एकादशी 2026 की तारीख़ें

अगली एकादशी पापांकुशा एकादशी है, जो 22 अक्टूबर 2026, गुरुवार को है। एकादशी तिथि 21 अक्टूबर, 2:11 PM से 22 अक्टूबर, 2:48 PM तक रहेगी। पारण 23 अक्टूबर को 6:27 AM – 8:42 AM के बीच है। नीचे 2026 और 2027 की सभी तारीख़ें दी गई हैं।

गुरुवार22अक्टूबर 2026

अगली एकादशी12 दिन बाद

पापांकुशा एकादशी

आश्विन शुक्ल एकादशी

तिथि शुरू
21 अक्टूबर, 2:11 PM
तिथि समाप्त
22 अक्टूबर, 2:48 PM
पारण
23 अक्टूबर, 6:27 AM – 8:42 AM

एकादशी 2026 की सूची

एकादशी 2026 की तारीख़ें
तारीख़व्रतमास और पक्षतिथिपारण (व्रत खोलना)
14जनवरीबुधवारमाघ कृष्ण अमांत: पौष13 जनवरी, 3:18 PM से
14 जनवरी, 5:53 PM तक
15 जनवरी, 7:15 AM – 9:21 AM
29जनवरीगुरुवारमाघ शुक्ल28 जनवरी, 4:36 PM से
29 जनवरी, 1:55 PM तक
30 जनवरी, 7:10 AM – 9:20 AM
13फ़रवरीशुक्रवारफाल्गुन कृष्ण अमांत: माघ12 फ़रवरी, 12:21 PM से
13 फ़रवरी, 2:25 PM तक
14 फ़रवरी, 7:01 AM – 9:14 AM
27फ़रवरीशुक्रवारफाल्गुन शुक्ल27 फ़रवरी, 12:33 AM से
27 फ़रवरी, 10:33 PM तक
28 फ़रवरी, 6:48 AM – 9:06 AM
15मार्चरविवारचैत्र कृष्ण अमांत: फाल्गुन14 मार्च, 8:10 AM से
15 मार्च, 9:16 AM तक
16 मार्च, 6:30 AM – 8:54 AM
29मार्चरविवारचैत्र शुक्ल28 मार्च, 8:45 AM से
29 मार्च, 7:46 AM तक
30 मार्च, 6:14 AM – 7:10 AM
13अप्रैलसोमवारवैशाख कृष्ण अमांत: चैत्र13 अप्रैल, 1:17 AM से
14 अप्रैल, 1:09 AM तक
14 अप्रैल, 6:55 AM – 8:31 AM
27अप्रैलसोमवारवैशाख शुक्ल26 अप्रैल, 6:07 PM से
27 अप्रैल, 6:16 PM तक
28 अप्रैल, 5:43 AM – 8:21 AM
13मईबुधवारज्येष्ठ कृष्ण अमांत: वैशाख12 मई, 2:54 PM से
13 मई, 1:31 PM तक
14 मई, 5:31 AM – 8:14 AM
27मईबुधवारअधिक ज्येष्ठ शुक्ल26 मई, 5:12 AM से
27 मई, 6:22 AM तक
28 मई, 5:25 AM – 7:57 AM
11जूनगुरुवारअधिक ज्येष्ठ कृष्ण11 जून, 12:58 AM से
11 जून, 10:36 PM तक
12 जून, 5:23 AM – 8:10 AM
25जूनगुरुवारज्येष्ठ शुक्ल24 जून, 6:13 PM से
25 जून, 8:09 PM तक
26 जून, 5:25 AM – 8:13 AM
10जुलाईशुक्रवारआषाढ़ कृष्ण अमांत: ज्येष्ठ10 जुलाई, 8:16 AM से
11 जुलाई, 5:22 AM तक
11 जुलाई, 1:50 PM – 4:36 PM
25जुलाईशनिवारआषाढ़ शुक्ल24 जुलाई, 9:12 AM से
25 जुलाई, 11:34 AM तक
26 जुलाई, 5:39 AM – 8:23 AM
9अगस्तरविवारश्रावण कृष्ण अमांत: आषाढ़8 अगस्त, 1:59 PM से
9 अगस्त, 11:05 AM तक
10 अगस्त, 5:48 AM – 8:01 AM
23अगस्तरविवारश्रावण शुक्ल23 अगस्त, 2:00 AM से
24 अगस्त, 4:19 AM तक
24 अगस्त, 1:41 PM – 4:17 PM
7सितंबरसोमवारभाद्रपद कृष्ण अमांत: श्रावण6 सितंबर, 7:29 PM से
7 सितंबर, 5:04 PM तक
8 सितंबर, 6:03 AM – 8:33 AM
22सितंबरमंगलवारभाद्रपद शुक्ल21 सितंबर, 8:00 PM से
22 सितंबर, 9:43 PM तक
23 सितंबर, 6:10 AM – 8:35 AM
6अक्टूबरमंगलवारआश्विन कृष्ण अमांत: भाद्रपद6 अक्टूबर, 2:08 AM से
7 अक्टूबर, 12:34 AM तक
7 अक्टूबर, 6:17 AM – 8:38 AM
22अक्टूबरगुरुवारआश्विन शुक्ल21 अक्टूबर, 2:11 PM से
22 अक्टूबर, 2:48 PM तक
23 अक्टूबर, 6:27 AM – 8:42 AM
5नवंबरगुरुवारकार्तिक कृष्ण अमांत: आश्विन4 नवंबर, 11:03 AM से
5 नवंबर, 10:35 AM तक
6 नवंबर, 6:37 AM – 8:48 AM
20नवंबरशुक्रवारकार्तिक शुक्ल20 नवंबर, 7:16 AM से
21 नवंबर, 6:32 AM तक
21 नवंबर, 1:11 PM – 3:18 PM
4दिसंबरशुक्रवारमार्गशीर्ष कृष्ण अमांत: कार्तिक3 दिसंबर, 11:04 PM से
4 दिसंबर, 11:45 PM तक
5 दिसंबर, 6:59 AM – 9:04 AM
20दिसंबररविवारमार्गशीर्ष शुक्ल19 दिसंबर, 10:09 PM से
20 दिसंबर, 8:14 PM तक
21 दिसंबर, 7:09 AM – 9:13 AM

