संक्रांति 2026 की तारीख़ें

अगली संक्रांति तुला संक्रांति है, जो 17 अक्टूबर 2026, शनिवार को है। सूर्य 17 अक्टूबर, 7:58 PM पर तुला राशि में जाएगा। नीचे 2026 और 2027 की सभी तारीख़ें दी गई हैं।

शनिवार17अक्टूबर 2026

अगली संक्रांति7 दिन बाद

तुला संक्रांति

सूर्य का प्रवेश
तुला राशि में, 17 अक्टूबर, 7:58 PM

संक्रांति 2026 की सूची

संक्रांति 2026 की तारीख़ें
तारीख़व्रतसूर्य के राशि बदलने का समय
14जनवरीबुधवार
मकर संक्रांतिमकर संक्रांति, पोंगल, उत्तरायण
14 जनवरी, 3:11 PM
13फ़रवरीशुक्रवार
कुंभ संक्रांति
13 फ़रवरी, 4:13 AM
15मार्चरविवार
मीन संक्रांतिखरमास शुरू
15 मार्च, 1:07 AM
14अप्रैलमंगलवार
मेष संक्रांतिबैसाखी, सौर नव वर्ष
14 अप्रैल, 9:36 AM
15मईशुक्रवार
वृषभ संक्रांति
15 मई, 6:25 AM
15जूनसोमवार
मिथुन संक्रांति
15 जून, 12:56 PM
16जुलाईगुरुवार
कर्क संक्रांतिदक्षिणायन की शुरुआत
16 जुलाई, 11:44 PM
17अगस्तसोमवार
सिंह संक्रांति
17 अगस्त, 8:04 AM
17सितंबरगुरुवार
कन्या संक्रांतिविश्वकर्मा पूजा
17 सितंबर, 8:00 AM
17अक्टूबरशनिवार
तुला संक्रांति
17 अक्टूबर, 7:58 PM
16नवंबरसोमवार
वृश्चिक संक्रांति
16 नवंबर, 7:48 PM
16दिसंबरबुधवार
धनु संक्रांतिखरमास शुरू
16 दिसंबर, 10:29 AM

सभी तारीख़ें और समय दिल्ली के लिए भारतीय समय (IST) में हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय और चंद्रोदय का समय अलग होता है, इसलिए कभी-कभी व्रत का दिन भी एक दिन आगे-पीछे हो जाता है; समय में कुछ मिनट का अंतर भी हो सकता है।

संक्रांति 2027 की सूची

संक्रांति 2027 की तारीख़ें
तारीख़व्रतसूर्य के राशि बदलने का समय
15जनवरीशुक्रवार
मकर संक्रांतिमकर संक्रांति, पोंगल, उत्तरायण
14 जनवरी, 9:14 PM
13फ़रवरीशनिवार
कुंभ संक्रांति
13 फ़रवरी, 10:14 AM
15मार्चसोमवार
मीन संक्रांतिखरमास शुरू
15 मार्च, 7:06 AM
14अप्रैलबुधवार
मेष संक्रांतिबैसाखी, सौर नव वर्ष
14 अप्रैल, 3:34 PM
15मईशनिवार
वृषभ संक्रांति
15 मई, 12:24 PM
15जूनमंगलवार
मिथुन संक्रांति
15 जून, 7:00 PM
17जुलाईशनिवार
कर्क संक्रांतिदक्षिणायन की शुरुआत
17 जुलाई, 5:53 AM
17अगस्तमंगलवार
सिंह संक्रांति
17 अगस्त, 2:18 PM
17सितंबरशुक्रवार
कन्या संक्रांतिविश्वकर्मा पूजा
17 सितंबर, 2:16 PM
18अक्टूबरसोमवार
तुला संक्रांति
18 अक्टूबर, 2:15 AM
17नवंबरबुधवार
वृश्चिक संक्रांति
17 नवंबर, 2:04 AM
16दिसंबरगुरुवार
धनु संक्रांतिखरमास शुरू
16 दिसंबर, 4:43 PM

तारीख़ कैसे तय होती है

संक्रांति तिथि से नहीं, सूर्य की स्थिति से तय होती है, इसलिए ये हर साल लगभग एक ही अंग्रेज़ी तारीख़ पर आती हैं। संक्रांति उसी दिन मानी जाती है जिस दिन सूर्य राशि बदलता है।

मकर संक्रांति में एक अंतर है: जब सूर्य सूर्यास्त के बाद मकर में जाता है, तो पर्व अगले दिन मनाया जाता है।

संक्रांति में जाप

इस दिन इनमें से किसी मंत्र का जाप यहीं, गिनती के साथ कर सकते हैं: 21, 51, 108 या 1008 बार, स्वयं गिनकर या ऑडियो के साथ।

संक्रांति के बारे में

सूर्य जब एक राशि से निकलकर दूसरी में जाता है तो उस क्षण को संक्रांति कहते हैं। साल में बारह संक्रांतियाँ होती हैं और हर एक का नाम उस राशि पर है जिसमें सूर्य जाता है। संक्रांति पर स्नान, दान और सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा है।

मकर संक्रांति इनमें सबसे बड़ी है; इसी दिन पोंगल और उत्तरायण मनाए जाते हैं। मेष संक्रांति से तमिल, बंगाली, मलयालम जैसे सौर कैलेंडरों का नया साल शुरू होता है।

आराध्य
सूर्य देव
कब
तिथि से नहीं, सूर्य के राशि बदलने से
कितनी बार
साल में 12; हर महीने एक
व्रत का समय
संक्रांति के दिन स्नान और दान

और व्रत

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अगली संक्रांति कब है?

अगली संक्रांति 17 अक्टूबर 2026, शनिवार को है: तुला संक्रांति। सूर्य 17 अक्टूबर, 7:58 PM पर तुला राशि में जाएगा।

मकर संक्रांति कब है?

अगली मकर संक्रांति 15 जनवरी 2027, शुक्रवार को है। सूर्य 14 जनवरी, 9:14 PM पर मकर राशि में जाएगा।

2026 में संक्रांति कितनी बार है?

2026 में संक्रांति 12 बार है। आम तौर पर: साल में 12; हर महीने एक।

संक्रांति की तारीख़ कैसे तय होती है?

संक्रांति तिथि से नहीं, सूर्य की स्थिति से तय होती है, इसलिए ये हर साल लगभग एक ही अंग्रेज़ी तारीख़ पर आती हैं। संक्रांति उसी दिन मानी जाती है जिस दिन सूर्य राशि बदलता है।

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आज का पंचांग, त्योहार से एक दिन पहले याद, व्रत ट्रैकर, जप माला और दो मिनट की नित्य पूजा, एक ही जगह।

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तारीख़ें खगोलीय गणना से निकाली गई हैं और जगह के अनुसार एक दिन आगे-पीछे हो सकती हैं; व्रत और त्योहार के लिए अपने स्थानीय पंचांग से भी मिलान कर लें।