मंत्र
ॐ शरवणभवाय नमः
ॐ शरवणभवाय नमः
सरकंडों के वन (शरवण) में प्रकट हुए भगवान कार्तिकेय को नमस्कार।

शिव-पार्वती के पुत्र कार्तिकेय, जिन्हें दक्षिण भारत में मुरुगन और सुब्रह्मण्य कहते हैं। इनका जाप स्कंद षष्ठी, कार्तिगई और मंगलवार को विशेष रूप से किया जाता है।
मंत्र
ॐ शरवणभवाय नमः
सरकंडों के वन (शरवण) में प्रकट हुए भगवान कार्तिकेय को नमस्कार।
मंत्र
ॐ सुब्रह्मण्याय नमः
भगवान सुब्रह्मण्य (कार्तिकेय) को नमस्कार।
भगवान कार्तिकेय के मंत्र स्कंद षष्ठी, कार्तिगई और मंगलवार को विशेष रूप से जपे जाते हैं।
ॐ शरवणभवाय नमः भगवान कार्तिकेय के सबसे ज़्यादा जपे जाने वाले मंत्रों में है। यहाँ भगवान कार्तिकेय के 2 मंत्र दिए गए हैं: ॐ शरवणभवाय नमः, ॐ सुब्रह्मण्याय नमः।
भगवान कार्तिकेय के मंत्र स्कंद षष्ठी, कार्तिगई और मंगलवार को विशेष रूप से जपे जाते हैं, पर नाम-जाप और नमन के मंत्र रोज़ किसी भी समय जपे जा सकते हैं।
एक माला यानी 108 बार सबसे प्रचलित है। शुरुआत 21 या 51 बार से की जा सकती है, और विशेष दिन पर 1008 बार। नियमितता गिनती से ज़्यादा मायने रखती है।
टैप से या वॉल्यूम बटन से गिनती, 108 मनकों की माला, रोज़ का लक्ष्य और आपकी साधना की प्रगति।