मासिक दुर्गाष्टमी | ज्येष्ठ शुक्ल | 21 जून, 3:22 PM से 22 जून, 3:41 PM तक |
| 21जुलाईमंगलवार | मासिक दुर्गाष्टमी | आषाढ़ शुक्ल | 21 जुलाई, 4:03 AM से 22 जुलाई, 5:16 AM तक |
| 20अगस्तगुरुवार | मासिक दुर्गाष्टमी | श्रावण शुक्ल | 19 अगस्त, 7:18 PM से 20 अगस्त, 9:17 PM तक |
| 19सितंबरशनिवार | मासिक दुर्गाष्टमी | भाद्रपद शुक्ल | 18 सितंबर, 1:00 PM से 19 सितंबर, 3:26 PM तक |
| 19अक्टूबरसोमवार | मासिक दुर्गाष्टमीदुर्गा अष्टमी (महाअष्टमी) | आश्विन शुक्ल | 18 अक्टूबर, 8:28 AM से 19 अक्टूबर, 10:51 AM तक |
| 17नवंबरमंगलवार | मासिक दुर्गाष्टमी | कार्तिक शुक्ल | 17 नवंबर, 4:19 AM से 18 नवंबर, 6:05 AM तक |
| 17दिसंबरगुरुवार | मासिक दुर्गाष्टमी | मार्गशीर्ष शुक्ल | 16 दिसंबर, 10:45 PM से 17 दिसंबर, 11:26 PM तक |
सभी तारीख़ें और समय दिल्ली के लिए भारतीय समय (IST) में हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय और चंद्रोदय का समय अलग होता है, इसलिए कभी-कभी व्रत का दिन भी एक दिन आगे-पीछे हो जाता है; समय में कुछ मिनट का अंतर भी हो सकता है।
| तारीख़ | व्रत | मास और पक्ष | तिथि |
|---|---|---|---|
| 16जनवरीशनिवार | मासिक दुर्गाष्टमी | पौष शुक्ल | 15 जनवरी, 2:14 PM से 16 जनवरी, 1:43 PM तक |
| 14फ़रवरीरविवार | मासिक दुर्गाष्टमी | माघ शुक्ल | 14 फ़रवरी, 2:07 AM से 15 फ़रवरी, 12:41 AM तक |
| 16मार्चमंगलवार | मासिक दुर्गाष्टमी | फाल्गुन शुक्ल | 15 मार्च, 10:51 AM से 16 मार्च, 8:54 AM तक |
| 14अप्रैलबुधवार | मासिक दुर्गाष्टमीचैत्र नवरात्रि की अष्टमी | चैत्र शुक्ल | 13 अप्रैल, 5:28 PM से 14 अप्रैल, 3:23 PM तक |
| 13मईगुरुवार | मासिक दुर्गाष्टमी | वैशाख शुक्ल | 12 मई, 11:13 PM से 13 मई, 9:18 PM तक |
| 11जूनशुक्रवार | मासिक दुर्गाष्टमी | ज्येष्ठ शुक्ल | 11 जून, 5:14 AM से 12 जून, 3:45 AM तक |
| 11जुलाईरविवार | मासिक दुर्गाष्टमी | आषाढ़ शुक्ल | 10 जुलाई, 12:38 PM से 11 जुलाई, 11:50 AM तक |
| 9अगस्तसोमवार | मासिक दुर्गाष्टमी | श्रावण शुक्ल | 8 अगस्त, 10:24 PM से 9 अगस्त, 10:34 PM तक |
| 8सितंबरबुधवार | मासिक दुर्गाष्टमी | भाद्रपद शुक्ल | 7 सितंबर, 11:27 AM से 8 सितंबर, 12:43 PM तक |
| 7अक्टूबरगुरुवार | मासिक दुर्गाष्टमीदुर्गा अष्टमी (महाअष्टमी) | आश्विन शुक्ल | 7 अक्टूबर, 4:13 AM से 8 अक्टूबर, 6:27 AM तक |
| 6नवंबरशनिवार | मासिक दुर्गाष्टमी | कार्तिक शुक्ल | 6 नवंबर, 12:10 AM से 7 नवंबर, 2:50 AM तक |
| 6दिसंबरसोमवार | मासिक दुर्गाष्टमी | मार्गशीर्ष शुक्ल | 5 दिसंबर, 9:37 PM से 7 दिसंबर, 12:00 AM तक |
दुर्गाष्टमी उस दिन मानी जाती है जिस दिन सूर्योदय के समय अष्टमी तिथि हो, यानी उदया तिथि से।
इस दिन इनमें से किसी मंत्र का जाप यहीं, गिनती के साथ कर सकते हैं: 21, 51, 108 या 1008 बार, स्वयं गिनकर या ऑडियो के साथ।
मासिक दुर्गाष्टमी हर महीने शुक्ल पक्ष की अष्टमी को आती है और माँ दुर्गा को समर्पित है। इसे मास दुर्गाष्टमी भी कहते हैं।
आश्विन महीने की दुर्गाष्टमी शारदीय नवरात्रि की महाअष्टमी है, जो साल की सबसे बड़ी दुर्गाष्टमी है। चैत्र महीने की अष्टमी चैत्र नवरात्रि में आती है।
अगली मासिक दुर्गाष्टमी 19 अक्टूबर 2026, सोमवार को है: मासिक दुर्गाष्टमी। अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर, 8:28 AM से 19 अक्टूबर, 10:51 AM तक रहेगी।
आश्विन महीने की दुर्गाष्टमी नवरात्रि की महाअष्टमी है। अगली महाअष्टमी 19 अक्टूबर 2026 को है।
2026 में मासिक दुर्गाष्टमी 12 बार है; इनमें अधिक मास का एक दिन भी है। आम तौर पर: महीने में एक बार; साल में 12 या 13।
दुर्गाष्टमी उस दिन मानी जाती है जिस दिन सूर्योदय के समय अष्टमी तिथि हो, यानी उदया तिथि से।
आज का पंचांग, त्योहार से एक दिन पहले याद, व्रत ट्रैकर, जप माला और दो मिनट की नित्य पूजा, एक ही जगह।
तारीख़ें खगोलीय गणना से निकाली गई हैं और जगह के अनुसार एक दिन आगे-पीछे हो सकती हैं; व्रत और त्योहार के लिए अपने स्थानीय पंचांग से भी मिलान कर लें।