
शनि देव · गायत्री मंत्र
शनि गायत्री मंत्र
ॐ काकध्वजाय विद्महे खड्गहस्ताय धीमहि तन्नो मन्दः प्रचोदयात्॥
Om Kakadhwajaya Vidmahe Khadgahastaya Dhimahi Tanno Mandah Prachodayat

शनि देव · गायत्री मंत्र
ॐ काकध्वजाय विद्महे खड्गहस्ताय धीमहि तन्नो मन्दः प्रचोदयात्॥
Om Kakadhwajaya Vidmahe Khadgahastaya Dhimahi Tanno Mandah Prachodayat
हम कौए के ध्वज वाले को जानते हैं, हाथ में खड्ग वाले का ध्यान करते हैं; वे शनि देव हमें प्रेरणा दें।
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| काकध्वजाय | कौए के ध्वज वाले को |
| खड्गहस्ताय | हाथ में खड्ग वाले को |
| मन्दः | धीमे चलने वाले, शनि |
| विद्महे | हम जानते हैं, मानते हैं |
| धीमहि | हम ध्यान करते हैं |
| तन्नो ... प्रचोदयात् | वे हमें प्रेरित करें, सही राह दिखाएँ |
Om Kakadhwajaya Vidmahe Khadgahastaya Dhimahi Tanno Mandah Prachodayat
शनि देव के रूप का ध्यान; धैर्य की प्रार्थना।
एक जगह सीधे बैठें, मंत्र का अर्थ मन में रखें और उसे साफ़, एक-सी गति से दोहराएँ। एक बार पूरा मंत्र बोलने में लगभग 20 सेकंड लगते हैं, इसलिए 108 बार लगभग 37 मिनट का अभ्यास है।
पूरी विधि मंत्र जाप कैसे करें में है।
शनि देव · बीज मंत्र
ॐ शं शनैश्चराय नमः
सूर्य देव · गायत्री मंत्र
ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्
श्री गणेश · गायत्री मंत्र
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्ती प्रचोदयात्
विष्णु · गायत्री मंत्र
ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्
हम कौए के ध्वज वाले को जानते हैं, हाथ में खड्ग वाले का ध्यान करते हैं; वे शनि देव हमें प्रेरणा दें।
शनि गायत्री मंत्र शनि देव का गायत्री मंत्र है। शनि देव के रूप का ध्यान; धैर्य की प्रार्थना।
यह भक्तों में प्रचलित मंत्र है; यहाँ इसका कोई ग्रंथ-स्रोत नहीं दिया गया है।
शनिवार और शनि जयंती पर।
एक माला यानी 108 बार सबसे प्रचलित है, जिसमें लगभग 37 मिनट लगते हैं। शुरुआत 21 या 51 बार से कर सकते हैं (लगभग 7 मिनट या लगभग 17 मिनट), और विशेष दिन पर 1008 बार।
टैप से या वॉल्यूम बटन से गिनती, 108 मनकों की माला, रोज़ का लक्ष्य और आपकी साधना की प्रगति।