मंत्र
ॐ नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय
मैं मंगलमय शिव को नमन करता हूँ और स्वयं को उन्हें समर्पित करता हूँ।

महादेव शिव के मंत्रों में पंचाक्षरी "ॐ नमः शिवाय" और ऋग्वेद का महामृत्युंजय मंत्र सबसे ज़्यादा जपे जाते हैं। इनका जाप सोमवार, प्रदोष, मासिक शिवरात्रि, सावन और महाशिवरात्रि को विशेष रूप से किया जाता है।
मंत्र
ॐ नमः शिवाय
मैं मंगलमय शिव को नमन करता हूँ और स्वयं को उन्हें समर्पित करता हूँ।
मंत्र
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥
हम तीन नेत्रों वाले शिव की पूजा करते हैं, जो सुगंधित हैं और सबका पोषण बढ़ाते हैं। जैसे पका हुआ फल अपने डंठल से सहज ही छूट जाता है, वैसे ही वे हमें मृत्यु के बंधन से मुक्त करें, अमृत से नहीं।
शिव के मंत्र सोमवार, प्रदोष, मासिक शिवरात्रि, सावन और महाशिवरात्रि को विशेष रूप से जपे जाते हैं।
ॐ नमः शिवाय शिव के सबसे ज़्यादा जपे जाने वाले मंत्रों में है। यहाँ शिव के 2 मंत्र दिए गए हैं: ॐ नमः शिवाय, महामृत्युंजय मंत्र।
शिव के मंत्र सोमवार, प्रदोष, मासिक शिवरात्रि, सावन और महाशिवरात्रि को विशेष रूप से जपे जाते हैं, पर नाम-जाप और नमन के मंत्र रोज़ किसी भी समय जपे जा सकते हैं।
एक माला यानी 108 बार सबसे प्रचलित है। शुरुआत 21 या 51 बार से की जा सकती है, और विशेष दिन पर 1008 बार। नियमितता गिनती से ज़्यादा मायने रखती है।
टैप से या वॉल्यूम बटन से गिनती, 108 मनकों की माला, रोज़ का लक्ष्य और आपकी साधना की प्रगति।