राधा रानी

राधा रानी के मंत्र

ब्रज और वृंदावन में "राधे राधे" नाम-जाप भी है और अभिवादन भी। इनका जाप राधा अष्टमी और जन्माष्टमी को विशेष रूप से किया जाता है।

गायत्री मंत्र

राधा गायत्री मंत्र

ॐ वृषभानुजायै विद्महे कृष्णप्रियायै धीमहि तन्नो राधा प्रचोदयात्॥

हम वृषभानु की पुत्री को जानते हैं, कृष्ण-प्रिया का ध्यान करते हैं; वे राधा हमें प्रेरणा दें।

अर्थ और उच्चारणजाप करें

राधा रानी के व्रत और दिन

राधा रानी के मंत्र राधा अष्टमी और जन्माष्टमी को विशेष रूप से जपे जाते हैं।

दूसरे देवताओं के मंत्र

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

राधा रानी के सबसे प्रचलित मंत्र कौन सा है?

राधे राधे राधा रानी के सबसे ज़्यादा जपे जाने वाले मंत्रों में है। यहाँ राधा रानी के 2 मंत्र दिए गए हैं: राधे राधे, राधा गायत्री मंत्र।

राधा रानी के मंत्र कब जपें?

राधा रानी के मंत्र राधा अष्टमी और जन्माष्टमी को विशेष रूप से जपे जाते हैं, पर नाम-जाप और नमन के मंत्र रोज़ किसी भी समय जपे जा सकते हैं।

राधा रानी के मंत्र का जाप कितनी बार करें?

एक माला यानी 108 बार सबसे प्रचलित है। शुरुआत 21 या 51 बार से की जा सकती है, और विशेष दिन पर 1008 बार। नियमितता गिनती से ज़्यादा मायने रखती है।

जाप माला, साधक ऐप में

टैप से या वॉल्यूम बटन से गिनती, 108 मनकों की माला, रोज़ का लक्ष्य और आपकी साधना की प्रगति।

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