बंगाली कैलेंडर (बंगाब्द)
बंगाली कैलेंडर या बंगाब्द पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, असम की बराक घाटी और बांग्लादेश में चलने वाला सौर कैलेंडर है। साल बैशाख के पहले दिन, पोहेला बोइशाख, से शुरू होता है, जो अप्रैल के मध्य में पड़ता है। यह ईस्वी सन् से 593 साल पीछे चलता है।
आश्विन আশ্বিন
बंगाब्द 1433
18 सितंबर 2026 – 17 अक्टूबर 2026
एक नज़र में
- प्रकार
- सौर
- नया साल
- पोहेला बोइशाख (बैशाख 1)
- ईस्वी सन् से
- 593 साल पीछे (पोहेला बोइशाख से पहले 594)
- दो रूप
- पश्चिम बंगाल में संक्रांति से; बांग्लादेश में तय तारीख़ों से
- ऋतुएँ
- छह, हर ऋतु दो महीने की: ग्रीष्म, वर्षा, शरद, हेमंत, शीत, वसंत
बंगाब्द 1433: पश्चिम बंगाल
| महीना | पहला दिन | दिन | बांग्ला में | सूर्य की राशि |
|---|---|---|---|---|
| बैशाख Boishakh | 15 अप्रैल 2026 | 31 | বৈশাখ | मेष |
| ज्येष्ठ Joishtho | 16 मई 2026 | 31 | জ্যৈষ্ঠ | वृषभ |
| आषाढ़ Asharh | 16 जून 2026 | 31 | আষাঢ় | मिथुन |
| श्रावण Shrabon | 17 जुलाई 2026 | 32 | শ্রাবণ | कर्क |
| भाद्र Bhadro | 18 अगस्त 2026 | 31 | ভাদ্র | सिंह |
| आश्विन Ashshin | 18 सितंबर 2026 | 30 | আশ্বিন | कन्या |
| कार्तिक Kartik | 18 अक्टूबर 2026 | 30 | কার্তিক | तुला |
| अग्रहायण Ogrohayon | 17 नवंबर 2026 | 30 | অগ্রহায়ণ | वृश्चिक |
| पौष Poush | 17 दिसंबर 2026 | 29 | পৌষ | धनु |
| माघ Magh | 15 जनवरी 2027 | 30 | মাঘ | मकर |
| फाल्गुन Falgun | 14 फ़रवरी 2027 | 30 | ফাল্গুন | कुंभ |
| चैत्र Choitro | 16 मार्च 2027 | 30 | চৈত্র | मीन |
यहाँ महीना संक्रांति के अगले दिन से गिना गया है। पश्चिम बंगाल की कुछ पारंपरिक पंजिकाएँ पुरानी गणना अपनाती हैं, इसलिए उनमें कोई तारीख़ एक दिन आगे-पीछे हो सकती है।
बंगाब्द 1433: बांग्लादेश
| महीना | पहला दिन | दिन | बांग्ला में |
|---|---|---|---|
| बैशाख | 14 अप्रैल 2026 | 31 | বৈশাখ |
| ज्येष्ठ | 15 मई 2026 | 31 | জ্যৈষ্ঠ |
| आषाढ़ | 15 जून 2026 | 31 | আষাঢ় |
| श्रावण | 16 जुलाई 2026 | 31 | শ্রাবণ |
| भाद्र | 16 अगस्त 2026 | 31 | ভাদ্র |
| आश्विन | 16 सितंबर 2026 | 31 | আশ্বিন |
| कार्तिक | 17 अक्टूबर 2026 | 30 | কার্তিক |
| अग्रहायण | 16 नवंबर 2026 | 30 | অগ্রহায়ণ |
| पौष | 16 दिसंबर 2026 | 30 | পৌষ |
| माघ | 15 जनवरी 2027 | 30 | মাঘ |
| फाल्गुन | 14 फ़रवरी 2027 | 29 | ফাল্গুন |
| चैत्र | 15 मार्च 2027 | 30 | চৈত্র |
पश्चिम बंगाल में महीने सूर्य की चाल से तय होते हैं, इसलिए उनके दिन हर साल थोड़े बदलते हैं और पोहेला बोइशाख प्रायः 15 अप्रैल को पड़ता है। बांग्लादेश ने तारीख़ें तय कर दी हैं: वहाँ पोहेला बोइशाख हमेशा 14 अप्रैल को होता है, पहले छह महीने 31 दिन के, फाल्गुन 29 दिन का (लीप वर्ष में 30) और बाकी महीने 30 दिन के होते हैं। 10 अक्टूबर 2026 को बांग्लादेश में 25 आश्विन 1433 है।
बंगाब्द की शुरुआत को लेकर दो मत हैं: कुछ इसे गौड़ के राजा शशांक से जोड़ते हैं, और कुछ मुग़ल बादशाह अकबर के समय लगान के लिए चलाए गए फ़सली सन् से।
तमिल कैलेंडर और मलयालम कैलेंडर भी सूर्य की संक्रांति से चलते हैं; तीनों में महीने का पहला दिन तय करने का नियम अलग है।
इससे जुड़े कैलेंडर
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आज बंगाली कैलेंडर में क्या तारीख़ है?
10 अक्टूबर 2026 को पश्चिम बंगाल के कैलेंडर में 23 आश्विन, बंगाब्द 1433 है, और बांग्लादेश के कैलेंडर में 25 आश्विन 1433।
पोहेला बोइशाख कब है?
पश्चिम बंगाल में अगला पोहेला बोइशाख 15 अप्रैल 2027 को है, जिससे बंगाब्द 1434 शुरू होगा। बांग्लादेश में यह हर साल 14 अप्रैल को मनाया जाता है।
ईस्वी सन् से बंगाब्द कैसे निकालें?
ईस्वी सन् में से 593 घटा दें। तारीख़ 1 जनवरी और पोहेला बोइशाख (अप्रैल के मध्य) के बीच की हो तो 594 घटाएँ। जैसे 10 अक्टूबर 2026 के लिए 2026 − 593 = 1433।
पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के बंगाली कैलेंडर में क्या फ़र्क है?
पश्चिम बंगाल में महीना सूर्य की संक्रांति के अगले दिन शुरू होता है, इसलिए महीनों के दिन बदलते रहते हैं। बांग्लादेश में महीनों के दिन तय हैं और साल हमेशा 14 अप्रैल को शुरू होता है। इसी वजह से दोनों की तारीख़ों में एक-दो दिन का फ़र्क रहता है।
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