
श्री गणेश · गायत्री मंत्र
गणेश गायत्री मंत्र
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्ती प्रचोदयात्॥
Om Ekadantaya Vidmahe Vakratundaya Dhimahi Tanno Danti Prachodayat

श्री गणेश · गायत्री मंत्र
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्ती प्रचोदयात्॥
Om Ekadantaya Vidmahe Vakratundaya Dhimahi Tanno Danti Prachodayat
हम एक दाँत वाले गणेश को जानते हैं, टेढ़ी सूँड वाले का ध्यान करते हैं; वे दंती (गणेश) हमें प्रेरणा दें।
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| एकदन्ताय | एक दाँत वाले को |
| वक्रतुण्डाय | टेढ़ी सूँड वाले को |
| दन्ती | दाँत वाले, गणेश |
| विद्महे | हम जानते हैं, मानते हैं |
| धीमहि | हम ध्यान करते हैं |
| तन्नो ... प्रचोदयात् | वे हमें प्रेरित करें, सही राह दिखाएँ |
Om Ekadantaya Vidmahe Vakratundaya Dhimahi Tanno Danti Prachodayat
गणेश जी के रूप का ध्यान और सद्बुद्धि की प्रार्थना।
एक जगह सीधे बैठें, मंत्र का अर्थ मन में रखें और उसे साफ़, एक-सी गति से दोहराएँ। एक बार पूरा मंत्र बोलने में लगभग 18 सेकंड लगते हैं, इसलिए 108 बार लगभग 32 मिनट का अभ्यास है।
पूरी विधि मंत्र जाप कैसे करें में है।
श्री गणेश · बीज मंत्र
ॐ गं गणपतये नमः
सूर्य देव · गायत्री मंत्र
ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्
विष्णु · गायत्री मंत्र
ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्
श्री राम · गायत्री मंत्र
ॐ दाशरथाय विद्महे सीतावल्लभाय धीमहि तन्नो रामः प्रचोदयात्
हम एक दाँत वाले गणेश को जानते हैं, टेढ़ी सूँड वाले का ध्यान करते हैं; वे दंती (गणेश) हमें प्रेरणा दें।
गणेश गायत्री मंत्र श्री गणेश का गायत्री मंत्र है। गणेश जी के रूप का ध्यान और सद्बुद्धि की प्रार्थना।
गणपति अथर्वशीर्ष में आता है।
चतुर्थी, गणेश चतुर्थी और किसी काम की शुरुआत में।
एक माला यानी 108 बार सबसे प्रचलित है, जिसमें लगभग 32 मिनट लगते हैं। शुरुआत 21 या 51 बार से कर सकते हैं (लगभग 6 मिनट या लगभग 15 मिनट), और विशेष दिन पर 1008 बार।
टैप से या वॉल्यूम बटन से गिनती, 108 मनकों की माला, रोज़ का लक्ष्य और आपकी साधना की प्रगति।