अर्थ

भगवान वासुदेव को नमस्कार।

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय: शब्दार्थ
शब्दअर्थ
नमोनमस्कार
भगवतेभगवान को
वासुदेवायवासुदेव, यानी विष्णु और श्री कृष्ण को

उच्चारण

Om Namo Bhagavate Vasudevaya

  • "भगवते" को भ-ग-व-ते बोलें।
  • "वासुदेवाय" में "वा" और "दे" लंबे: वा-सु-दे-वा-य।

भाव और महत्त्व

सबमें बसे भगवान वासुदेव (विष्णु और श्री कृष्ण) को नमन और समर्पण।

स्रोत
श्रीमद्भागवत का आरंभ इसी मंत्र से होता है, और उसके चौथे स्कंध में देवर्षि नारद बालक ध्रुव को यही बारह अक्षरों का मंत्र देते हैं।
कब जपा जाता है
एकादशी, गुरुवार, जन्माष्टमी और कार्तिक मास में।
देवता
विष्णु
प्रकार
मंत्र: किसी देवता को नमन का छोटा मंत्र, ज़्यादातर "ॐ ... नमः" के रूप में।

जाप कैसे करें

एक जगह सीधे बैठें, मंत्र का अर्थ मन में रखें और उसे साफ़, एक-सी गति से दोहराएँ। एक बार पूरा मंत्र बोलने में लगभग 8 सेकंड लगते हैं, इसलिए 108 बार लगभग 14 मिनट का अभ्यास है।

पूरी विधि मंत्र जाप कैसे करें में है।

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय का जाप करें

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय का अर्थ क्या है?

भगवान वासुदेव को नमस्कार।

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय किसका मंत्र है?

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय विष्णु का मंत्र है। सबमें बसे भगवान वासुदेव (विष्णु और श्री कृष्ण) को नमन और समर्पण।

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय कहाँ से लिया गया है?

श्रीमद्भागवत का आरंभ इसी मंत्र से होता है, और उसके चौथे स्कंध में देवर्षि नारद बालक ध्रुव को यही बारह अक्षरों का मंत्र देते हैं।

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय का जाप कब करें?

एकादशी, गुरुवार, जन्माष्टमी और कार्तिक मास में।

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय का जाप कितनी बार करें?

एक माला यानी 108 बार सबसे प्रचलित है, जिसमें लगभग 14 मिनट लगते हैं। शुरुआत 21 या 51 बार से कर सकते हैं (लगभग 3 मिनट या लगभग 7 मिनट), और विशेष दिन पर 1008 बार।

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