सभी तारीख़ें और समय दिल्ली के लिए भारतीय समय (IST) में हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय और चंद्रोदय का समय अलग होता है, इसलिए कभी-कभी व्रत का दिन भी एक दिन आगे-पीछे हो जाता है; समय में कुछ मिनट का अंतर भी हो सकता है।

एकादशी 2027 की सूची

एकादशी 2027 की तारीख़ें
तारीख़व्रतमास और पक्षतिथिपारण (व्रत खोलना)
3जनवरीरविवारपौष कृष्ण अमांत: मार्गशीर्ष2 जनवरी, 2:24 PM से
3 जनवरी, 4:08 PM तक
4 जनवरी, 7:14 AM – 9:19 AM
18जनवरीसोमवारपौष शुक्ल18 जनवरी, 10:27 AM से
19 जनवरी, 7:49 AM तक
19 जनवरी, 1:35 PM – 3:42 PM
2फ़रवरीमंगलवारमाघ कृष्ण अमांत: पौष1 फ़रवरी, 8:41 AM से
2 फ़रवरी, 11:10 AM तक
3 फ़रवरी, 7:08 AM – 9:19 AM
17फ़रवरीबुधवारमाघ शुक्ल16 फ़रवरी, 8:19 PM से
17 फ़रवरी, 5:31 PM तक
18 फ़रवरी, 6:57 AM – 9:12 AM
4मार्चगुरुवारफाल्गुन कृष्ण अमांत: माघ3 मार्च, 4:43 AM से
4 मार्च, 7:23 AM तक
5 मार्च, 6:43 AM – 9:03 AM
18मार्चगुरुवारफाल्गुन शुक्ल18 मार्च, 4:21 AM से
19 मार्च, 1:51 AM तक
19 मार्च, 7:13 AM – 8:52 AM
2अप्रैलशुक्रवारचैत्र कृष्ण अमांत: फाल्गुन2 अप्रैल, 12:44 AM से
3 अप्रैल, 2:51 AM तक
3 अप्रैल, 1:40 PM – 4:10 PM
17अप्रैलशनिवारचैत्र शुक्ल16 अप्रैल, 11:22 AM से
17 अप्रैल, 9:28 AM तक
18 अप्रैल, 5:53 AM – 7:42 AM
2मईरविवारवैशाख कृष्ण अमांत: चैत्र1 मई, 6:54 PM से
2 मई, 7:52 PM तक
3 मई, 5:39 AM – 8:19 AM
16मईरविवारवैशाख शुक्ल15 मई, 6:18 PM से
16 मई, 5:14 PM तक
17 मई, 5:30 AM – 8:13 AM
1जूनमंगलवारज्येष्ठ कृष्ण अमांत: वैशाख31 मई, 10:03 AM से
1 जून, 9:40 AM तक
2 जून, 5:24 AM – 8:10 AM
14जूनसोमवारज्येष्ठ शुक्ल14 जून, 2:12 AM से
15 जून, 2:08 AM तक
15 जून, 1:45 PM – 4:33 PM
30जूनबुधवारआषाढ़ कृष्ण अमांत: ज्येष्ठ29 जून, 10:04 PM से
30 जून, 8:31 PM तक
1 जुलाई, 5:27 AM – 8:14 AM
14जुलाईबुधवारआषाढ़ शुक्ल13 जुलाई, 12:09 PM से
14 जुलाई, 1:10 PM तक
15 जुलाई, 5:33 AM – 8:19 AM
29जुलाईगुरुवारश्रावण कृष्ण अमांत: आषाढ़29 जुलाई, 7:33 AM से
30 जुलाई, 5:13 AM तक
30 जुलाई, 1:49 PM – 4:32 PM
12अगस्तगुरुवारश्रावण शुक्ल12 अगस्त, 12:58 AM से
13 अगस्त, 2:59 AM तक
13 अगस्त, 1:46 PM – 4:24 PM
28अगस्तशनिवारभाद्रपद कृष्ण अमांत: श्रावण27 अगस्त, 3:25 PM से
28 अगस्त, 12:42 PM तक
29 अगस्त, 5:58 AM – 8:31 AM
11सितंबरशनिवारभाद्रपद शुक्ल10 सितंबर, 5:00 PM से
11 सितंबर, 7:36 PM तक
12 सितंबर, 6:04 AM – 8:34 AM
26सितंबररविवारआश्विन कृष्ण अमांत: भाद्रपद25 सितंबर, 10:31 PM से
26 सितंबर, 7:50 PM तक
27 सितंबर, 6:12 AM – 8:36 AM
11अक्टूबरसोमवारआश्विन शुक्ल10 अक्टूबर, 11:40 AM से
11 अक्टूबर, 2:08 PM तक
12 अक्टूबर, 6:20 AM – 8:39 AM
25अक्टूबरसोमवारकार्तिक कृष्ण अमांत: आश्विन25 अक्टूबर, 5:41 AM से
26 अक्टूबर, 3:22 AM तक
26 अक्टूबर, 1:12 PM – 3:27 PM
10नवंबरबुधवारकार्तिक शुक्ल9 नवंबर, 7:35 AM से
10 नवंबर, 9:11 AM तक
11 नवंबर, 6:40 AM – 8:50 AM
24नवंबरबुधवारमार्गशीर्ष कृष्ण अमांत: कार्तिक23 नवंबर, 1:45 PM से
24 नवंबर, 12:11 PM तक
25 नवंबर, 6:51 AM – 8:58 AM
9दिसंबरगुरुवारमार्गशीर्ष शुक्ल9 दिसंबर, 2:59 AM से
10 दिसंबर, 3:20 AM तक
10 दिसंबर, 1:16 PM – 3:20 PM
23दिसंबरगुरुवारपौष कृष्ण अमांत: मार्गशीर्ष22 दिसंबर, 11:41 PM से
23 दिसंबर, 11:11 PM तक
24 दिसंबर, 7:11 AM – 9:15 AM

