पूर्णिमांत पंचांग
पूर्णिमांत पंचांग में चंद्र मास पूर्णिमा पर पूरा होता है और अगले दिन, कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से, नया महीना शुरू होता है। उत्तर और मध्य भारत के ज़्यादातर पंचांग इसी तरह चलते हैं।
- महीना कब पूरा होता है
- पूर्णिमा को
- महीने का पहला पक्ष
- कृष्ण पक्ष, फिर शुक्ल पक्ष
- कहाँ चलता है
- उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, झारखंड, छत्तीसगढ़ और दिल्ली
- संवत
- ज़्यादातर विक्रम संवत
विक्रम संवत 2083 के पूर्णिमांत महीने
| महीना | कब से | कब तक | दिन |
|---|---|---|---|
| चैत्र (शुक्ल पक्ष) | 19 मार्च 2026 | 2 अप्रैल 2026 | 15 |
| वैशाख | 3 अप्रैल 2026 | 1 मई 2026 | 29 |
| ज्येष्ठ (कृष्ण पक्ष) | 2 मई 2026 | 16 मई 2026 | 15 |
| अधिक ज्येष्ठ | 17 मई 2026 | 15 जून 2026 | 30 |
| ज्येष्ठ (शुक्ल पक्ष) | 16 जून 2026 | 30 जून 2026 | 15 |
| आषाढ़ | 1 जुलाई 2026 | 29 जुलाई 2026 | 29 |
| श्रावण | 30 जुलाई 2026 | 28 अगस्त 2026 | 30 |
| भाद्रपद | 29 अगस्त 2026 | 26 सितंबर 2026 | 29 |
| आश्विन | 27 सितंबर 2026 | 26 अक्टूबर 2026 | 30 |
| कार्तिक | 27 अक्टूबर 2026 | 24 नवंबर 2026 | 29 |
| मार्गशीर्ष | 25 नवंबर 2026 | 23 दिसंबर 2026 | 29 |
| पौष | 24 दिसंबर 2026 | 22 जनवरी 2027 | 30 |
| माघ | 23 जनवरी 2027 | 20 फ़रवरी 2027 | 29 |
| फाल्गुन | 21 फ़रवरी 2027 | 22 मार्च 2027 | 30 |
| चैत्र (कृष्ण पक्ष) | 23 मार्च 2027 | 6 अप्रैल 2027 | 15 |
महीना पूर्णिमा के अगले दिन से गिना गया है। साल चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को बदलता है, इसलिए चैत्र दो हिस्सों में दिखता है। तारीख़ें दिल्ली के सूर्योदय के अनुसार हैं।
अमांत से फ़र्क
शुक्ल पक्ष में पूर्णिमांत और अमांत, दोनों में महीने का नाम एक ही रहता है। कृष्ण पक्ष में पूर्णिमांत का महीना अमांत से एक आगे होता है, क्योंकि पूर्णिमांत में नया महीना पंद्रह दिन पहले शुरू हो चुका होता है।
दिन और तिथि वही रहती है, इसलिए त्योहार पूरे देश में एक ही दिन पड़ता है; सिर्फ़ महीने का नाम बदलता है। हर दिन की तिथि हिन्दू कैलेंडर में देखें, और इस गिनती के साथ चलने वाला संवत विक्रम संवत के पन्ने पर।
| पर्व | तिथि | पूर्णिमांत में | अमांत में |
|---|---|---|---|
| राम नवमी | शुक्ल नवमी | चैत्र | चैत्र |
| जन्माष्टमी | कृष्ण अष्टमी | भाद्रपद | श्रावण |
| करवा चौथ | कृष्ण चतुर्थी | कार्तिक | आश्विन |
| दीपावली | अमावस्या | कार्तिक | आश्विन |
| महाशिवरात्रि | कृष्ण चतुर्दशी | फाल्गुन | माघ |
इससे जुड़े कैलेंडर
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पूर्णिमांत का क्या मतलब है?
पूर्णिमांत यानी पूर्णिमा पर अंत। इस गिनती में चंद्र मास पूर्णिमा को पूरा होता है और अगला महीना कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से शुरू होता है।
आज पूर्णिमांत के अनुसार कौन सा महीना है?
10 अक्टूबर 2026 को पूर्णिमांत में आश्विन मास है, जबकि अमांत में भाद्रपद मास है।
पूर्णिमांत में अधिक मास कैसे गिना जाता है?
अधिक मास हमेशा अमावस्या से अमावस्या तक का होता है। इसलिए पूर्णिमांत में वह अपने नाम वाले महीने के दोनों पक्षों के बीच आता है: पहले उस महीने का कृष्ण पक्ष, फिर पूरा अधिक मास, फिर उस महीने का शुक्ल पक्ष।
क्या पूर्णिमांत और अमांत में त्योहार अलग-अलग दिन पड़ते हैं?
नहीं। तिथि और दिन दोनों में एक ही रहते हैं। कृष्ण पक्ष के त्योहारों में सिर्फ़ महीने का नाम अलग बोला जाता है, जैसे दीपावली पूर्णिमांत में कार्तिक अमावस्या है और अमांत में आश्विन अमावस्या।
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