अपरा एकादशी234 दिन बाद
अपरा एकादशी 2027
ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी
- तिथि शुरू
- 31 मई, 10:03 AM
- तिथि समाप्त
- 1 जून, 9:40 AM
- पारण
- 2 जून, 5:24 AM – 8:10 AM
- द्वादशी समाप्त
- 2 जून, 8:29 AM
अपरा एकादशी 1 जून 2027, मंगलवार को है। यह ज्येष्ठ महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी है। एकादशी तिथि 31 मई, 10:03 AM से 1 जून, 9:40 AM तक रहेगी, और व्रत का पारण 2 जून को 5:24 AM – 8:10 AM के बीच है।
अपरा एकादशी234 दिन बाद
ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी
अपरा एकादशी को अचला एकादशी भी कहते हैं। यह ज्येष्ठ के कृष्ण पक्ष में आती है।
एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है। व्रत उस दिन रखा जाता है जिस दिन सूर्योदय पर एकादशी तिथि हो, और अगले दिन द्वादशी में खोला जाता है। नियम का पूरा ब्योरा एकादशी के पन्ने पर है।
| तारीख़ | साल | तिथि शुरू | तिथि समाप्त | पारण |
|---|---|---|---|---|
| 23मईशुक्रवार | अपरा एकादशी 2025 | 23 मई, 1:14 AM | 23 मई, 10:31 PM | 24 मई, 5:26 AM – 8:11 AM |
| 13मईबुधवार | अपरा एकादशी 2026 | 12 मई, 2:54 PM | 13 मई, 1:31 PM | 14 मई, 5:31 AM – 8:14 AM |
| 1जूनमंगलवार | अपरा एकादशी 2027 | 31 मई, 10:03 AM | 1 जून, 9:40 AM | 2 जून, 5:24 AM – 8:10 AM |
| 20मईशनिवार | अपरा एकादशी 2028 | 19 मई, 10:11 AM | 20 मई, 12:02 PM | 21 मई, 5:27 AM – 8:11 AM |
| 7जूनगुरुवार | अपरा एकादशी 2029 | 7 जून, 12:21 AM | 8 जून, 2:44 AM | 8 जून, 1:44 PM – 4:31 PM |
| 27मईसोमवार | अपरा एकादशी 2030 | 27 मई, 12:19 AM | 28 मई, 2:04 AM | 28 मई, 1:41 PM – 4:27 PM |
| 17मईशनिवार | अपरा एकादशी 2031 | 16 मई, 9:37 AM | 17 मई, 9:17 AM | 18 मई, 5:29 AM – 8:12 AM |
| 4जूनशुक्रवार | अपरा एकादशी 2032 | 3 जून, 9:47 AM | 4 जून, 8:30 AM | 5 जून, 5:23 AM – 7:33 AM |
सभी तारीख़ें और समय दिल्ली के लिए भारतीय समय (IST) में हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय और चंद्रोदय का समय अलग होता है, इसलिए कभी-कभी व्रत का दिन भी एक दिन आगे-पीछे हो जाता है; समय में कुछ मिनट का अंतर भी हो सकता है।
अपरा एकादशी 1 जून 2027, मंगलवार को है। एकादशी तिथि 31 मई, 10:03 AM से 1 जून, 9:40 AM तक रहेगी।
अपरा एकादशी का पारण 2 जून 2027 को 5:24 AM – 8:10 AM के बीच है। द्वादशी तिथि 2 जून, 8:29 AM तक रहेगी।
अपरा एकादशी ज्येष्ठ महीने के कृष्ण पक्ष में आती है। जहाँ महीना अमावस्या पर पूरा होता है (अमांत गणना), वहाँ यही एकादशी वैशाख कृष्ण पक्ष की कहलाती है।
अपरा एकादशी को अचला एकादशी भी कहते हैं।
आज का पंचांग, त्योहार से एक दिन पहले याद, व्रत ट्रैकर, जप माला और दो मिनट की नित्य पूजा, एक ही जगह।
तारीख़ें खगोलीय गणना से निकाली गई हैं और जगह के अनुसार एक दिन आगे-पीछे हो सकती हैं; व्रत और त्योहार के लिए अपने स्थानीय पंचांग से भी मिलान कर लें।