नाम वाली पूर्णिमा और अमावस्या45 दिन बाद
कार्तिक पूर्णिमा 2026
कार्तिक पूर्णिमा
- तिथि शुरू
- 23 नवंबर, 11:43 PM
- तिथि समाप्त
- 24 नवंबर, 8:24 PM
- आराध्य
- भगवान शिव, भगवान विष्णु और कार्तिकेय
कार्तिक पूर्णिमा 24 नवंबर 2026, मंगलवार को है। यह कार्तिक पूर्णिमा को आता है। तिथि 23 नवंबर, 11:43 PM से 24 नवंबर, 8:24 PM तक रहेगी।
नाम वाली पूर्णिमा और अमावस्या45 दिन बाद
कार्तिक पूर्णिमा
कार्तिक पूर्णिमा कार्तिक महीने की पूर्णिमा है और साल की सबसे पवित्र पूर्णिमाओं में गिनी जाती है। इस दिन गंगा स्नान और दीपदान की परंपरा है; काशी में इसी शाम देव दीपावली मनाई जाती है।
मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर का वध किया था, इसलिए इसे त्रिपुरी पूर्णिमा कहते हैं। इसी दिन गुरु नानक जयंती और पुष्कर मेले का समापन भी होता है।
व्रत की विधि और नियम परंपरा और परिवार के अनुसार अलग होते हैं; यहाँ सबसे प्रचलित रूप बताया गया है।
| तारीख़ | साल | तिथि शुरू | तिथि समाप्त |
|---|---|---|---|
| 5नवंबरबुधवार | कार्तिक पूर्णिमा 2025 | 4 नवंबर, 10:37 PM | 5 नवंबर, 6:50 PM |
| 24नवंबरमंगलवार | कार्तिक पूर्णिमा 2026 | 23 नवंबर, 11:43 PM | 24 नवंबर, 8:24 PM |
| 14नवंबररविवार | कार्तिक पूर्णिमा 2027 | 13 नवंबर, 9:55 AM | 14 नवंबर, 8:55 AM |
| 2नवंबरगुरुवार | कार्तिक पूर्णिमा 2028 | 1 नवंबर, 1:08 PM | 2 नवंबर, 2:46 PM |
| 21नवंबरबुधवार | कार्तिक पूर्णिमा 2029 | 20 नवंबर, 7:02 AM | 21 नवंबर, 9:32 AM |
| 10नवंबररविवार | कार्तिक पूर्णिमा 2030 | 9 नवंबर, 7:03 AM | 10 नवंबर, 9:00 AM |
| 28नवंबरशुक्रवार | कार्तिक पूर्णिमा 2031 | 28 नवंबर, 3:53 AM | 29 नवंबर, 4:48 AM |
| 17नवंबरबुधवार | कार्तिक पूर्णिमा 2032 | 16 नवंबर, 2:03 PM | 17 नवंबर, 12:12 PM |
सभी तारीख़ें और समय दिल्ली के लिए भारतीय समय (IST) में हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय और चंद्रोदय का समय अलग होता है, इसलिए कभी-कभी व्रत का दिन भी एक दिन आगे-पीछे हो जाता है; समय में कुछ मिनट का अंतर भी हो सकता है।
कार्तिक पूर्णिमा 24 नवंबर 2026, मंगलवार को है। कार्तिक पूर्णिमा तिथि 23 नवंबर, 11:43 PM से 24 नवंबर, 8:24 PM तक रहेगी।
कार्तिक पूर्णिमा कार्तिक पूर्णिमा को आता है।
कार्तिक पूर्णिमा भगवान शिव, भगवान विष्णु और कार्तिकेय से जुड़ा है।
कार्तिक पूर्णिमा 2027 में 14 नवंबर 2027, रविवार को है।
आज का पंचांग, त्योहार से एक दिन पहले याद, व्रत ट्रैकर, जप माला और दो मिनट की नित्य पूजा, एक ही जगह।
तारीख़ें खगोलीय गणना से निकाली गई हैं और जगह के अनुसार एक दिन आगे-पीछे हो सकती हैं; व्रत और त्योहार के लिए अपने स्थानीय पंचांग से भी मिलान कर लें।