बुधवार व्रत

बुधवार गणेश जी और बुध देव का दिन है, और बुधवार व्रत उन्हीं के लिए रखा जाता है। अगला बुधवार 14 अक्टूबर 2026 को है; उस दिन सूर्योदय पर शुक्ल चतुर्थी तिथि है।

बुधवार14अक्टूबर 2026

अगला बुधवार4 दिन बाद

बुधवार व्रत

गणेश जी और बुध देव

उस दिन की तिथि
शुक्ल चतुर्थी, 1:13 AM (अगले दिन) तक
ग्रह
बुध

आने वाले बुधवार

आने वाले बुधवार
तारीख़व्रतसूर्योदय की तिथिउसी दिन और व्रत
14अक्टूबरबुधवार
बुधवार व्रत
शुक्ल चतुर्थीविनायक चतुर्थी
21अक्टूबरबुधवार
बुधवार व्रत
शुक्ल दशमी–
28अक्टूबरबुधवार
बुधवार व्रत
कृष्ण तृतीया–
4नवंबरबुधवार
बुधवार व्रत
कृष्ण दशमी–
11नवंबरबुधवार
बुधवार व्रत
शुक्ल द्वितीया–
18नवंबरबुधवार
बुधवार व्रत
शुक्ल नवमीआँवला नवमी (अक्षय नवमी)
25नवंबरबुधवार
बुधवार व्रत
कृष्ण प्रतिपदा–
2दिसंबरबुधवार
बुधवार व्रत
कृष्ण नवमी–

सभी तारीख़ें और समय दिल्ली के लिए भारतीय समय (IST) में हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय और चंद्रोदय का समय अलग होता है, इसलिए कभी-कभी व्रत का दिन भी एक दिन आगे-पीछे हो जाता है; समय में कुछ मिनट का अंतर भी हो सकता है।

बुधवार से जुड़े व्रत

बुध प्रदोष व्रत
20 जनवरी 2027, 3 फ़रवरी 2027, 2 जून 2027
गणेश चतुर्थी
4 सितंबर 2027

बुधवार का जाप

इस दिन इनमें से किसी मंत्र का जाप यहीं, गिनती के साथ कर सकते हैं: 21, 51, 108 या 1008 बार, स्वयं गिनकर या ऑडियो के साथ।

बुधवार व्रत के बारे में

बुधवार बुध ग्रह और भगवान गणेश का दिन है। कई परंपराओं में, ख़ासकर महाराष्ट्र में विठ्ठल के रूप में, इस दिन भगवान विष्णु और श्री कृष्ण की पूजा भी की जाती है।

गणेश जी के मासिक व्रत तिथि से चलते हैं, वार से नहीं: शुक्ल पक्ष में विनायक चतुर्थी और कृष्ण पक्ष में संकष्टी चतुर्थी।

दिन
बुधवार
आराध्य
गणेश जी और बुध देव
ग्रह
बुध

व्रत की विधि, भोजन के नियम और कथा परंपरा और परिवार के अनुसार अलग होती है; यहाँ सबसे प्रचलित रूप बताया गया है।

सप्ताह के बाक़ी व्रत

और व्रत

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

बुधवार व्रत किसके लिए रखा जाता है?

बुधवार व्रत गणेश जी और बुध देव के लिए रखा जाता है। बुधवार का ग्रह बुध है।

अगला बुधवार कब है?

अगला बुधवार 14 अक्टूबर 2026 को है। उस दिन सूर्योदय पर शुक्ल चतुर्थी तिथि है।

अगला बुध प्रदोष कब है?

बुधवार को पड़ने वाला प्रदोष व्रत बुध प्रदोष कहलाता है। अगला बुध प्रदोष 20 जनवरी 2027 को है।

रोज़ का पंचांग, साधक ऐप में

आज का पंचांग, त्योहार से एक दिन पहले याद, व्रत ट्रैकर, जप माला और दो मिनट की नित्य पूजा, एक ही जगह।

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तारीख़ें खगोलीय गणना से निकाली गई हैं और जगह के अनुसार एक दिन आगे-पीछे हो सकती हैं; व्रत और त्योहार के लिए अपने स्थानीय पंचांग से भी मिलान कर लें।