माँ लक्ष्मी

माँ लक्ष्मी के मंत्र

माँ लक्ष्मी के मंत्र सुख-समृद्धि और कृतज्ञता के भाव से जपे जाते हैं। इनका जाप शुक्रवार, दीपावली, शरद पूर्णिमा और वरलक्ष्मी व्रत को विशेष रूप से किया जाता है।

गायत्री मंत्र

लक्ष्मी गायत्री मंत्र

ॐ महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णुपत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात्॥

हम महालक्ष्मी को जानते हैं, विष्णु-पत्नी का ध्यान करते हैं; वे लक्ष्मी हमें प्रेरणा दें।

अर्थ और उच्चारणजाप करें

माँ लक्ष्मी के व्रत और दिन

माँ लक्ष्मी के मंत्र शुक्रवार, दीपावली, शरद पूर्णिमा और वरलक्ष्मी व्रत को विशेष रूप से जपे जाते हैं।

दूसरे देवताओं के मंत्र

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

माँ लक्ष्मी के सबसे प्रचलित मंत्र कौन सा है?

ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः माँ लक्ष्मी के सबसे ज़्यादा जपे जाने वाले मंत्रों में है। यहाँ माँ लक्ष्मी के 2 मंत्र दिए गए हैं: ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः, लक्ष्मी गायत्री मंत्र।

माँ लक्ष्मी के मंत्र कब जपें?

माँ लक्ष्मी के मंत्र शुक्रवार, दीपावली, शरद पूर्णिमा और वरलक्ष्मी व्रत को विशेष रूप से जपे जाते हैं, पर नाम-जाप और नमन के मंत्र रोज़ किसी भी समय जपे जा सकते हैं।

माँ लक्ष्मी के मंत्र का जाप कितनी बार करें?

एक माला यानी 108 बार सबसे प्रचलित है। शुरुआत 21 या 51 बार से की जा सकती है, और विशेष दिन पर 1008 बार। नियमितता गिनती से ज़्यादा मायने रखती है।

जाप माला, साधक ऐप में

टैप से या वॉल्यूम बटन से गिनती, 108 मनकों की माला, रोज़ का लक्ष्य और आपकी साधना की प्रगति।

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