माँ लक्ष्मी

माँ लक्ष्मी · गायत्री मंत्र

लक्ष्मी गायत्री मंत्र

ॐ महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णुपत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात्॥

Om Mahalakshmyai Cha Vidmahe Vishnupatnyai Cha Dhimahi Tanno Lakshmih Prachodayat

इस मंत्र का जाप करें

अर्थ

हम महालक्ष्मी को जानते हैं, विष्णु-पत्नी का ध्यान करते हैं; वे लक्ष्मी हमें प्रेरणा दें।

लक्ष्मी गायत्री मंत्र: शब्दार्थ
शब्दअर्थ
महालक्ष्म्यैमहालक्ष्मी को
विष्णुपत्न्यैविष्णु की पत्नी को
लक्ष्मीःमाँ लक्ष्मी
विद्महेहम जानते हैं, मानते हैं
धीमहिहम ध्यान करते हैं
तन्नो ... प्रचोदयात्वे हमें प्रेरित करें, सही राह दिखाएँ

उच्चारण

Om Mahalakshmyai Cha Vidmahe Vishnupatnyai Cha Dhimahi Tanno Lakshmih Prachodayat

  • "विष्णुपत्न्यै": विष्-णु-प-त्न्यै।

भाव और महत्त्व

माँ लक्ष्मी के रूप का ध्यान; समृद्धि के साथ कृतज्ञता की प्रार्थना।

स्रोत
यह भक्तों में प्रचलित मंत्र है; यहाँ इसका कोई ग्रंथ-स्रोत नहीं दिया गया है।
कब जपा जाता है
शुक्रवार, दीपावली और कोजागर पूर्णिमा पर।
देवता
माँ लक्ष्मी
प्रकार
गायत्री मंत्र: गायत्री छंद में ध्यान और प्रेरणा की प्रार्थना: "... विद्महे, ... धीमहि, तन्नो ... प्रचोदयात्"।

जाप कैसे करें

एक जगह सीधे बैठें, मंत्र का अर्थ मन में रखें और उसे साफ़, एक-सी गति से दोहराएँ। एक बार पूरा मंत्र बोलने में लगभग 22 सेकंड लगते हैं, इसलिए 108 बार लगभग 39 मिनट का अभ्यास है।

पूरी विधि मंत्र जाप कैसे करें में है।

लक्ष्मी गायत्री मंत्र का जाप करें

संबंधित मंत्र

सूर्य देव

गायत्री मंत्र

सूर्य देव · गायत्री मंत्र

ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

लक्ष्मी गायत्री मंत्र का अर्थ क्या है?

हम महालक्ष्मी को जानते हैं, विष्णु-पत्नी का ध्यान करते हैं; वे लक्ष्मी हमें प्रेरणा दें।

लक्ष्मी गायत्री मंत्र किसका मंत्र है?

लक्ष्मी गायत्री मंत्र माँ लक्ष्मी का गायत्री मंत्र है। माँ लक्ष्मी के रूप का ध्यान; समृद्धि के साथ कृतज्ञता की प्रार्थना।

लक्ष्मी गायत्री मंत्र कहाँ से लिया गया है?

यह भक्तों में प्रचलित मंत्र है; यहाँ इसका कोई ग्रंथ-स्रोत नहीं दिया गया है।

लक्ष्मी गायत्री मंत्र का जाप कब करें?

शुक्रवार, दीपावली और कोजागर पूर्णिमा पर।

लक्ष्मी गायत्री मंत्र का जाप कितनी बार करें?

एक माला यानी 108 बार सबसे प्रचलित है, जिसमें लगभग 39 मिनट लगते हैं। शुरुआत 21 या 51 बार से कर सकते हैं (लगभग 8 मिनट या लगभग 19 मिनट), और विशेष दिन पर 1008 बार।

जाप माला, साधक ऐप में

टैप से या वॉल्यूम बटन से गिनती, 108 मनकों की माला, रोज़ का लक्ष्य और आपकी साधना की प्रगति।

साधक ऐप देखें