माँ पार्वती

माँ पार्वती के मंत्र

माँ पार्वती (गौरी) की उपासना तीज और गौरी व्रतों में होती है। इनका जाप हरियाली और हरतालिका तीज, मंगला गौरी व्रत और गणगौर को विशेष रूप से किया जाता है।

माँ पार्वती के व्रत और दिन

माँ पार्वती के मंत्र हरियाली और हरतालिका तीज, मंगला गौरी व्रत और गणगौर को विशेष रूप से जपे जाते हैं।

दूसरे देवताओं के मंत्र

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

माँ पार्वती के सबसे प्रचलित मंत्र कौन सा है?

ॐ ह्रीं पार्वत्यै नमः माँ पार्वती के सबसे ज़्यादा जपे जाने वाले मंत्रों में है। यहाँ माँ पार्वती के 1 मंत्र दिए गए हैं: ॐ ह्रीं पार्वत्यै नमः।

माँ पार्वती के मंत्र कब जपें?

माँ पार्वती के मंत्र हरियाली और हरतालिका तीज, मंगला गौरी व्रत और गणगौर को विशेष रूप से जपे जाते हैं, पर नाम-जाप और नमन के मंत्र रोज़ किसी भी समय जपे जा सकते हैं।

माँ पार्वती के मंत्र का जाप कितनी बार करें?

एक माला यानी 108 बार सबसे प्रचलित है। शुरुआत 21 या 51 बार से की जा सकती है, और विशेष दिन पर 1008 बार। नियमितता गिनती से ज़्यादा मायने रखती है।

जाप माला, साधक ऐप में

टैप से या वॉल्यूम बटन से गिनती, 108 मनकों की माला, रोज़ का लक्ष्य और आपकी साधना की प्रगति।

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