आज की तिथि
10 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय के समय अमावस्या तिथि है, इसलिए पूरा दिन इसी तिथि से जाना जाता है। यह 9:19 PM तक रहेगी और उसके बाद शुक्ल प्रतिपदा लगेगी।
10 अक्टूबर 2026 · शनिवार · दिल्ली
अमावस्या
9:19 PM तक, फिर शुक्ल प्रतिपदा
आश्विन मास · कृष्ण पक्ष
इस हफ़्ते की तिथियाँ
| तारीख़ | तिथि | कब तक |
|---|---|---|
| 10 अक्टूबर शनिवार | अमावस्या | 9:19 PM |
| 11 अक्टूबर रविवार | शुक्ल प्रतिपदा | 9:30 PM |
| 12 अक्टूबर सोमवार | शुक्ल द्वितीया | 10:13 PM |
| 13 अक्टूबर मंगलवार | शुक्ल तृतीया | 11:27 PM |
| 14 अक्टूबर बुधवार | शुक्ल चतुर्थी | 1:13 AM (अगले दिन) |
| 15 अक्टूबर गुरुवार | शुक्ल पंचमी | 3:25 AM (अगले दिन) |
| 16 अक्टूबर शुक्रवार | शुक्ल षष्ठी | 5:54 AM (अगले दिन) |
तिथि वह है जो उस दिन सूर्योदय के समय चल रही हो। पूरे महीने की तिथियाँ हिन्दू कैलेंडर में देखें।
तिथि क्या है
चंद्रमा जब सूर्य से 12 अंश आगे बढ़ता है तो एक तिथि पूरी होती है। एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं: अमावस्या के बाद शुक्ल पक्ष की 15, जो पूर्णिमा पर पूरी होती हैं, और फिर कृष्ण पक्ष की 15, जो अमावस्या पर।
चंद्रमा की चाल एक जैसी नहीं रहती, इसलिए तिथि लगभग 19 से 26 घंटे की होती है और दिन में किसी भी समय बदल सकती है। कभी एक तिथि दो सूर्योदय तक चलती है, और कभी कोई तिथि बिना सूर्योदय देखे निकल जाती है, जिसे क्षय तिथि कहते हैं।
| क्रम | तिथि | समूह |
|---|---|---|
| 1 | प्रतिपदा | नंदा |
| 2 | द्वितीया | भद्रा |
| 3 | तृतीया | जया |
| 4 | चतुर्थी | रिक्ता |
| 5 | पंचमी | पूर्णा |
| 6 | षष्ठी | नंदा |
| 7 | सप्तमी | भद्रा |
| 8 | अष्टमी | जया |
| 9 | नवमी | रिक्ता |
| 10 | दशमी | पूर्णा |
| 11 | एकादशी | नंदा |
| 12 | द्वादशी | भद्रा |
| 13 | त्रयोदशी | जया |
| 14 | चतुर्दशी | रिक्ता |
| 15 | पूर्णिमा (शुक्ल पक्ष) या अमावस्या (कृष्ण पक्ष) | पूर्णा |
पंचांग के और पन्ने
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आज कौन सी तिथि है?
10 अक्टूबर 2026 को अमावस्या तिथि है, जो 9:19 PM तक रहेगी। उसके बाद शुक्ल प्रतिपदा शुरू होगी।
एक महीने में कितनी तिथियाँ होती हैं?
एक चंद्र मास में 30 तिथियाँ होती हैं: शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से पूर्णिमा तक 15, और कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से अमावस्या तक 15।
दिन की तिथि कैसे तय होती है?
जो तिथि सूर्योदय के समय चल रही हो, पूरा दिन उसी तिथि का माना जाता है। इसे उदया तिथि कहते हैं। इसी वजह से अलग-अलग शहरों में कभी-कभी तिथि का दिन अलग हो जाता है।
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