बीज मंत्र
ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः
ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः
माँ सरस्वती को नमस्कार।

विद्या और वाणी की देवी सरस्वती के मंत्र पढ़ाई और स्पष्ट वाणी के लिए जपे जाते हैं। इनका जाप वसंत पंचमी और पढ़ाई शुरू करने से पहले को विशेष रूप से किया जाता है।
बीज मंत्र
ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः
माँ सरस्वती को नमस्कार।
गायत्री मंत्र
ॐ वाग्देव्यै च विद्महे कामराजाय धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात्॥
हम वाणी की देवी को जानते हैं और उनका ध्यान करते हैं; वे देवी हमें प्रेरणा दें।
ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः माँ सरस्वती के सबसे ज़्यादा जपे जाने वाले मंत्रों में है। यहाँ माँ सरस्वती के 2 मंत्र दिए गए हैं: ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः, सरस्वती गायत्री मंत्र।
माँ सरस्वती के मंत्र वसंत पंचमी और पढ़ाई शुरू करने से पहले को विशेष रूप से जपे जाते हैं, पर नाम-जाप और नमन के मंत्र रोज़ किसी भी समय जपे जा सकते हैं।
एक माला यानी 108 बार सबसे प्रचलित है। शुरुआत 21 या 51 बार से की जा सकती है, और विशेष दिन पर 1008 बार। नियमितता गिनती से ज़्यादा मायने रखती है।
टैप से या वॉल्यूम बटन से गिनती, 108 मनकों की माला, रोज़ का लक्ष्य और आपकी साधना की प्रगति।