नाम वाली पूर्णिमा और अमावस्या281 दिन बाद
गुरु पूर्णिमा 2027
आषाढ़ पूर्णिमा
- तिथि शुरू
- 17 जुलाई, 6:49 PM
- तिथि समाप्त
- 18 जुलाई, 9:15 PM
- आराध्य
- गुरु; महर्षि वेदव्यास
गुरु पूर्णिमा 18 जुलाई 2027, रविवार को है। यह आषाढ़ पूर्णिमा को आता है। तिथि 17 जुलाई, 6:49 PM से 18 जुलाई, 9:15 PM तक रहेगी।
नाम वाली पूर्णिमा और अमावस्या281 दिन बाद
आषाढ़ पूर्णिमा
गुरु पूर्णिमा आषाढ़ महीने की पूर्णिमा है। यह महर्षि वेदव्यास का जन्मदिन माना जाता है, इसलिए इसे व्यास पूर्णिमा भी कहते हैं।
इस दिन अपने गुरु की पूजा और सम्मान किया जाता है। इसके अगले दिन से उत्तर भारत में सावन का महीना शुरू होता है।
व्रत की विधि और नियम परंपरा और परिवार के अनुसार अलग होते हैं; यहाँ सबसे प्रचलित रूप बताया गया है।
| तारीख़ | साल | तिथि शुरू | तिथि समाप्त |
|---|---|---|---|
| 10जुलाईगुरुवार | गुरु पूर्णिमा 2025 | 10 जुलाई, 1:37 AM | 11 जुलाई, 2:06 AM |
| 29जुलाईबुधवार | गुरु पूर्णिमा 2026 | 28 जुलाई, 6:20 PM | 29 जुलाई, 8:06 PM |
| 18जुलाईरविवार | गुरु पूर्णिमा 2027 | 17 जुलाई, 6:49 PM | 18 जुलाई, 9:15 PM |
| 6जुलाईगुरुवार | गुरु पूर्णिमा 2028 | 5 जुलाई, 11:04 PM | 6 जुलाई, 11:40 PM |
| 25जुलाईबुधवार | गुरु पूर्णिमा 2029 | 24 जुलाई, 7:50 PM | 25 जुलाई, 7:05 PM |
| 15जुलाईसोमवार | गुरु पूर्णिमा 2030 | 14 जुलाई, 10:47 AM | 15 जुलाई, 7:42 AM |
| 4जुलाईशुक्रवार | गुरु पूर्णिमा 2031 | 4 जुलाई, 4:21 AM | 5 जुलाई, 12:31 AM |
| 22जुलाईगुरुवार | गुरु पूर्णिमा 2032 | 22 जुलाई, 3:54 AM | 23 जुलाई, 12:21 AM |
सभी तारीख़ें और समय दिल्ली के लिए भारतीय समय (IST) में हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय और चंद्रोदय का समय अलग होता है, इसलिए कभी-कभी व्रत का दिन भी एक दिन आगे-पीछे हो जाता है; समय में कुछ मिनट का अंतर भी हो सकता है।
गुरु पूर्णिमा 18 जुलाई 2027, रविवार को है। आषाढ़ पूर्णिमा तिथि 17 जुलाई, 6:49 PM से 18 जुलाई, 9:15 PM तक रहेगी।
गुरु पूर्णिमा आषाढ़ पूर्णिमा को आता है।
गुरु पूर्णिमा गुरु; महर्षि वेदव्यास से जुड़ा है।
गुरु पूर्णिमा 2028 में 6 जुलाई 2028, गुरुवार को है।
आज का पंचांग, त्योहार से एक दिन पहले याद, व्रत ट्रैकर, जप माला और दो मिनट की नित्य पूजा, एक ही जगह।
तारीख़ें खगोलीय गणना से निकाली गई हैं और जगह के अनुसार एक दिन आगे-पीछे हो सकती हैं; व्रत और त्योहार के लिए अपने स्थानीय पंचांग से भी मिलान कर लें।