बीज मंत्र
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
माँ महालक्ष्मी को नमस्कार।

माँ लक्ष्मी के मंत्र सुख-समृद्धि और कृतज्ञता के भाव से जपे जाते हैं। इनका जाप शुक्रवार, दीपावली, शरद पूर्णिमा और वरलक्ष्मी व्रत को विशेष रूप से किया जाता है।
बीज मंत्र
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
माँ महालक्ष्मी को नमस्कार।
गायत्री मंत्र
ॐ महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णुपत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात्॥
हम महालक्ष्मी को जानते हैं, विष्णु-पत्नी का ध्यान करते हैं; वे लक्ष्मी हमें प्रेरणा दें।
माँ लक्ष्मी के मंत्र शुक्रवार, दीपावली, शरद पूर्णिमा और वरलक्ष्मी व्रत को विशेष रूप से जपे जाते हैं।
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः माँ लक्ष्मी के सबसे ज़्यादा जपे जाने वाले मंत्रों में है। यहाँ माँ लक्ष्मी के 2 मंत्र दिए गए हैं: ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः, लक्ष्मी गायत्री मंत्र।
माँ लक्ष्मी के मंत्र शुक्रवार, दीपावली, शरद पूर्णिमा और वरलक्ष्मी व्रत को विशेष रूप से जपे जाते हैं, पर नाम-जाप और नमन के मंत्र रोज़ किसी भी समय जपे जा सकते हैं।
एक माला यानी 108 बार सबसे प्रचलित है। शुरुआत 21 या 51 बार से की जा सकती है, और विशेष दिन पर 1008 बार। नियमितता गिनती से ज़्यादा मायने रखती है।
टैप से या वॉल्यूम बटन से गिनती, 108 मनकों की माला, रोज़ का लक्ष्य और आपकी साधना की प्रगति।