कनकधारा स्तोत्रम्
लक्ष्मी · स्तोत्र · संस्कृत
अङ्गं हरेः पुलकभूषणमाश्रयन्ती

माँ लक्ष्मी के ३ स्तोत्र, स्तुतियाँ और श्लोक, हर श्लोक के अर्थ और शब्दार्थ के साथ।
सुख-समृद्धि की देवी माँ लक्ष्मी, जिनकी पूजा शुक्रवार और दीपावली को विशेष रूप से होती है।
लक्ष्मी · स्तोत्र · संस्कृत
अङ्गं हरेः पुलकभूषणमाश्रयन्ती
लक्ष्मी · सूक्त · संस्कृत
ॐ हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्रजाम्
लक्ष्मी · अष्टकम् · संस्कृत
नमस्तेऽस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते
इस पेज पर कनकधारा स्तोत्रम्, श्री सूक्त, महालक्ष्म्यष्टकम् हैं। हर एक का पूरा पाठ और अर्थ उसके अपने पेज पर है।
माँ लक्ष्मी की पूजा के लिए ये दिन प्रचलित हैं: शुक्रवार व्रत, वरलक्ष्मी व्रत, कोजागर पूजा। इनकी सही तारीख़ें व्रत के पेजों पर हैं।
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