अगली पूर्णिमा16 दिन बाद
आश्विन पूर्णिमा
- तिथि शुरू
- 25 अक्टूबर, 11:56 AM
- तिथि समाप्त
- 26 अक्टूबर, 9:41 AM
- पूर्णिमा व्रत
- 25 अक्टूबर, रविवार (एक दिन पहले)
अगली पूर्णिमा आश्विन पूर्णिमा है, जो 26 अक्टूबर 2026, सोमवार को है। पूर्णिमा तिथि 25 अक्टूबर, 11:56 AM से 26 अक्टूबर, 9:41 AM तक रहेगी। नीचे 2026 और 2027 की सभी तारीख़ें दी गई हैं।
अगली पूर्णिमा16 दिन बाद
| तारीख़ | व्रत | मास और पक्ष | तिथि | व्रत और सत्यनारायण पूजा |
|---|---|---|---|---|
| 3जनवरीशनिवार | पौष पूर्णिमा | पौष शुक्ल | 2 जनवरी, 6:53 PM से 3 जनवरी, 3:32 PM तक | उसी दिन |
| 1फ़रवरीरविवार | माघ पूर्णिमामाघी पूर्णिमा | माघ शुक्ल | 1 फ़रवरी, 5:52 AM से 2 फ़रवरी, 3:38 AM तक | उसी दिन |
| 3मार्चमंगलवार | फाल्गुन पूर्णिमा | फाल्गुन शुक्ल | 2 मार्च, 5:55 PM से 3 मार्च, 5:07 PM तक | उसी दिन |
| 2अप्रैलगुरुवार | चैत्र पूर्णिमाहनुमान जयंती | चैत्र शुक्ल | 1 अप्रैल, 7:07 AM से 2 अप्रैल, 7:42 AM तक | 1 अप्रैल एक दिन पहले |
| 1मईशुक्रवार | वैशाख पूर्णिमाबुद्ध पूर्णिमा | वैशाख शुक्ल | 30 अप्रैल, 9:13 PM से 1 मई, 10:52 PM तक | उसी दिन |
| 31मईरविवार | अधिक ज्येष्ठ पूर्णिमा | अधिक ज्येष्ठ शुक्ल | 30 मई, 11:58 AM से 31 मई, 2:15 PM तक | 30 मई एक दिन पहले |
| 29जूनसोमवार | ज्येष्ठ पूर्णिमावट पूर्णिमा | ज्येष्ठ शुक्ल | 29 जून, 3:07 AM से 30 जून, 5:27 AM तक | उसी दिन |
| 29जुलाईबुधवार | आषाढ़ पूर्णिमागुरु पूर्णिमा | आषाढ़ शुक्ल | 28 जुलाई, 6:20 PM से 29 जुलाई, 8:06 PM तक | उसी दिन |
| 28अगस्तशुक्रवार | श्रावण पूर्णिमा | श्रावण शुक्ल | 27 अगस्त, 9:09 AM से 28 अगस्त, 9:48 AM तक | 27 अगस्त एक दिन पहले |
| 26सितंबरशनिवार | भाद्रपद पूर्णिमा | भाद्रपद शुक्ल | 25 सितंबर, 11:06 PM से 26 सितंबर, 10:18 PM तक | उसी दिन |
| 26अक्टूबरसोमवार | आश्विन पूर्णिमाशरद पूर्णिमा 25 अक्टूबर | आश्विन शुक्ल | 25 अक्टूबर, 11:56 AM से 26 अक्टूबर, 9:41 AM तक | 25 अक्टूबर एक दिन पहले |
| 24नवंबरमंगलवार | कार्तिक पूर्णिमाकार्तिक पूर्णिमा | कार्तिक शुक्ल | 23 नवंबर, 11:43 PM से 24 नवंबर, 8:24 PM तक | उसी दिन |
| 23दिसंबरबुधवार | मार्गशीर्ष पूर्णिमा | मार्गशीर्ष शुक्ल | 23 दिसंबर, 10:47 AM से 24 दिसंबर, 6:58 AM तक | उसी दिन |
सभी तारीख़ें और समय दिल्ली के लिए भारतीय समय (IST) में हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय और चंद्रोदय का समय अलग होता है, इसलिए कभी-कभी व्रत का दिन भी एक दिन आगे-पीछे हो जाता है; समय में कुछ मिनट का अंतर भी हो सकता है।
| तारीख़ | व्रत | मास और पक्ष | तिथि | व्रत और सत्यनारायण पूजा |
|---|---|---|---|---|
| 22जनवरीशुक्रवार | पौष पूर्णिमा | पौष शुक्ल | 21 जनवरी, 9:29 PM से 22 जनवरी, 5:46 PM तक | उसी दिन |
| 20फ़रवरीशनिवार | माघ पूर्णिमामाघी पूर्णिमा | माघ शुक्ल | 20 फ़रवरी, 7:58 AM से 21 फ़रवरी, 4:52 AM तक | उसी दिन |
| 22मार्चसोमवार | फाल्गुन पूर्णिमा | फाल्गुन शुक्ल | 21 मार्च, 6:21 PM से 22 मार्च, 4:13 PM तक | उसी दिन |
| 20अप्रैलमंगलवार | चैत्र पूर्णिमाहनुमान जयंती | चैत्र शुक्ल | 20 अप्रैल, 4:52 AM से 21 अप्रैल, 3:57 AM तक | उसी दिन |
