मोहिनी एकादशी218 दिन बाद
मोहिनी एकादशी 2027
वैशाख शुक्ल एकादशी
- तिथि शुरू
- 15 मई, 6:18 PM
- तिथि समाप्त
- 16 मई, 5:14 PM
- पारण
- 17 मई, 5:30 AM – 8:13 AM
- द्वादशी समाप्त
- 17 मई, 4:28 PM
मोहिनी एकादशी 16 मई 2027, रविवार को है। यह वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी है। एकादशी तिथि 15 मई, 6:18 PM से 16 मई, 5:14 PM तक रहेगी, और व्रत का पारण 17 मई को 5:30 AM – 8:13 AM के बीच है।
मोहिनी एकादशी218 दिन बाद
वैशाख शुक्ल एकादशी
इस एकादशी का नाम भगवान विष्णु के मोहिनी रूप पर है, जो उन्होंने समुद्र मंथन के समय अमृत बाँटने के लिए लिया था।
एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है। व्रत उस दिन रखा जाता है जिस दिन सूर्योदय पर एकादशी तिथि हो, और अगले दिन द्वादशी में खोला जाता है। नियम का पूरा ब्योरा एकादशी के पन्ने पर है।
| तारीख़ | साल | तिथि शुरू | तिथि समाप्त | पारण |
|---|---|---|---|---|
| 8मईगुरुवार | मोहिनी एकादशी 2025 | 7 मई, 10:20 AM | 8 मई, 12:30 PM | 9 मई, 5:34 AM – 8:16 AM |
| 27अप्रैलसोमवार | मोहिनी एकादशी 2026 | 26 अप्रैल, 6:07 PM | 27 अप्रैल, 6:16 PM | 28 अप्रैल, 5:43 AM – 8:21 AM |
| 16मईरविवार | मोहिनी एकादशी 2027 | 15 मई, 6:18 PM | 16 मई, 5:14 PM | 17 मई, 5:30 AM – 8:13 AM |
| 5मईशुक्रवार | मोहिनी एकादशी 2028 | 4 मई, 2:13 PM | 5 मई, 11:33 AM | 6 मई, 5:36 AM – 8:17 AM |
| 24मईगुरुवार | मोहिनी एकादशी 2029 | 23 मई, 4:09 PM | 24 मई, 1:10 PM | 25 मई, 5:26 AM – 8:11 AM |
| 13मईसोमवार | मोहिनी एकादशी 2030 | 13 मई, 8:33 AM | 14 मई, 6:22 AM | 14 मई, 1:39 PM – 4:21 PM |
| 3मईशनिवार | मोहिनी एकादशी 2031 | 2 मई, 3:56 PM | 3 मई, 3:55 PM | 4 मई, 5:38 AM – 8:18 AM |
| 21मईशुक्रवार | मोहिनी एकादशी 2032 | 20 मई, 8:23 AM | 21 मई, 9:38 AM | 22 मई, 5:27 AM – 8:11 AM |
सभी तारीख़ें और समय दिल्ली के लिए भारतीय समय (IST) में हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय और चंद्रोदय का समय अलग होता है, इसलिए कभी-कभी व्रत का दिन भी एक दिन आगे-पीछे हो जाता है; समय में कुछ मिनट का अंतर भी हो सकता है।
मोहिनी एकादशी 16 मई 2027, रविवार को है। एकादशी तिथि 15 मई, 6:18 PM से 16 मई, 5:14 PM तक रहेगी।
मोहिनी एकादशी का पारण 17 मई 2027 को 5:30 AM – 8:13 AM के बीच है। द्वादशी तिथि 17 मई, 4:28 PM तक रहेगी।
मोहिनी एकादशी वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष में आती है।
आज का पंचांग, त्योहार से एक दिन पहले याद, व्रत ट्रैकर, जप माला और दो मिनट की नित्य पूजा, एक ही जगह।
तारीख़ें खगोलीय गणना से निकाली गई हैं और जगह के अनुसार एक दिन आगे-पीछे हो सकती हैं; व्रत और त्योहार के लिए अपने स्थानीय पंचांग से भी मिलान कर लें।