बीज मंत्र
ॐ गं गणपतये नमः
ॐ गं गणपतये नमः
गणों के स्वामी गणपति को नमस्कार।

विघ्नहर्ता गणेश को हर शुभ काम की शुरुआत में सबसे पहले याद किया जाता है। इनका जाप बुधवार, हर महीने की विनायक और संकष्टी चतुर्थी, और गणेश चतुर्थी को विशेष रूप से किया जाता है।
बीज मंत्र
ॐ गं गणपतये नमः
गणों के स्वामी गणपति को नमस्कार।
गायत्री मंत्र
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्ती प्रचोदयात्॥
हम एक दाँत वाले गणेश को जानते हैं, टेढ़ी सूँड वाले का ध्यान करते हैं; वे दंती (गणेश) हमें प्रेरणा दें।
गणेश जी के मंत्र बुधवार, हर महीने की विनायक और संकष्टी चतुर्थी, और गणेश चतुर्थी को विशेष रूप से जपे जाते हैं।
ॐ गं गणपतये नमः गणेश जी के सबसे ज़्यादा जपे जाने वाले मंत्रों में है। यहाँ गणेश जी के 2 मंत्र दिए गए हैं: ॐ गं गणपतये नमः, गणेश गायत्री मंत्र।
गणेश जी के मंत्र बुधवार, हर महीने की विनायक और संकष्टी चतुर्थी, और गणेश चतुर्थी को विशेष रूप से जपे जाते हैं, पर नाम-जाप और नमन के मंत्र रोज़ किसी भी समय जपे जा सकते हैं।
एक माला यानी 108 बार सबसे प्रचलित है। शुरुआत 21 या 51 बार से की जा सकती है, और विशेष दिन पर 1008 बार। नियमितता गिनती से ज़्यादा मायने रखती है।
टैप से या वॉल्यूम बटन से गिनती, 108 मनकों की माला, रोज़ का लक्ष्य और आपकी साधना की प्रगति।