शिव आराधना147 दिन बाद
महाशिवरात्रि 2027
फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी
- तिथि शुरू
- 6 मार्च, 12:03 PM
- तिथि समाप्त
- 7 मार्च, 1:46 PM
- आराध्य
- भगवान शिव
महाशिवरात्रि 6 मार्च 2027, शनिवार को है। यह फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को आता है (अमांत गणना में माघ कृष्ण चतुर्दशी)। तिथि 6 मार्च, 12:03 PM से 7 मार्च, 1:46 PM तक रहेगी।
शिव आराधना147 दिन बाद
फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी
महाशिवरात्रि भगवान शिव की आराधना की सबसे बड़ी रात है। यह फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को आती है; जहाँ महीना अमावस्या पर पूरा होता है वहाँ यही रात माघ की चतुर्दशी कहलाती है।
इस दिन व्रत रखा जाता है, शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र चढ़ाए जाते हैं, और रात भर जागरण किया जाता है। हर महीने आने वाली मासिक शिवरात्रि इसी का छोटा रूप है।
व्रत की विधि और नियम परंपरा और परिवार के अनुसार अलग होते हैं; यहाँ सबसे प्रचलित रूप बताया गया है।
| तारीख़ | साल | तिथि शुरू | तिथि समाप्त |
|---|---|---|---|
| 26फ़रवरीबुधवार | महाशिवरात्रि 2025 | 26 फ़रवरी, 11:08 AM | 27 फ़रवरी, 8:55 AM |
| 15फ़रवरीरविवार | महाशिवरात्रि 2026 | 15 फ़रवरी, 5:05 PM | 16 फ़रवरी, 5:34 PM |
| 6मार्चशनिवार | महाशिवरात्रि 2027 | 6 मार्च, 12:03 PM | 7 मार्च, 1:46 PM |
| 23फ़रवरीबुधवार | महाशिवरात्रि 2028 | 23 फ़रवरी, 10:44 AM | 24 फ़रवरी, 1:26 PM |
| 11फ़रवरीरविवार | महाशिवरात्रि 2029 | 11 फ़रवरी, 1:30 PM | 12 फ़रवरी, 2:35 PM |
| 2मार्चशनिवार | महाशिवरात्रि 2030 | 2 मार्च, 12:23 PM | 3 मार्च, 12:02 PM |
| 20फ़रवरीगुरुवार | महाशिवरात्रि 2031 | 20 फ़रवरी, 2:44 AM | 20 फ़रवरी, 11:54 PM |
| 10मार्चबुधवार | महाशिवरात्रि 2032 | 10 मार्च, 4:51 AM | 11 मार्च, 1:19 AM |
सभी तारीख़ें और समय दिल्ली के लिए भारतीय समय (IST) में हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय और चंद्रोदय का समय अलग होता है, इसलिए कभी-कभी व्रत का दिन भी एक दिन आगे-पीछे हो जाता है; समय में कुछ मिनट का अंतर भी हो सकता है।
महाशिवरात्रि 6 मार्च 2027, शनिवार को है। फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी तिथि 6 मार्च, 12:03 PM से 7 मार्च, 1:46 PM तक रहेगी।
महाशिवरात्रि फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को आता है। जहाँ महीना अमावस्या पर पूरा होता है (अमांत गणना), वहाँ यही तिथि माघ कृष्ण चतुर्दशी कहलाती है।
महाशिवरात्रि भगवान शिव से जुड़ा है।
महाशिवरात्रि 2028 में 23 फ़रवरी 2028, बुधवार को है।
आज का पंचांग, त्योहार से एक दिन पहले याद, व्रत ट्रैकर, जप माला और दो मिनट की नित्य पूजा, एक ही जगह।
तारीख़ें खगोलीय गणना से निकाली गई हैं और जगह के अनुसार एक दिन आगे-पीछे हो सकती हैं; व्रत और त्योहार के लिए अपने स्थानीय पंचांग से भी मिलान कर लें।