कार्तिकेय

भगवान कार्तिकेय के मंत्र

शिव-पार्वती के पुत्र कार्तिकेय, जिन्हें दक्षिण भारत में मुरुगन और सुब्रह्मण्य कहते हैं। इनका जाप स्कंद षष्ठी, कार्तिगई और मंगलवार को विशेष रूप से किया जाता है।

भगवान कार्तिकेय के व्रत और दिन

भगवान कार्तिकेय के मंत्र स्कंद षष्ठी, कार्तिगई और मंगलवार को विशेष रूप से जपे जाते हैं।

दूसरे देवताओं के मंत्र

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

भगवान कार्तिकेय के सबसे प्रचलित मंत्र कौन सा है?

ॐ शरवणभवाय नमः भगवान कार्तिकेय के सबसे ज़्यादा जपे जाने वाले मंत्रों में है। यहाँ भगवान कार्तिकेय के 2 मंत्र दिए गए हैं: ॐ शरवणभवाय नमः, ॐ सुब्रह्मण्याय नमः।

भगवान कार्तिकेय के मंत्र कब जपें?

भगवान कार्तिकेय के मंत्र स्कंद षष्ठी, कार्तिगई और मंगलवार को विशेष रूप से जपे जाते हैं, पर नाम-जाप और नमन के मंत्र रोज़ किसी भी समय जपे जा सकते हैं।

भगवान कार्तिकेय के मंत्र का जाप कितनी बार करें?

एक माला यानी 108 बार सबसे प्रचलित है। शुरुआत 21 या 51 बार से की जा सकती है, और विशेष दिन पर 1008 बार। नियमितता गिनती से ज़्यादा मायने रखती है।

जाप माला, साधक ऐप में

टैप से या वॉल्यूम बटन से गिनती, 108 मनकों की माला, रोज़ का लक्ष्य और आपकी साधना की प्रगति।

साधक ऐप देखें