गणेश और लक्ष्मी15 दिन बाद
कोजागर पूजा 2026
आश्विन पूर्णिमा
- तिथि शुरू
- 25 अक्टूबर, 11:56 AM
- तिथि समाप्त
- 26 अक्टूबर, 9:41 AM
- आराध्य
- माता लक्ष्मी
कोजागर पूजा 25 अक्टूबर 2026, रविवार को है। यह आश्विन पूर्णिमा को आता है। तिथि 25 अक्टूबर, 11:56 AM से 26 अक्टूबर, 9:41 AM तक रहेगी।
गणेश और लक्ष्मी15 दिन बाद
आश्विन पूर्णिमा
कोजागर पूजा आश्विन पूर्णिमा की रात की लक्ष्मी पूजा है। कोजागर का अर्थ है "कौन जाग रहा है": मान्यता है कि इस रात माता लक्ष्मी यह पूछते हुए घर-घर आती हैं।
बंगाल, ओडिशा और असम में यह साल की मुख्य लक्ष्मी पूजा है। मिथिला में इसे कोजागरा कहते हैं और नए दूल्हे के घर इसका विशेष उत्सव होता है। यही रात शरद पूर्णिमा की भी है।
व्रत की विधि और नियम परंपरा और परिवार के अनुसार अलग होते हैं; यहाँ सबसे प्रचलित रूप बताया गया है।
| तारीख़ | साल | तिथि शुरू | तिथि समाप्त |
|---|---|---|---|
| 6अक्टूबरसोमवार | कोजागर पूजा 2025 | 6 अक्टूबर, 12:24 PM | 7 अक्टूबर, 9:18 AM |
| 25अक्टूबररविवार | कोजागर पूजा 2026 | 25 अक्टूबर, 11:56 AM | 26 अक्टूबर, 9:41 AM |
| 14अक्टूबरगुरुवार | कोजागर पूजा 2027 | 14 अक्टूबर, 6:48 PM | 15 अक्टूबर, 7:16 PM |
| 2अक्टूबरसोमवार | कोजागर पूजा 2028 | 2 अक्टूबर, 7:33 PM | 3 अक्टूबर, 9:54 PM |
| 21अक्टूबररविवार | कोजागर पूजा 2029 | 21 अक्टूबर, 12:32 PM | 22 अक्टूबर, 2:57 PM |
| 10अक्टूबरगुरुवार | कोजागर पूजा 2030 | 10 अक्टूबर, 3:40 PM | 11 अक्टूबर, 4:17 PM |
| 29अक्टूबरबुधवार | कोजागर पूजा 2031 | 29 अक्टूबर, 1:37 PM | 30 अक्टूबर, 1:02 PM |
| 18अक्टूबरसोमवार | कोजागर पूजा 2032 | 18 अक्टूबर, 3:27 AM | 19 अक्टूबर, 12:28 AM |
सभी तारीख़ें और समय दिल्ली के लिए भारतीय समय (IST) में हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय और चंद्रोदय का समय अलग होता है, इसलिए कभी-कभी व्रत का दिन भी एक दिन आगे-पीछे हो जाता है; समय में कुछ मिनट का अंतर भी हो सकता है।
कोजागर पूजा 25 अक्टूबर 2026, रविवार को है। आश्विन पूर्णिमा तिथि 25 अक्टूबर, 11:56 AM से 26 अक्टूबर, 9:41 AM तक रहेगी।
कोजागर पूजा आश्विन पूर्णिमा को आता है।
कोजागर पूजा माता लक्ष्मी से जुड़ा है। यह पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, त्रिपुरा, मिथिला (बिहार) में प्रचलित है।
कोजागर पूजा 2027 में 14 अक्टूबर 2027, गुरुवार को है।
आज का पंचांग, त्योहार से एक दिन पहले याद, व्रत ट्रैकर, जप माला और दो मिनट की नित्य पूजा, एक ही जगह।
तारीख़ें खगोलीय गणना से निकाली गई हैं और जगह के अनुसार एक दिन आगे-पीछे हो सकती हैं; व्रत और त्योहार के लिए अपने स्थानीय पंचांग से भी मिलान कर लें।