| 20मईगुरुवार | वैशाख पूर्णिमाबुद्ध पूर्णिमा | वैशाख शुक्ल | 19 मई, 4:03 PM से 20 मई, 4:29 PM तक | उसी दिन |
| 18जूनशुक्रवार | ज्येष्ठ पूर्णिमावट पूर्णिमा | ज्येष्ठ शुक्ल | 18 जून, 4:35 AM से 19 जून, 6:14 AM तक | उसी दिन |
| 18जुलाईरविवार | आषाढ़ पूर्णिमागुरु पूर्णिमा | आषाढ़ शुक्ल | 17 जुलाई, 6:49 PM से 18 जुलाई, 9:15 PM तक | उसी दिन |
| 17अगस्तमंगलवार | श्रावण पूर्णिमा | श्रावण शुक्ल | 16 अगस्त, 10:29 AM से 17 अगस्त, 12:58 PM तक | 16 अगस्त एक दिन पहले |
| 15सितंबरबुधवार | भाद्रपद पूर्णिमा | भाद्रपद शुक्ल | 15 सितंबर, 2:48 AM से 16 सितंबर, 4:32 AM तक | उसी दिन |
| 15अक्टूबरशुक्रवार | आश्विन पूर्णिमाशरद पूर्णिमा 14 अक्टूबर | आश्विन शुक्ल | 14 अक्टूबर, 6:48 PM से 15 अक्टूबर, 7:16 PM तक | उसी दिन |
| 14नवंबररविवार | कार्तिक पूर्णिमाकार्तिक पूर्णिमा | कार्तिक शुक्ल | 13 नवंबर, 9:55 AM से 14 नवंबर, 8:55 AM तक | 13 नवंबर एक दिन पहले |
| 13दिसंबरसोमवार | मार्गशीर्ष पूर्णिमा | मार्गशीर्ष शुक्ल | 12 दिसंबर, 11:56 PM से 13 दिसंबर, 9:39 PM तक | उसी दिन |
पूर्णिमा की दो तारीख़ें हो सकती हैं। पूर्णिमा का दिन वह है जिस दिन सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि हो; स्नान और दान इसी दिन किया जाता है।
पूर्णिमा का व्रत उस दिन रखा जाता है जिस दिन दोपहर (मध्याह्न) तक पूर्णिमा तिथि लग चुकी हो, ताकि शाम को चंद्रोदय के समय पूर्णिमा रहे; व्रत चाँद देखकर खोला जाता है। इसलिए जब पूर्णिमा सूर्योदय के बाद पर दोपहर से पहले लगती है, तो व्रत उसी दिन होता है और पूर्णिमा की उदया तिथि अगले दिन पड़ती है। नीचे की सूची में दोनों तारीख़ें दी गई हैं।
पूर्णिमा शुक्ल पक्ष की आख़िरी तिथि है, जब चाँद पूरा दिखता है। उत्तर भारत की पूर्णिमांत गणना में महीना इसी दिन पूरा होता है। पूर्णिमा पर व्रत, स्नान, दान और सत्यनारायण कथा की परंपरा है।
हर महीने की पूर्णिमा का अपना महत्व है: आषाढ़ की गुरु पूर्णिमा, श्रावण की राखी, आश्विन की शरद पूर्णिमा और कार्तिक की कार्तिक पूर्णिमा इनमें सबसे जानी-मानी हैं।
अगली पूर्णिमा 26 अक्टूबर 2026, सोमवार को है: आश्विन पूर्णिमा। पूर्णिमा तिथि 25 अक्टूबर, 11:56 AM से 26 अक्टूबर, 9:41 AM तक रहेगी।
पूर्णिमा का व्रत उस दिन रखा जाता है जिस दिन दोपहर तक पूर्णिमा तिथि लग चुकी हो। आश्विन पूर्णिमा का व्रत 25 अक्टूबर 2026 को है, पूर्णिमा की उदया तिथि से एक दिन पहले।
अगली शरद पूर्णिमा (आश्विन) 25 अक्टूबर 2026 को और अगली गुरु पूर्णिमा (आषाढ़) 18 जुलाई 2027 को है।
2026 में पूर्णिमा 13 बार है; इनमें अधिक मास का एक दिन भी है। आम तौर पर: महीने में एक बार; साल में 12 या 13।
पूर्णिमा की दो तारीख़ें हो सकती हैं। पूर्णिमा का दिन वह है जिस दिन सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि हो; स्नान और दान इसी दिन किया जाता है।
आज का पंचांग, त्योहार से एक दिन पहले याद, व्रत ट्रैकर, जप माला और दो मिनट की नित्य पूजा, एक ही जगह।
तारीख़ें खगोलीय गणना से निकाली गई हैं और जगह के अनुसार एक दिन आगे-पीछे हो सकती हैं; व्रत और त्योहार के लिए अपने स्थानीय पंचांग से भी मिलान कर लें।