सूर्य, हनुमान और भैरव36 दिन बाद
छठ पूजा 2026
कार्तिक शुक्ल षष्ठी
- तिथि शुरू
- 14 नवंबर, 11:24 PM
- तिथि समाप्त
- 16 नवंबर, 2:01 AM
- आराध्य
- सूर्य देव और छठी मैया
छठ पूजा 15 नवंबर 2026, रविवार को है। यह कार्तिक शुक्ल षष्ठी को आता है। तिथि 14 नवंबर, 11:24 PM से 16 नवंबर, 2:01 AM तक रहेगी।
सूर्य, हनुमान और भैरव36 दिन बाद
कार्तिक शुक्ल षष्ठी
छठ पूजा कार्तिक के शुक्ल पक्ष की षष्ठी को होती है, दीपावली के लगभग छह दिन बाद। यह सूर्य देव और छठी मैया की आराधना का चार दिन का पर्व है: पहले दिन नहाय-खाय, दूसरे दिन खरना, तीसरे दिन (षष्ठी) डूबते सूर्य को संध्या अर्घ्य और चौथे दिन उगते सूर्य को उषा अर्घ्य।
व्रती खरना के बाद लगभग 36 घंटे निर्जल व्रत रखते हैं। यहाँ दी गई तारीख़ षष्ठी की है, यानी संध्या अर्घ्य के दिन की; नहाय-खाय उससे दो दिन पहले और उषा अर्घ्य एक दिन बाद होता है।
व्रत की विधि और नियम परंपरा और परिवार के अनुसार अलग होते हैं; यहाँ सबसे प्रचलित रूप बताया गया है।
| तारीख़ | साल | तिथि शुरू | तिथि समाप्त |
|---|---|---|---|
| 27अक्टूबरसोमवार | छठ पूजा 2025 | 27 अक्टूबर, 6:05 AM | 28 अक्टूबर, 7:59 AM |
| 15नवंबररविवार | छठ पूजा 2026 | 14 नवंबर, 11:24 PM | 16 नवंबर, 2:01 AM |
| 4नवंबरगुरुवार | छठ पूजा 2027 | 3 नवंबर, 7:32 PM | 4 नवंबर, 9:38 PM |
| 23अक्टूबरसोमवार | छठ पूजा 2028 | 22 अक्टूबर, 8:54 PM | 23 अक्टूबर, 8:52 PM |
| 11नवंबररविवार | छठ पूजा 2029 | 10 नवंबर, 7:14 PM | 11 नवंबर, 6:11 PM |
| 31अक्टूबरगुरुवार | छठ पूजा 2030 | 31 अक्टूबर, 10:24 AM | 1 नवंबर, 8:04 AM |
| 19नवंबरबुधवार | छठ पूजा 2031 | 19 नवंबर, 2:00 PM | 20 नवंबर, 11:30 AM |
| 8नवंबरसोमवार | छठ पूजा 2032 | 8 नवंबर, 9:21 AM | 9 नवंबर, 7:50 AM |
सभी तारीख़ें और समय दिल्ली के लिए भारतीय समय (IST) में हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय और चंद्रोदय का समय अलग होता है, इसलिए कभी-कभी व्रत का दिन भी एक दिन आगे-पीछे हो जाता है; समय में कुछ मिनट का अंतर भी हो सकता है।
छठ पूजा 15 नवंबर 2026, रविवार को है। कार्तिक शुक्ल षष्ठी तिथि 14 नवंबर, 11:24 PM से 16 नवंबर, 2:01 AM तक रहेगी।
छठ पूजा कार्तिक शुक्ल षष्ठी को आता है।
छठ पूजा सूर्य देव और छठी मैया से जुड़ा है। यह बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, नेपाल का तराई क्षेत्र में प्रचलित है।
छठ पूजा 2027 में 4 नवंबर 2027, गुरुवार को है।
आज का पंचांग, त्योहार से एक दिन पहले याद, व्रत ट्रैकर, जप माला और दो मिनट की नित्य पूजा, एक ही जगह।
तारीख़ें खगोलीय गणना से निकाली गई हैं और जगह के अनुसार एक दिन आगे-पीछे हो सकती हैं; व्रत और त्योहार के लिए अपने स्थानीय पंचांग से भी मिलान कर लें।