उत्पन्ना एकादशी55 दिन बाद
उत्पन्ना एकादशी 2026
मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी
- तिथि शुरू
- 3 दिसंबर, 11:04 PM
- तिथि समाप्त
- 4 दिसंबर, 11:45 PM
- पारण
- 5 दिसंबर, 6:59 AM – 9:04 AM
- द्वादशी समाप्त
- 6 दिसंबर, 12:52 AM
उत्पन्ना एकादशी 4 दिसंबर 2026, शुक्रवार को है। यह मार्गशीर्ष महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी है। एकादशी तिथि 3 दिसंबर, 11:04 PM से 4 दिसंबर, 11:45 PM तक रहेगी, और व्रत का पारण 5 दिसंबर को 6:59 AM – 9:04 AM के बीच है।
उत्पन्ना एकादशी55 दिन बाद
मार्गशीर्ष कृष्ण एकादशी
कथा के अनुसार इसी दिन एकादशी देवी प्रकट हुई थीं, इसलिए इसका नाम उत्पन्ना है। जो लोग एकादशी का व्रत शुरू करना चाहते हैं, वे परंपरा के अनुसार इसी एकादशी से शुरू करते हैं।
एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है। व्रत उस दिन रखा जाता है जिस दिन सूर्योदय पर एकादशी तिथि हो, और अगले दिन द्वादशी में खोला जाता है। नियम का पूरा ब्योरा एकादशी के पन्ने पर है।
| तारीख़ | साल | तिथि शुरू | तिथि समाप्त | पारण |
|---|---|---|---|---|
| 15नवंबरशनिवार | उत्पन्ना एकादशी 2025 | 15 नवंबर, 12:50 AM | 16 नवंबर, 2:38 AM | 16 नवंबर, 1:10 PM – 3:19 PM |
| 4दिसंबरशुक्रवार | उत्पन्ना एकादशी 2026 | 3 दिसंबर, 11:04 PM | 4 दिसंबर, 11:45 PM | 5 दिसंबर, 6:59 AM – 9:04 AM |
| 24नवंबरबुधवार | उत्पन्ना एकादशी 2027 | 23 नवंबर, 1:45 PM | 24 नवंबर, 12:11 PM | 25 नवंबर, 6:51 AM – 8:58 AM |
| 12नवंबररविवार | उत्पन्ना एकादशी 2028 | 12 नवंबर, 9:30 AM | 13 नवंबर, 6:42 AM | 13 नवंबर, 1:10 PM – 3:19 PM |
| 1दिसंबरशनिवार | उत्पन्ना एकादशी 2029 | 1 दिसंबर, 12:40 PM | 2 दिसंबर, 9:52 AM | 2 दिसंबर, 3:04 PM – 3:19 PM |
| 21नवंबरगुरुवार | उत्पन्ना एकादशी 2030 | 21 नवंबर, 1:42 AM | 22 नवंबर, 12:10 AM | 22 नवंबर, 6:49 AM – 8:56 AM |
| 10दिसंबरबुधवार | उत्पन्ना एकादशी 2031 | 9 दिसंबर, 11:21 PM | 10 दिसंबर, 11:02 PM | 11 दिसंबर, 7:03 AM – 9:08 AM |
| 28नवंबररविवार | उत्पन्ना एकादशी 2032 | 27 नवंबर, 10:36 PM | 29 नवंबर, 12:35 AM | 29 नवंबर, 6:57 AM – 9:01 AM |
सभी तारीख़ें और समय दिल्ली के लिए भारतीय समय (IST) में हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय और चंद्रोदय का समय अलग होता है, इसलिए कभी-कभी व्रत का दिन भी एक दिन आगे-पीछे हो जाता है; समय में कुछ मिनट का अंतर भी हो सकता है।
उत्पन्ना एकादशी 4 दिसंबर 2026, शुक्रवार को है। एकादशी तिथि 3 दिसंबर, 11:04 PM से 4 दिसंबर, 11:45 PM तक रहेगी।
उत्पन्ना एकादशी का पारण 5 दिसंबर 2026 को 6:59 AM – 9:04 AM के बीच है। द्वादशी तिथि 6 दिसंबर, 12:52 AM तक रहेगी।
उत्पन्ना एकादशी मार्गशीर्ष महीने के कृष्ण पक्ष में आती है। जहाँ महीना अमावस्या पर पूरा होता है (अमांत गणना), वहाँ यही एकादशी कार्तिक कृष्ण पक्ष की कहलाती है।
उत्पन्ना एकादशी को उत्पत्ति एकादशी भी कहते हैं।
आज का पंचांग, त्योहार से एक दिन पहले याद, व्रत ट्रैकर, जप माला और दो मिनट की नित्य पूजा, एक ही जगह।
तारीख़ें खगोलीय गणना से निकाली गई हैं और जगह के अनुसार एक दिन आगे-पीछे हो सकती हैं; व्रत और त्योहार के लिए अपने स्थानीय पंचांग से भी मिलान कर लें।