
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
Om Shreem Mahalakshmyai Namah

ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
Om Shreem Mahalakshmyai Namah
माँ महालक्ष्मी को नमस्कार।
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| श्रीं | लक्ष्मी का बीज अक्षर |
| महालक्ष्म्यै | महालक्ष्मी को |
Om Shreem Mahalakshmyai Namah
माँ महालक्ष्मी को नमन; सुख-समृद्धि और कृतज्ञता के भाव से।
एक जगह सीधे बैठें, मंत्र का अर्थ मन में रखें और उसे साफ़, एक-सी गति से दोहराएँ। एक बार पूरा मंत्र बोलने में लगभग 7 सेकंड लगते हैं, इसलिए 108 बार लगभग 12 मिनट का अभ्यास है।
पूरी विधि मंत्र जाप कैसे करें में है।
माँ लक्ष्मी · गायत्री मंत्र
ॐ महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णुपत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात्
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माँ महालक्ष्मी को नमस्कार।
ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः माँ लक्ष्मी का बीज मंत्र है। माँ महालक्ष्मी को नमन; सुख-समृद्धि और कृतज्ञता के भाव से।
तंत्र परंपरा में "श्रीं" को लक्ष्मी का बीज माना जाता है।
शुक्रवार, दीपावली, शरद पूर्णिमा और वरलक्ष्मी व्रत पर।
एक माला यानी 108 बार सबसे प्रचलित है, जिसमें लगभग 12 मिनट लगते हैं। शुरुआत 21 या 51 बार से कर सकते हैं (लगभग 2 मिनट या लगभग 6 मिनट), और विशेष दिन पर 1008 बार।
कई परंपराओं में बीज मंत्र गुरु से दीक्षा लेकर जपे जाते हैं, जबकि भक्ति परंपरा में नाम-जाप और नमन के मंत्र सबके लिए खुले माने जाते हैं। अपनी परंपरा या गुरु की सलाह मानें।
टैप से या वॉल्यूम बटन से गिनती, 108 मनकों की माला, रोज़ का लक्ष्य और आपकी साधना की प्रगति।