अर्थ

माँ पार्वती को नमस्कार।

ॐ ह्रीं पार्वत्यै नमः: शब्दार्थ
शब्दअर्थ
ह्रींदेवी (शक्ति) का बीज अक्षर
पार्वत्यैमाँ पार्वती को

उच्चारण

Om Hreem Parvatyai Namah

  • "ह्रीं" को "ह्रीम्", "ह" और "र" साथ में।
  • "पार्वत्यै": पार्-व-त्यै।

भाव और महत्त्व

माँ पार्वती को नमन; घर में सामंजस्य और स्थिर मन की प्रार्थना।

स्रोत
तंत्र परंपरा में "ह्रीं" को देवी (शक्ति) का बीज माना जाता है।
कब जपा जाता है
हरियाली तीज, हरतालिका तीज, मंगला गौरी व्रत और गणगौर पर।
देवता
माँ पार्वती
प्रकार
बीज मंत्र: जिस मंत्र में देवता का बीज अक्षर (जैसे गं, श्रीं, ऐं) हो। कई परंपराओं में बीज मंत्र गुरु से लेकर जपे जाते हैं।

जाप कैसे करें

एक जगह सीधे बैठें, मंत्र का अर्थ मन में रखें और उसे साफ़, एक-सी गति से दोहराएँ। एक बार पूरा मंत्र बोलने में लगभग 8 सेकंड लगते हैं, इसलिए 108 बार लगभग 15 मिनट का अभ्यास है।

पूरी विधि मंत्र जाप कैसे करें में है।

ॐ ह्रीं पार्वत्यै नमः का जाप करें

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

ॐ ह्रीं पार्वत्यै नमः का अर्थ क्या है?

माँ पार्वती को नमस्कार।

ॐ ह्रीं पार्वत्यै नमः किसका मंत्र है?

ॐ ह्रीं पार्वत्यै नमः माँ पार्वती का बीज मंत्र है। माँ पार्वती को नमन; घर में सामंजस्य और स्थिर मन की प्रार्थना।

ॐ ह्रीं पार्वत्यै नमः कहाँ से लिया गया है?

तंत्र परंपरा में "ह्रीं" को देवी (शक्ति) का बीज माना जाता है।

ॐ ह्रीं पार्वत्यै नमः का जाप कब करें?

हरियाली तीज, हरतालिका तीज, मंगला गौरी व्रत और गणगौर पर।

ॐ ह्रीं पार्वत्यै नमः का जाप कितनी बार करें?

एक माला यानी 108 बार सबसे प्रचलित है, जिसमें लगभग 15 मिनट लगते हैं। शुरुआत 21 या 51 बार से कर सकते हैं (लगभग 3 मिनट या लगभग 7 मिनट), और विशेष दिन पर 1008 बार।

क्या बीज मंत्र बिना गुरु के जप सकते हैं?

कई परंपराओं में बीज मंत्र गुरु से दीक्षा लेकर जपे जाते हैं, जबकि भक्ति परंपरा में नाम-जाप और नमन के मंत्र सबके लिए खुले माने जाते हैं। अपनी परंपरा या गुरु की सलाह मानें।

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