गुरुवार व्रत

गुरुवार भगवान विष्णु और बृहस्पति देव का दिन है, और गुरुवार व्रत उन्हीं के लिए रखा जाता है। अगला गुरुवार 15 अक्टूबर 2026 को है; उस दिन सूर्योदय पर शुक्ल पंचमी तिथि है।

गुरुवार15अक्टूबर 2026

अगला गुरुवार5 दिन बाद

गुरुवार व्रत

भगवान विष्णु और बृहस्पति देव

उस दिन की तिथि
शुक्ल पंचमी, 3:25 AM (अगले दिन) तक
ग्रह
गुरु (बृहस्पति)

आने वाले गुरुवार

आने वाले गुरुवार
तारीख़व्रतसूर्योदय की तिथिउसी दिन और व्रत
15अक्टूबरगुरुवार
गुरुवार व्रत
शुक्ल पंचमी–
22अक्टूबरगुरुवार
गुरुवार व्रत
शुक्ल एकादशीपापांकुशा एकादशी
29अक्टूबरगुरुवार
गुरुवार व्रत
कृष्ण चतुर्थीकरवा चौथ
5नवंबरगुरुवार
गुरुवार व्रत
कृष्ण एकादशीरमा एकादशी
12नवंबरगुरुवार
गुरुवार व्रत
शुक्ल तृतीया–
19नवंबरगुरुवार
गुरुवार व्रत
शुक्ल नवमी–
26नवंबरगुरुवार
गुरुवार व्रत
कृष्ण द्वितीया–
3दिसंबरगुरुवार
गुरुवार व्रत
कृष्ण दशमी–

सभी तारीख़ें और समय दिल्ली के लिए भारतीय समय (IST) में हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय और चंद्रोदय का समय अलग होता है, इसलिए कभी-कभी व्रत का दिन भी एक दिन आगे-पीछे हो जाता है; समय में कुछ मिनट का अंतर भी हो सकता है।

मार्गशीर्ष के गुरुवार 2026

मार्गशीर्ष महीने के गुरुवार माता लक्ष्मी की पूजा के दिन हैं। ओडिशा में इन्हें मानबसा गुरुबार कहते हैं; वहाँ महीना पूर्णिमा के बाद शुरू होता है। महाराष्ट्र में यही मार्गशीर्ष गुरुवार का महालक्ष्मी व्रत है, जहाँ महीना अमावस्या के बाद शुरू होता है।

ओडिशा: मानबसा गुरुबार (25 नवंबर से 23 दिसंबर)

  1. 26नवंबरगुरुवार
  2. 3दिसंबरगुरुवार
  3. 10दिसंबरगुरुवार
  4. 17दिसंबरगुरुवार

महाराष्ट्र: मार्गशीर्ष गुरुवार (9 दिसंबर से 7 जनवरी)

  1. 10दिसंबरगुरुवार
  2. 17दिसंबरगुरुवार
  3. 24दिसंबरगुरुवार
  4. 31दिसंबरगुरुवार
  5. 7जनवरीगुरुवार

गुरुवार से जुड़े व्रत

गुरु प्रदोष व्रत
18 फ़रवरी 2027, 1 जुलाई 2027, 15 जुलाई 2027
गुरु पूर्णिमा
18 जुलाई 2027

गुरुवार का जाप

इस दिन इनमें से किसी मंत्र का जाप यहीं, गिनती के साथ कर सकते हैं: 21, 51, 108 या 1008 बार, स्वयं गिनकर या ऑडियो के साथ।

गुरुवार व्रत के बारे में

गुरुवार, यानी बृहस्पतिवार, देवताओं के गुरु बृहस्पति और भगवान विष्णु का दिन है। इस दिन के व्रत में पीले रंग का महत्व माना जाता है: पीले वस्त्र, चने की दाल और केले के पेड़ की पूजा। साईं बाबा और दत्तात्रेय के भक्त भी गुरुवार का व्रत रखते हैं।

मार्गशीर्ष महीने के गुरुवार माता लक्ष्मी के लिए विशेष माने जाते हैं: ओडिशा में इन्हें मानबसा गुरुबार और महाराष्ट्र में मार्गशीर्ष गुरुवार का महालक्ष्मी व्रत कहते हैं।

दिन
गुरुवार
आराध्य
भगवान विष्णु और बृहस्पति देव
ग्रह
गुरु (बृहस्पति)

व्रत की विधि, भोजन के नियम और कथा परंपरा और परिवार के अनुसार अलग होती है; यहाँ सबसे प्रचलित रूप बताया गया है।

सप्ताह के बाक़ी व्रत

और व्रत

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

गुरुवार व्रत किसके लिए रखा जाता है?

गुरुवार व्रत भगवान विष्णु और बृहस्पति देव के लिए रखा जाता है। गुरुवार का ग्रह गुरु (बृहस्पति) है।

अगला गुरुवार कब है?

अगला गुरुवार 15 अक्टूबर 2026 को है। उस दिन सूर्योदय पर शुक्ल पंचमी तिथि है।

अगला गुरु प्रदोष कब है?

गुरुवार को पड़ने वाला प्रदोष व्रत गुरु प्रदोष कहलाता है। अगला गुरु प्रदोष 18 फ़रवरी 2027 को है।

रोज़ का पंचांग, साधक ऐप में

आज का पंचांग, त्योहार से एक दिन पहले याद, व्रत ट्रैकर, जप माला और दो मिनट की नित्य पूजा, एक ही जगह।

साधक ऐप देखें

तारीख़ें खगोलीय गणना से निकाली गई हैं और जगह के अनुसार एक दिन आगे-पीछे हो सकती हैं; व्रत और त्योहार के लिए अपने स्थानीय पंचांग से भी मिलान कर लें।