सूर्य, हनुमान और भैरव192 दिन बाद
हनुमान जयंती 2027
चैत्र पूर्णिमा
- तिथि शुरू
- 20 अप्रैल, 4:52 AM
- तिथि समाप्त
- 21 अप्रैल, 3:57 AM
- आराध्य
- हनुमान जी
हनुमान जयंती 20 अप्रैल 2027, मंगलवार को है। यह चैत्र पूर्णिमा को आता है। तिथि 20 अप्रैल, 4:52 AM से 21 अप्रैल, 3:57 AM तक रहेगी।
सूर्य, हनुमान और भैरव192 दिन बाद
चैत्र पूर्णिमा
उत्तर भारत में हनुमान जयंती चैत्र महीने की पूर्णिमा को मनाई जाती है। इस दिन व्रत रखा जाता है और हनुमान चालीसा व सुंदरकांड का पाठ होता है।
हनुमान जयंती की तारीख़ पूरे भारत में एक नहीं है: आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में यह वैशाख में, कर्नाटक में मार्गशीर्ष में और तमिलनाडु में मार्गळि महीने की अमावस्या को मनाई जाती है।
व्रत की विधि और नियम परंपरा और परिवार के अनुसार अलग होते हैं; यहाँ सबसे प्रचलित रूप बताया गया है।
| तारीख़ | साल | तिथि शुरू | तिथि समाप्त |
|---|---|---|---|
| 12अप्रैलशनिवार | हनुमान जयंती 2025 | 12 अप्रैल, 3:22 AM | 13 अप्रैल, 5:51 AM |
| 2अप्रैलगुरुवार | हनुमान जयंती 2026 | 1 अप्रैल, 7:07 AM | 2 अप्रैल, 7:42 AM |
| 20अप्रैलमंगलवार | हनुमान जयंती 2027 | 20 अप्रैल, 4:52 AM | 21 अप्रैल, 3:57 AM |
| 9अप्रैलरविवार | हनुमान जयंती 2028 | 8 अप्रैल, 7:11 PM | 9 अप्रैल, 3:56 PM |
| 28अप्रैलशनिवार | हनुमान जयंती 2029 | 27 अप्रैल, 7:55 PM | 28 अप्रैल, 4:07 PM |
| 18अप्रैलगुरुवार | हनुमान जयंती 2030 | 17 अप्रैल, 12:17 PM | 18 अप्रैल, 8:49 AM |
| 7अप्रैलसोमवार | हनुमान जयंती 2031 | 7 अप्रैल, 12:10 AM | 7 अप्रैल, 10:51 PM |
| 25अप्रैलरविवार | हनुमान जयंती 2032 | 24 अप्रैल, 8:31 PM | 25 अप्रैल, 8:39 PM |
सभी तारीख़ें और समय दिल्ली के लिए भारतीय समय (IST) में हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय और चंद्रोदय का समय अलग होता है, इसलिए कभी-कभी व्रत का दिन भी एक दिन आगे-पीछे हो जाता है; समय में कुछ मिनट का अंतर भी हो सकता है।
हनुमान जयंती 20 अप्रैल 2027, मंगलवार को है। चैत्र पूर्णिमा तिथि 20 अप्रैल, 4:52 AM से 21 अप्रैल, 3:57 AM तक रहेगी।
हनुमान जयंती चैत्र पूर्णिमा को आता है।
हनुमान जयंती हनुमान जी से जुड़ा है।
हनुमान जयंती 2028 में 9 अप्रैल 2028, रविवार को है।
आज का पंचांग, त्योहार से एक दिन पहले याद, व्रत ट्रैकर, जप माला और दो मिनट की नित्य पूजा, एक ही जगह।
तारीख़ें खगोलीय गणना से निकाली गई हैं और जगह के अनुसार एक दिन आगे-पीछे हो सकती हैं; व्रत और त्योहार के लिए अपने स्थानीय पंचांग से भी मिलान कर लें।