दांपत्य और संतान के व्रत237 दिन बाद
वट सावित्री व्रत 2027
ज्येष्ठ अमावस्या
- तिथि शुरू
- 4 जून, 4:05 AM
- तिथि समाप्त
- 5 जून, 1:10 AM
- आराध्य
- सावित्री और सत्यवान; बरगद का पेड़
वट सावित्री व्रत 4 जून 2027, शुक्रवार को है। यह ज्येष्ठ अमावस्या को आता है (अमांत गणना में वैशाख अमावस्या)। तिथि 4 जून, 4:05 AM से 5 जून, 1:10 AM तक रहेगी।
दांपत्य और संतान के व्रत237 दिन बाद
ज्येष्ठ अमावस्या
वट सावित्री व्रत उत्तर भारत में ज्येष्ठ अमावस्या को रखा जाता है; जिस दिन दोपहर तक अमावस्या लग चुकी हो। कथा के अनुसार सावित्री ने अपने तप और बुद्धि से यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस पाए थे।
सुहागिन महिलाएँ पति की लंबी उम्र के लिए बरगद (वट) के पेड़ की पूजा करती हैं और उसके तने पर कच्चा सूत लपेटते हुए परिक्रमा करती हैं। महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत में यही व्रत पंद्रह दिन बाद ज्येष्ठ पूर्णिमा को रखा जाता है, जिसे वट पूर्णिमा कहते हैं।
व्रत की विधि और नियम परंपरा और परिवार के अनुसार अलग होते हैं; यहाँ सबसे प्रचलित रूप बताया गया है।
| तारीख़ | साल | तिथि शुरू | तिथि समाप्त |
|---|---|---|---|
| 26मईसोमवार | वट सावित्री व्रत 2025 | 26 मई, 12:13 PM | 27 मई, 8:33 AM |
| 16मईशनिवार | वट सावित्री व्रत 2026 | 16 मई, 5:11 AM | 17 मई, 1:31 AM |
| 4जूनशुक्रवार | वट सावित्री व्रत 2027 | 4 जून, 4:05 AM | 5 जून, 1:10 AM |
| 24मईबुधवार | वट सावित्री व्रत 2028 | 23 मई, 2:10 PM | 24 मई, 1:46 PM |
| 11जूनसोमवार | वट सावित्री व्रत 2029 | 11 जून, 8:18 AM | 12 जून, 9:20 AM |
| 31मईशुक्रवार | वट सावित्री व्रत 2030 | 31 मई, 9:15 AM | 1 जून, 11:50 AM |
| 20मईमंगलवार | वट सावित्री व्रत 2031 | 20 मई, 11:14 AM | 21 मई, 12:46 PM |
| 7जूनसोमवार | वट सावित्री व्रत 2032 | 7 जून, 6:48 AM | 8 जून, 7:02 AM |
सभी तारीख़ें और समय दिल्ली के लिए भारतीय समय (IST) में हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय और चंद्रोदय का समय अलग होता है, इसलिए कभी-कभी व्रत का दिन भी एक दिन आगे-पीछे हो जाता है; समय में कुछ मिनट का अंतर भी हो सकता है।
वट सावित्री व्रत 4 जून 2027, शुक्रवार को है। ज्येष्ठ अमावस्या तिथि 4 जून, 4:05 AM से 5 जून, 1:10 AM तक रहेगी।
वट सावित्री व्रत ज्येष्ठ अमावस्या को आता है। जहाँ महीना अमावस्या पर पूरा होता है (अमांत गणना), वहाँ यही तिथि वैशाख अमावस्या कहलाती है।
वट सावित्री व्रत सावित्री और सत्यवान; बरगद का पेड़ से जुड़ा है। यह उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, ओडिशा में प्रचलित है।
वट सावित्री व्रत 2028 में 24 मई 2028, बुधवार को है।
आज का पंचांग, त्योहार से एक दिन पहले याद, व्रत ट्रैकर, जप माला और दो मिनट की नित्य पूजा, एक ही जगह।
तारीख़ें खगोलीय गणना से निकाली गई हैं और जगह के अनुसार एक दिन आगे-पीछे हो सकती हैं; व्रत और त्योहार के लिए अपने स्थानीय पंचांग से भी मिलान कर लें।