तारीख़ कैसे तय होती है

गृहस्थ (स्मार्त) परंपरा में एकादशी का व्रत उस दिन रखा जाता है जिस दिन सूर्योदय के समय एकादशी तिथि हो। अगर एकादशी दो सूर्योदय तक रहे तो व्रत दूसरे दिन रखा जाता है।

अगर एकादशी के बाद की द्वादशी इतनी छोटी हो कि वह कोई सूर्योदय न देखे, तो व्रत एक दिन पहले रखा जाता है, ताकि पारण द्वादशी में हो सके। वैष्णव परंपरा में कुछ एकादशियाँ एक दिन बाद रखी जाती हैं; यहाँ स्मार्त तारीख़ दी गई है।

पारण, यानी व्रत खोलना, अगले दिन सूर्योदय के बाद किया जाता है। द्वादशी का पहला चौथाई भाग हरि वासर कहलाता है और उसमें पारण नहीं किया जाता; हरि वासर सुबह तक निकल जाए तो पारण सुबह होता है, वरना दोपहर बाद।

एकादशी में जाप

इस दिन इनमें से किसी मंत्र का जाप यहीं, गिनती के साथ कर सकते हैं: 21, 51, 108 या 1008 बार, स्वयं गिनकर या ऑडियो के साथ।

एकादशी के बारे में

एकादशी चंद्र मास के हर पक्ष की ग्यारहवीं तिथि है, इसलिए यह महीने में दो बार आती है: एक बार शुक्ल पक्ष में और एक बार कृष्ण पक्ष में। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है और हिन्दू व्रतों में सबसे ज़्यादा रखे जाने वालों में है।

साल की हर एकादशी का अपना नाम है, जैसे निर्जला, देवशयनी, देवउठनी और मोक्षदा। नाम महीने और पक्ष से तय होता है। व्रत कितना कड़ा रखा जाए, यानी निर्जल, फलाहार या एक समय भोजन, यह हर व्यक्ति अपनी क्षमता और परंपरा के अनुसार तय करता है।

