संकटमोचन हनुमानाष्टक
हनुमान · अष्टकम् · ब्रज
बाल समय रबि भक्षि लियो तब तीनहुँ लोक भयो अँधियारो

हनुमान जी के ३ स्तोत्र, स्तुतियाँ और श्लोक, हर श्लोक के अर्थ और शब्दार्थ के साथ।
श्री राम के भक्त हनुमान जी, जिनकी पूजा मंगलवार और शनिवार को होती है।
हनुमान · अष्टकम् · ब्रज
बाल समय रबि भक्षि लियो तब तीनहुँ लोक भयो अँधियारो
हनुमान · स्तुति · अवधी
निश्चय प्रेम प्रतीति ते, बिनय करैं सनमान
हनुमान · श्लोक · संस्कृत
मनोजवं मारुततुल्यवेगं
इस पेज पर संकटमोचन हनुमानाष्टक, बजरंग बाण, मनोजवं मारुततुल्यवेगं (हनुमान वन्दना) हैं। हर एक का पूरा पाठ और अर्थ उसके अपने पेज पर है।
हनुमान जी की पूजा के लिए ये दिन प्रचलित हैं: मंगलवार व्रत, हनुमान जयंती। इनकी सही तारीख़ें व्रत के पेजों पर हैं।
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