शनि देव

शनि देव के मंत्र

शनि देव के मंत्र धैर्य और कठिन समय में संयम की प्रार्थना हैं। इनका जाप शनिवार, शनि जयंती और शनि अमावस्या को विशेष रूप से किया जाता है।

गायत्री मंत्र

शनि गायत्री मंत्र

ॐ काकध्वजाय विद्महे खड्गहस्ताय धीमहि तन्नो मन्दः प्रचोदयात्॥

हम कौए के ध्वज वाले को जानते हैं, हाथ में खड्ग वाले का ध्यान करते हैं; वे शनि देव हमें प्रेरणा दें।

अर्थ और उच्चारणजाप करें

शनि देव के व्रत और दिन

शनि देव के मंत्र शनिवार, शनि जयंती और शनि अमावस्या को विशेष रूप से जपे जाते हैं।

दूसरे देवताओं के मंत्र

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

शनि देव के सबसे प्रचलित मंत्र कौन सा है?

ॐ शं शनैश्चराय नमः शनि देव के सबसे ज़्यादा जपे जाने वाले मंत्रों में है। यहाँ शनि देव के 2 मंत्र दिए गए हैं: ॐ शं शनैश्चराय नमः, शनि गायत्री मंत्र।

शनि देव के मंत्र कब जपें?

शनि देव के मंत्र शनिवार, शनि जयंती और शनि अमावस्या को विशेष रूप से जपे जाते हैं, पर नाम-जाप और नमन के मंत्र रोज़ किसी भी समय जपे जा सकते हैं।

शनि देव के मंत्र का जाप कितनी बार करें?

एक माला यानी 108 बार सबसे प्रचलित है। शुरुआत 21 या 51 बार से की जा सकती है, और विशेष दिन पर 1008 बार। नियमितता गिनती से ज़्यादा मायने रखती है।

जाप माला, साधक ऐप में

टैप से या वॉल्यूम बटन से गिनती, 108 मनकों की माला, रोज़ का लक्ष्य और आपकी साधना की प्रगति।

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