आराध्य
भगवान विष्णु
कब
शुक्ल और कृष्ण, दोनों पक्षों की एकादशी (ग्यारहवीं तिथि)
कितनी बार
महीने में दो बार; साल में 24, और अधिक मास वाले साल में 26
व्रत का समय
एकादशी के सूर्योदय से अगले दिन पारण तक

साल की सभी एकादशी के नाम

हर एकादशी का नाम उसके महीने और पक्ष से तय होता है। महीने उत्तर भारत की पूर्णिमांत गणना के हैं। नाम चुनकर उस एकादशी की तारीख़, पारण का समय और महत्व देखें।

पापमोचनी एकादशीचैत्र कृष्ण2 अप्रैल 2027कामदा एकादशीचैत्र शुक्ल17 अप्रैल 2027वरुथिनी एकादशीवैशाख कृष्ण2 मई 2027मोहिनी एकादशीवैशाख शुक्ल16 मई 2027अपरा एकादशीज्येष्ठ कृष्ण1 जून 2027निर्जला एकादशीज्येष्ठ शुक्ल14 जून 2027योगिनी एकादशीआषाढ़ कृष्ण30 जून 2027देवशयनी एकादशीआषाढ़ शुक्ल14 जुलाई 2027कामिका एकादशीश्रावण कृष्ण29 जुलाई 2027श्रावण पुत्रदा एकादशीश्रावण शुक्ल12 अगस्त 2027अजा एकादशीभाद्रपद कृष्ण28 अगस्त 2027परिवर्तिनी एकादशीभाद्रपद शुक्ल11 सितंबर 2027इंदिरा एकादशीआश्विन कृष्ण26 सितंबर 2027पापांकुशा एकादशीआश्विन शुक्ल22 अक्टूबर 2026रमा एकादशीकार्तिक कृष्ण5 नवंबर 2026देवउठनी एकादशीकार्तिक शुक्ल20 नवंबर 2026उत्पन्ना एकादशीमार्गशीर्ष कृष्ण4 दिसंबर 2026मोक्षदा एकादशीमार्गशीर्ष शुक्ल20 दिसंबर 2026सफला एकादशीपौष कृष्ण3 जनवरी 2027पौष पुत्रदा एकादशीपौष शुक्ल18 जनवरी 2027षटतिला एकादशीमाघ कृष्ण2 फ़रवरी 2027जया एकादशीमाघ शुक्ल17 फ़रवरी 2027विजया एकादशीफाल्गुन कृष्ण4 मार्च 2027आमलकी एकादशीफाल्गुन शुक्ल18 मार्च 2027पद्मिनी एकादशीअधिक मास शुक्ल26 मार्च 2029परमा एकादशीअधिक मास कृष्ण9 अप्रैल 2029

और व्रत

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अगली एकादशी कब है?

अगली एकादशी 22 अक्टूबर 2026, गुरुवार को है: पापांकुशा एकादशी। एकादशी तिथि 21 अक्टूबर, 2:11 PM से 22 अक्टूबर, 2:48 PM तक रहेगी। पारण 23 अक्टूबर को 6:27 AM – 8:42 AM के बीच है।

एकादशी का पारण कब किया जाता है?

पारण एकादशी के अगले दिन सूर्योदय के बाद किया जाता है, द्वादशी के पहले चौथाई भाग (हरि वासर) के बीत जाने पर। पापांकुशा एकादशी का पारण 23 अक्टूबर 2026 को 6:27 AM – 8:42 AM के बीच है।

एक साल में कितनी एकादशी होती हैं?

सामान्य चंद्र वर्ष में 24 एकादशी होती हैं, हर महीने दो। जिस साल अधिक मास आता है उसमें दो और जुड़ती हैं, पद्मिनी और परमा, और कुल 26 हो जाती हैं। अंग्रेज़ी साल 2026 में एकादशी के 24 व्रत पड़ते हैं।

एकादशी की तारीख़ कैसे तय होती है?

गृहस्थ (स्मार्त) परंपरा में एकादशी का व्रत उस दिन रखा जाता है जिस दिन सूर्योदय के समय एकादशी तिथि हो। अगर एकादशी दो सूर्योदय तक रहे तो व्रत दूसरे दिन रखा जाता है।

रोज़ का पंचांग, साधक ऐप में

आज का पंचांग, त्योहार से एक दिन पहले याद, व्रत ट्रैकर, जप माला और दो मिनट की नित्य पूजा, एक ही जगह।

साधक ऐप देखें

तारीख़ें खगोलीय गणना से निकाली गई हैं और जगह के अनुसार एक दिन आगे-पीछे हो सकती हैं; व्रत और त्योहार के लिए अपने स्थानीय पंचांग से भी मिलान कर लें।