
ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥
Om Narayanaya Vidmahe Vasudevaya Dhimahi Tanno Vishnuh Prachodayat

ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥
Om Narayanaya Vidmahe Vasudevaya Dhimahi Tanno Vishnuh Prachodayat
हम नारायण को जानते हैं, वासुदेव का ध्यान करते हैं; वे विष्णु हमें प्रेरणा दें।
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| नारायणाय | नारायण को |
| वासुदेवाय | वासुदेव को |
| विष्णुः | भगवान विष्णु |
| विद्महे | हम जानते हैं, मानते हैं |
| धीमहि | हम ध्यान करते हैं |
| तन्नो ... प्रचोदयात् | वे हमें प्रेरित करें, सही राह दिखाएँ |
Om Narayanaya Vidmahe Vasudevaya Dhimahi Tanno Vishnuh Prachodayat
भगवान विष्णु के रूप का ध्यान; शांति और रक्षा की प्रार्थना।
एक जगह सीधे बैठें, मंत्र का अर्थ मन में रखें और उसे साफ़, एक-सी गति से दोहराएँ। एक बार पूरा मंत्र बोलने में लगभग 19 सेकंड लगते हैं, इसलिए 108 बार लगभग 35 मिनट का अभ्यास है।
पूरी विधि मंत्र जाप कैसे करें में है।
विष्णु · मंत्र
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
विष्णु · मंत्र
ॐ नमो नारायणाय
सूर्य देव · गायत्री मंत्र
ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्
श्री गणेश · गायत्री मंत्र
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्ती प्रचोदयात्
हम नारायण को जानते हैं, वासुदेव का ध्यान करते हैं; वे विष्णु हमें प्रेरणा दें।
विष्णु गायत्री मंत्र विष्णु का गायत्री मंत्र है। भगवान विष्णु के रूप का ध्यान; शांति और रक्षा की प्रार्थना।
महानारायण उपनिषद (तैत्तिरीय आरण्यक) में आता है।
एकादशी, गुरुवार और सत्यनारायण पूजा में।
एक माला यानी 108 बार सबसे प्रचलित है, जिसमें लगभग 35 मिनट लगते हैं। शुरुआत 21 या 51 बार से कर सकते हैं (लगभग 7 मिनट या लगभग 16 मिनट), और विशेष दिन पर 1008 बार।
टैप से या वॉल्यूम बटन से गिनती, 108 मनकों की माला, रोज़ का लक्ष्य और आपकी साधना की प्रगति।