विष्णु

विष्णु के मंत्र

भगवान विष्णु के मंत्र नारायण और वासुदेव के नाम से जपे जाते हैं; "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" से श्रीमद्भागवत का आरंभ होता है। इनका जाप गुरुवार, एकादशी और पूर्णिमा को विशेष रूप से किया जाता है।

गायत्री मंत्र

विष्णु गायत्री मंत्र

ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥

हम नारायण को जानते हैं, वासुदेव का ध्यान करते हैं; वे विष्णु हमें प्रेरणा दें।

अर्थ और उच्चारणजाप करें

विष्णु के व्रत और दिन

विष्णु के मंत्र गुरुवार, एकादशी और पूर्णिमा को विशेष रूप से जपे जाते हैं।

दूसरे देवताओं के मंत्र

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

विष्णु के सबसे प्रचलित मंत्र कौन सा है?

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय विष्णु के सबसे ज़्यादा जपे जाने वाले मंत्रों में है। यहाँ विष्णु के 3 मंत्र दिए गए हैं: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय, ॐ नमो नारायणाय, विष्णु गायत्री मंत्र।

विष्णु के मंत्र कब जपें?

विष्णु के मंत्र गुरुवार, एकादशी और पूर्णिमा को विशेष रूप से जपे जाते हैं, पर नाम-जाप और नमन के मंत्र रोज़ किसी भी समय जपे जा सकते हैं।

विष्णु के मंत्र का जाप कितनी बार करें?

एक माला यानी 108 बार सबसे प्रचलित है। शुरुआत 21 या 51 बार से की जा सकती है, और विशेष दिन पर 1008 बार। नियमितता गिनती से ज़्यादा मायने रखती है।

जाप माला, साधक ऐप में

टैप से या वॉल्यूम बटन से गिनती, 108 मनकों की माला, रोज़ का लक्ष्य और आपकी साधना की प्रगति।

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