गणेश और लक्ष्मी329 दिन बाद
गणेश चतुर्थी 2027
भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी
- तिथि शुरू
- 3 सितंबर, 2:19 PM
- तिथि समाप्त
- 4 सितंबर, 12:25 PM
- आराध्य
- भगवान गणेश
गणेश चतुर्थी 4 सितंबर 2027, शनिवार को है। यह भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को आता है। तिथि 3 सितंबर, 2:19 PM से 4 सितंबर, 12:25 PM तक रहेगी।
गणेश और लक्ष्मी329 दिन बाद
भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी
गणेश चतुर्थी भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को आती है और भगवान गणेश के जन्म का पर्व है। इसी दिन घरों और पंडालों में गणेश प्रतिमा की स्थापना होती है और दस दिन का गणेशोत्सव शुरू होता है, जो अनंत चतुर्दशी को विसर्जन पर पूरा होता है।
गणेश जी का जन्म दोपहर में माना जाता है, इसलिए पूजा मध्याह्न में की जाती है। परंपरा में इस दिन चाँद नहीं देखा जाता।
व्रत की विधि और नियम परंपरा और परिवार के अनुसार अलग होते हैं; यहाँ सबसे प्रचलित रूप बताया गया है।
| तारीख़ | साल | तिथि शुरू | तिथि समाप्त |
|---|---|---|---|
| 27अगस्तबुधवार | गणेश चतुर्थी 2025 | 26 अगस्त, 1:54 PM | 27 अगस्त, 3:44 PM |
| 14सितंबरसोमवार | गणेश चतुर्थी 2026 | 14 सितंबर, 7:06 AM | 15 सितंबर, 7:44 AM |
| 4सितंबरशनिवार | गणेश चतुर्थी 2027 | 3 सितंबर, 2:19 PM | 4 सितंबर, 12:25 PM |
| 23अगस्तबुधवार | गणेश चतुर्थी 2028 | 23 अगस्त, 5:10 AM | 24 अगस्त, 1:55 AM |
| 11सितंबरमंगलवार | गणेश चतुर्थी 2029 | 11 सितंबर, 6:09 AM | 12 सितंबर, 2:57 AM |
| 1सितंबररविवार | गणेश चतुर्थी 2030 | 1 सितंबर, 12:31 AM | 1 सितंबर, 10:38 PM |
| 20सितंबरशनिवार | गणेश चतुर्थी 2031 | 20 सितंबर, 12:29 AM | 20 सितंबर, 11:49 PM |
| 8सितंबरबुधवार | गणेश चतुर्थी 2032 | 8 सितंबर, 9:10 AM | 9 सितंबर, 10:51 AM |
सभी तारीख़ें और समय दिल्ली के लिए भारतीय समय (IST) में हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय और चंद्रोदय का समय अलग होता है, इसलिए कभी-कभी व्रत का दिन भी एक दिन आगे-पीछे हो जाता है; समय में कुछ मिनट का अंतर भी हो सकता है।
गणेश चतुर्थी 4 सितंबर 2027, शनिवार को है। भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी तिथि 3 सितंबर, 2:19 PM से 4 सितंबर, 12:25 PM तक रहेगी।
गणेश चतुर्थी भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को आता है।
गणेश चतुर्थी भगवान गणेश से जुड़ा है। यह पूरे भारत में; सबसे बड़े रूप में महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु में में प्रचलित है।
गणेश चतुर्थी 2028 में 23 अगस्त 2028, बुधवार को है।
आज का पंचांग, त्योहार से एक दिन पहले याद, व्रत ट्रैकर, जप माला और दो मिनट की नित्य पूजा, एक ही जगह।
तारीख़ें खगोलीय गणना से निकाली गई हैं और जगह के अनुसार एक दिन आगे-पीछे हो सकती हैं; व्रत और त्योहार के लिए अपने स्थानीय पंचांग से भी मिलान कर लें।